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मेरी बेटी छत पर फंसी है, प्लीज उसे वापस ले आओ...

Mon, 08 Sep 2014 05:25 PM IST
Updated Mon, 08 Sep 2014 05:25 PM IST
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my daughter is trapped in floods, please bring her back

पिछले चार दिनों से घाटी की बाढ़ में फंसे खिलाड़ियों की सकुशल वापसी की मांग पर घर वालों ने सोमवार को भी जम्मू में सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर नारेबाजी की।

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उनका आरोप था कि उनके बच्चे कई दिन से पानी में फंसे हुए हैं लेकिन उन्हें वहां से निकालने के लिए कुछ नहीं किया जा रहा है।

उन्होंने बचाव कार्यों में भी ओहदेदार लोगों को प्राथमिकता देने का आरोप लगाया। इस बीच तवी पुल को जाम करने पर प्रदर्शनकारियों की पुलिस के साथ धक्का मुक्की भी हुई।
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'मम्मी हमें बचा लो हम लोग मर रहे है।'

my daughter is trapped in floods, please bring her back

अभिभावकों में से एक अभिभावक निर्मल ने बताया कि एक दिन पहले उनका अपनी बेटी से संपर्क हुआ था। निर्मल ने बताया कि उनकी बेटी हीना बाली ने बताया था कि वह और उसके साथी खिलाड़ी एक इमारत की छत पर तीन दिन से फंसे हुए हैं।

वहीं तीन चार दिन से बच्चों ने कुछ भी नहीं खाया और न ही कोई मदद पहुंची है। निर्मल ने बताया कि उनकी बेटी फोन पर रोते हुए बस यह कही जा रही है कि 'मम्मी हमें बचा लो हम लोग मर रहे है।'

उन्होंने बताया कि बच्चों ने स्‍थानीय लोगों से मदद की गुहार भी लगाई थी लेकिन किसी ने भी उनकी तरफ गौर नही किया। वहीं अन्य अभिभावक ने रोते हुए बताया कि उनका बेटा मधुमेह से ग्रस्त है। उसने कई द‌िनों से कुछ नहीं खाया है।

लोकल लोग भी नहीं कर रहे है साहयता

my daughter is trapped in floods, please bring her back

उन्होंने बताया कि अभी तक न ही उनके और अन्य बच्चों के बारे में प्रशासन ने कोई भी जानकारी नहीं दी है कि उन्हें रेसक्यू किया गया है या नहीं। वहीं, वहां के लोकल लोगों ने भी उनकी सहयता करने से मना कर द‌िया।

प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे राजेंद्र पाल ने बताया कि उन सभी लोगों ने राज्य खेल मंत्री से मुलाकात कर बच्चों को बचाने के लिए गुहार की है लेकिन वह भी कोई स्पष्ट आश्वासन नहीं दे रहे हैं।

वहीं सभी अभिभावकों को अपने बच्चों की कोई भी जानकारी नहीं मिलने से उनकी चिंता में बुरा हाल हो रखा है। वह अपने बच्चों की चिंता में इधर से उधर मदद के लिए भटक रहे हैं।

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