तीन पीढ़ियों से मंदिर की देख भाल कर रहा मुस्लिम परिवार
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हिंदू मुस्लिम भाईचारे और सांप्रदायिक सद्भाव की अनोखी मिसाल यदि किसी को देखनी है तो वह राजोरी की थन्नमंडी तहसील के पुरा थन्ना क्षेत्र में देखे। पुराना थन्ना क्षेत्र में करीब 80 वर्षों से एक मुस्लिम परिवार शिव मंदिर की देख भाल कर रहा है।
जानकारी के अनुसार थन्नामंडी स्थित पुराने थन्ना में यह प्राचीन शिव मंदिर करीब 80 वर्ष पुराना है। राजोरी में आतंकवाद से पहले क्षेत्र में एक या दो हिंदू परिवार रहते थे लेकिन जब आतंकवाद ने अपने पैर पसारने शुरू किए तो वह भी वहां से कहीं चले गए।
पिछले करीब 25 वर्षो से थन्नामंडी में एक भी हिंदू परिवार नहीं रहता है। इसके बावजूद आज तक मंदिर को किसी ने कोई नुकसान नहीं पहुंचाया है।
सालों ने नहीं हुआ मंदिर में पूजा पाठ
मंदिर की देखभाल कर रहे मुस्लिम परिवार के सदस्य पूर्व सैन्य अधिकारी मोहम्मद शफी ने बताया कि हमारे खानदान की पिछली तीन पीढ़ियां शिव मंदिर की देख भाल कर रही हैं। पहले शफी के दादा शोख हुसेन देखभाल किया करते थे।
उनकी मौत के बाद शफी की मां नगीना बी ने यह जिम्मा संभाला और सैना से रिटायर होने के बाद और मां की मृत्यु के बाद शफी ने मंदिर की देखभाल करनी शुरू की। शफी के अनुसार मंदिर में कई वर्षों से किसी ने पूजा पाठ नहीं किया लेकिन इस की देखभाल हमेशा होती रही है।
मंदिर में कोई पशु न घुसे और न ही मंदिर के आगे पीछे कोई गंदगी फैलाए, इस बात का पूरा ध्यान रखा जाता है। यहां तक कि थन्नामंडी में जब आतंकवाद अपनी चरमसीमा पर था तब भी मंदिर पूरी तरह सुरक्षित रहा।
मेरा बेटा भी करेगा मंदिर की देखरेख
देश भर में चाहे मंदिर-मस्जिद के नाम पर लड़ाई झगड़े होते हों या फिर धार्मिक स्थलों को गिराने एवं नुकसान पहुंचाना की खबरें आती रहें। थन्नामंडी के इस मंदिर को आज तक किसी ने कोई नुकसान नहीं पहुंचाया।
शफी ने खानदान की इस पंरपरा को आगे भी जारी रखने की प्रतिज्ञा करते हुए कहा कि वह अपने बेटे को भी इस प्राचीनद शिव मंदिर की देख भाल करने की शिक्षा दे रहे हैं।
जब तक वह जिंदा हैं तो खुद ही मंदिर की देख रेख करेंगे और उसके बाद बेटा यह जिम्मेदारी निभाएगा।