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मच्छरों की दहशत इतनी कि बनाए गए सर्विलांस सेंटर
ब्यूरो/अमर उजाला, राजोरी
Updated Fri, 05 Dec 2014 10:45 PM IST
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संभाग में मच्छरों की दहशत से कई अस्पतालों में सर्विलांस सेंटर बनाए गए हैं। शहर के गांधीनगर, सरवाल और जिला सांबा अस्पताल में इन केंद्रों को स्थापित किया गया है। जिसमें पाजिटिव मामलों में पीड़ितों का एलिजा टेस्ट करने के साथ चिकित्सा शुरू की जा सकेगी।
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पिछले साल रिकार्ड पाजिटिव मामले आने से सिर्फ स्वास्थ्य निदेशालय जम्मू में ही यह सुविधा की गई थी। हालांकि इस सीजन अधिक एहतियात से कोई पाजिटिव मामला सामने न आने से मलेरिया विंग को थोड़ी राहत मिली है।
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स्टेट मलेरियाजिस्ट डा. गुरजीत सिंह के अनुसार मच्छरों से निपटने के लिए एंटी लारवा सप्रे सहित सभी उपाय किए गए हैं। पाजिटिव मामलों को पकड़ में लाने और उन्हें उचित इलाज के लिए सभी जरूरी इंतजाम किए गए हैं। इसके तहत सर्विलांस सेंटर को अस्पतालों में स्थापित किया गया है।
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उल्लेखनीय है कि पिछले साल 1800 के करीब डेंगू के रिकार्ड पाजिटिव मामले सामने आए थे। इसमें पांच हजार से ज्यादा लोगों के खून के नमूने लिए गए थे। डेंगू की दहशत से इस बार गर्मियों में ही मलेरिया विंग ने सक्रियता बढ़ा दी थी।
इसमें पिछले साल के प्रभावित सांबा, कठुआ, जम्मू और राजोरी जिले पर ज्यादा ध्यान केंद्रित करके मच्छरों को खत्म किया गया। लेकिन लारबा के एक साल से अधिक समय तक सक्रिय रहने से अभी भी एहतियात बरती जा रही है। इसके लिए अगले सीजन की तैयारी पहले से ही शुरू कर दी गई है।
सर्विलांस सेंटरों में पीड़ितों के लिए एलिजा टेस्ट की सुविधा उपलब्ध है। पिछले साल निजी क्लीनिकों पर बड़ी संख्या में लोग डेंगू के टेस्ट करवाने के लिए पहुंचे थे। लेकिन एलिजा टेस्ट की सरकारी तौर पर ही सुविधा उपलब्ध है।