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Jammu News: महंत प्रगट नाथ की हत्या का मुख्य आरोपी हरियाणा से गिरफ्तार
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महंत प्रकट नाथ ही हत्या के आरोपी के साथ पुलिस टीम
दक्षिण पश्चिम दिल्ली का रहने वाला है आशीष कुमार, एक आरोपी की हो चुकी है मौत
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। वर्ष 2019 में 15 और 16 नवंबर की रात को अखनूर रोड पर तोफ पुल स्थित काली माता मंदिर के महंत प्रगट नाथ की हत्या के पांच साल पुराने मामले में बख्शी नगर पुलिस ने मुख्य आरोपी आशीष कुमार उर्फ हंसाई नाथ को हरियाणा के जींद से गिरफ्तार किया है। वह पुलिस की पकड़ से लगातार बच रहा था।
बता दें कि महंत प्रगट नाथ की हत्या के मामले में बख्शी नगर पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज हुई थी। इसके बाद पुलिस ने इस मामले में जांच शुरू की। तकनीकी साक्ष्य जुटाए, जिसमें दो कुख्यात अपराधियों की संलिप्तता सामने आई। इसमें एक आरोपी तरलोक सिंह पुत्र लाखन सिंह निवासी मुरादाबाद (उत्तर प्रदेश) की पहचान की गई थी, लेकिन वह फरार हो गया था। बाद में उसका निधन हो गया। वहीं, पुलिस ने जांच जारी रखते हुए मुख्य आरोपी के रूप में आशीष कुमार उर्फ हंसाई की पहचान की। वह कैलाशपुरी एक्सटेंशन, पालम कॉलोनी, दक्षिण पश्चिम दिल्ली का रहने वाला है। पुलिस को पिछले दिनों जानकारी मिली थी कि आशीष कुमार उर्फ हंसाई हरियाणा के जींद में है। इस पर बख्शी नगर पुलिस स्टेशन टीम वहां पहुंची और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। अभी तक की जांच में पता चला है कि दोनों आरोपी उत्तर प्रदेश और हरियाणा व अन्य राज्यों में चोरी, धोखाधड़ी और हत्या सहित कई आपराधिक गतिविधियों में शामिल एक गिरोह के हिस्से के रूप में काम करते थे।
आशीष कुमार की गिरफ्तारी के बाद सभी आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी कर सक्षम अदालत के समक्ष आरोप पत्र दाखिल कर दिया गया। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने जांच टीम के प्रयासों की सराहना की, जिनकी दृढ़ता और उन्नत तकनीक के उपयोग से यह महत्वपूर्ण सफलता मिली। महंत प्रगट सिंह का शव मंदिर के अंदर ही खून से लथपथ मिला था। उसके शव का पोस्टमार्टम डाक्टरों के बोर्ड ने किया था।
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आरोपी ने 20 साल की आयु में की थी महंत की हत्या
महंत प्रगट नाथ की हत्या के बाद आरोपियों ने वहां से नकदी, चढ़ावा भी ले गए थे। पुलिस के अनुसार दोनों आरोपी महंत के साथ एक मेले में मिली थे। महंत की हत्या करने से पहले एक से दो बार वह जम्मू आए थे। इस दौरान उन्होंने देखा कि मंदिर में काफी चढ़ावा चढ़ता है। उनकी नियत बदल गई और उन्होंने यह वारदात करने का मन बनाया। पुलिस के मुताबिक मुख्य आरोपी आशीष ने जब महंत की हत्या की थी तब उसकी आयु सिर्फ 20 साल थी जबकि दूसरी अपराधी की आयु 37 साल थी। दोनों नशे के आदी भी थे। इस मामले में कई टीमें बनी थीं, जिसमें मुख्य टीम हरियाणा गई जहां स्थानीय पुलिस की मदद से उक्त आरोपी को गिरफ्तार किया।
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अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। वर्ष 2019 में 15 और 16 नवंबर की रात को अखनूर रोड पर तोफ पुल स्थित काली माता मंदिर के महंत प्रगट नाथ की हत्या के पांच साल पुराने मामले में बख्शी नगर पुलिस ने मुख्य आरोपी आशीष कुमार उर्फ हंसाई नाथ को हरियाणा के जींद से गिरफ्तार किया है। वह पुलिस की पकड़ से लगातार बच रहा था।
बता दें कि महंत प्रगट नाथ की हत्या के मामले में बख्शी नगर पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज हुई थी। इसके बाद पुलिस ने इस मामले में जांच शुरू की। तकनीकी साक्ष्य जुटाए, जिसमें दो कुख्यात अपराधियों की संलिप्तता सामने आई। इसमें एक आरोपी तरलोक सिंह पुत्र लाखन सिंह निवासी मुरादाबाद (उत्तर प्रदेश) की पहचान की गई थी, लेकिन वह फरार हो गया था। बाद में उसका निधन हो गया। वहीं, पुलिस ने जांच जारी रखते हुए मुख्य आरोपी के रूप में आशीष कुमार उर्फ हंसाई की पहचान की। वह कैलाशपुरी एक्सटेंशन, पालम कॉलोनी, दक्षिण पश्चिम दिल्ली का रहने वाला है। पुलिस को पिछले दिनों जानकारी मिली थी कि आशीष कुमार उर्फ हंसाई हरियाणा के जींद में है। इस पर बख्शी नगर पुलिस स्टेशन टीम वहां पहुंची और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। अभी तक की जांच में पता चला है कि दोनों आरोपी उत्तर प्रदेश और हरियाणा व अन्य राज्यों में चोरी, धोखाधड़ी और हत्या सहित कई आपराधिक गतिविधियों में शामिल एक गिरोह के हिस्से के रूप में काम करते थे।
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आशीष कुमार की गिरफ्तारी के बाद सभी आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी कर सक्षम अदालत के समक्ष आरोप पत्र दाखिल कर दिया गया। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने जांच टीम के प्रयासों की सराहना की, जिनकी दृढ़ता और उन्नत तकनीक के उपयोग से यह महत्वपूर्ण सफलता मिली। महंत प्रगट सिंह का शव मंदिर के अंदर ही खून से लथपथ मिला था। उसके शव का पोस्टमार्टम डाक्टरों के बोर्ड ने किया था।
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आरोपी ने 20 साल की आयु में की थी महंत की हत्या
महंत प्रगट नाथ की हत्या के बाद आरोपियों ने वहां से नकदी, चढ़ावा भी ले गए थे। पुलिस के अनुसार दोनों आरोपी महंत के साथ एक मेले में मिली थे। महंत की हत्या करने से पहले एक से दो बार वह जम्मू आए थे। इस दौरान उन्होंने देखा कि मंदिर में काफी चढ़ावा चढ़ता है। उनकी नियत बदल गई और उन्होंने यह वारदात करने का मन बनाया। पुलिस के मुताबिक मुख्य आरोपी आशीष ने जब महंत की हत्या की थी तब उसकी आयु सिर्फ 20 साल थी जबकि दूसरी अपराधी की आयु 37 साल थी। दोनों नशे के आदी भी थे। इस मामले में कई टीमें बनी थीं, जिसमें मुख्य टीम हरियाणा गई जहां स्थानीय पुलिस की मदद से उक्त आरोपी को गिरफ्तार किया।