{"_id":"6463e44cefead37a240b6156","slug":"mushroom-can-grows-money-samba-news-c-10-1-117279-2023-05-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jammu News: जम्मू में अन्य राज्य कर रहे मशरूम की आपूर्ति, स्थानीय किसान खेती कर कमाएं मोटा लाभ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jammu News: जम्मू में अन्य राज्य कर रहे मशरूम की आपूर्ति, स्थानीय किसान खेती कर कमाएं मोटा लाभ
विज्ञापन
अरनिया ब्लॉक की पंचायत चंगिया में दूसरे दिन जारी रहा किसान संपर्क अभियान
विभिन्न विभागों ने 20 लोगों को किया पंजीकृत, मशरूम उगाने के लिए किया प्रेरित
संवाद न्यूज एजेंसी
अरनिया। पंचायत चंगिया में चल रहे किसान संपर्क अभियान के दूसरे दिन अलग-अलग विभागों ने 20 लोगों को पंजीकृत किया। इस मौके पर लोगों ने इच्छानुसार सरकार द्वारा दी जा रही योजनाओं के लिए अपना नाम पंजीकृत करवाया। इस दौरान किसानों को मशरूम की खेती करने के लिए प्रेरित किया। बताया कि जम्मू में मशरूम अन्य राज्यों से आ रहा है। इसे यहां उगाकर किसान मोटा लाभ कमा सकते हैं।
कृषि विभाग के अधिकारी अनिल कुमार ने लोगों को बताया गया कि मशरूम की खेती के लिए सरकार ने कई योजनाएं चलाई हैं, जिसमें मशरूम की खेती से संबंधित पांच प्रकार के कार्य हैं। इसमें एक तो सीधा मशरूम की खेती कर सकते हैं, जिसमें मौसमी खेती और 12 महीने मशरूम की खेती की जा सकती है। दूसरा मशरूम की खेती के लिए तैयार किया जाने वाला भूसा किसान बड़े पैमाने पर तैयार करे सकते हैं, और बाद में उसे अच्छे दामों में बेच सकते हैं। तीसरा मशरूम का बीज तैयार कर सकते हैं। उसके अलावा मशरूम से संबंधित अन्य कार्य भी किए जा सकते हैं।
उन्होंने बताया कि मशरूम की किल्लत जम्मू-कश्मीर में निरंतर बढ़ती जा रही है। इसके चलते मशरूम की खेती में काफी ज्यादा लाभ देखा जा रहा है। उन्होंने बताया कि 7 से 8 टन मशरूम रोजाना अन्य राज्यों से जम्मू में आती है। इसलिए, मशरूम की खेती पर सरकार काफी ज्यादा सुविधाएं मुहैया करवा रही है। ग्रामीणों को इस योजनाओं से जुड़कर अच्छा खासा मुनाफा कमाना चाहिए। मौके पर पशुपालन विभाग के डॉक्टर जफर इकबाल, सरपंच कुसुमलता, आदि मौजूद थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विभिन्न विभागों ने 20 लोगों को किया पंजीकृत, मशरूम उगाने के लिए किया प्रेरित
संवाद न्यूज एजेंसी
अरनिया। पंचायत चंगिया में चल रहे किसान संपर्क अभियान के दूसरे दिन अलग-अलग विभागों ने 20 लोगों को पंजीकृत किया। इस मौके पर लोगों ने इच्छानुसार सरकार द्वारा दी जा रही योजनाओं के लिए अपना नाम पंजीकृत करवाया। इस दौरान किसानों को मशरूम की खेती करने के लिए प्रेरित किया। बताया कि जम्मू में मशरूम अन्य राज्यों से आ रहा है। इसे यहां उगाकर किसान मोटा लाभ कमा सकते हैं।
कृषि विभाग के अधिकारी अनिल कुमार ने लोगों को बताया गया कि मशरूम की खेती के लिए सरकार ने कई योजनाएं चलाई हैं, जिसमें मशरूम की खेती से संबंधित पांच प्रकार के कार्य हैं। इसमें एक तो सीधा मशरूम की खेती कर सकते हैं, जिसमें मौसमी खेती और 12 महीने मशरूम की खेती की जा सकती है। दूसरा मशरूम की खेती के लिए तैयार किया जाने वाला भूसा किसान बड़े पैमाने पर तैयार करे सकते हैं, और बाद में उसे अच्छे दामों में बेच सकते हैं। तीसरा मशरूम का बीज तैयार कर सकते हैं। उसके अलावा मशरूम से संबंधित अन्य कार्य भी किए जा सकते हैं।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि मशरूम की किल्लत जम्मू-कश्मीर में निरंतर बढ़ती जा रही है। इसके चलते मशरूम की खेती में काफी ज्यादा लाभ देखा जा रहा है। उन्होंने बताया कि 7 से 8 टन मशरूम रोजाना अन्य राज्यों से जम्मू में आती है। इसलिए, मशरूम की खेती पर सरकार काफी ज्यादा सुविधाएं मुहैया करवा रही है। ग्रामीणों को इस योजनाओं से जुड़कर अच्छा खासा मुनाफा कमाना चाहिए। मौके पर पशुपालन विभाग के डॉक्टर जफर इकबाल, सरपंच कुसुमलता, आदि मौजूद थे।
विज्ञापन