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मुफ्ती सरकार नई भर्ती नीति अध्यादेश लागू करने पर अड़ी

Thu, 30 Apr 2015 10:56 AM IST
Updated Thu, 30 Apr 2015 10:56 AM IST
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Mufti government adamant on implementing new recruitment policy ordinance

मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद ने हर हाल में नई भर्ती नीति को लागू करने का मन बना लिया है। संबंधित अध्यादेश दोबारा राज्यपाल एनएन वोहरा के पास भेजा जा रहा है। गवर्नर ने नीति के संबंध में कुछ सवाल के साथ अध्यादेश सरकार को वापस कर दिया था।

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सरकार की ओर से दी गई सफाई में दुर्गम इलाकों में लोगों को जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए नीति को जरूरी बताया गया है। भर्ती में पारदर्शी तरीके अपनाने की भी बात कही गई है।
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गवर्नर की मंजूरी के बाद यह अध्यादेश लागू हो जाएगा। सरकार विधानसभा के शीतकालीन सत्र में इससे संबंधित विधेयक पारित कर इसे स्थाई कानून का रूप देना चाहती है।
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विपक्षी दलों ने नीति पर सवाल खड़े किए

Mufti government adamant on implementing new recruitment policy ordinance

गौरतलब है कि विभागों में खाली पदों पर कांट्रेक्ट के आधार पर भर्ती के लिए सरकार ने नई नीति बनाई है। दरअसल दुर्गम क्षेत्रों में कई विभागों में कोई सरकारी मुलाजिम जाना नहीं चाहते हैं।

नई नीति के तहत दुर्गम इलाकों के लिए डाक्टरों एवं अन्य पदों पर जिलाधिकारी स्तर पर ठेके पर नियुक्तियां की जाएंगी। नियुक्त व्यक्ति को उस क्षेत्र में रहना जरूरी होगा। सात साल की सेवा के बाद संबंधित कर्मचारी को नियमित किया जाएगा।

नेशनल कांफ्रेंस समेत तमाम विपक्षी दलों ने नीति पर सवाल खड़े किए थे और इसमें भ्रष्टाचार और अनियमितता की आशंका प्रकट की थी। कैबिनेट की मंजूरी के बाद गवर्नर को संबंधित अध्यादेश भेजा गया लेकिन गवर्नर ने उसे वापस कर दिया था।

सरकार इस मुद्दे पर पीछे नहीं हटेगी

Mufti government adamant on implementing new recruitment policy ordinance

शिक्षा मंत्री नईम अख्तर का कहना है कि सरकार इस मुद्दे पर पीछे नहीं हटेगी। कई दूरदराज इलाकों में कोई डाक्टर, इंजीनियर और शिक्षक नहीं हैं। इस नीति से यह कमी समाप्त हो सकेगी। जम्मू के बनी, बसोहली, रियासी और कश्मीर के गुरेज, करनाह, टंगधार जैसे इलाकों में कोई कर्मचारी जाना नहीं चाहता है।

उन इलाके के लोगों को जरूरी सरकारी सुविधाएं नहीं मिल पाती हैं। उन्होंने कहा कि नीति के व्यापक उद्देश्यों की व्याख्या के साथ गवर्नर को उत्तर भेजा जा रहा है। अब तक जो भर्ती एजेंसियां काम कर रही हैं, वह पूर्ववत काम करती रहेंगी। खाली पदों पर भर्ती को गति देने के लिए नई नीति लागू की जा रही है।

वर्तमान में गजटेड और नन गजटेड पदों के लिए जम्मू कश्मीर लोक सेवा आयोग और सर्विस सेलेक्शन बोर्ड से भर्तियां होती हैं। नई नीति में जिलाधिकारी (डीसी) के नेतृत्व में बने पैनल के जरिए ठेके पर नियुक्तियां जिला स्तर पर की जा सकेंगी। इस नीति के तहत दूरदराज इलाकों के उन 15000 खाली पदों को भरा जाना है जिन पदों को अब तक भर्ती एजेंसियों को नहीं भेजा गया है।

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