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बंदरों की बढ़ती संख्या लोगों को लिए बन रही परेशानी का सबब
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बिलावर। कस्बे सहित इलाके के दर्जनों गांवों में इन दिनों बंदरों की बढ़ रही संख्या से लोग चिंतित हैं। कस्बे में बंदरों की संख्या इतनी अधिक है कि किसी भी गली-मोहल्ले में इनको हर दिन आतंक मचाते हुए देखा जा सकता है।
बिलावर के साथ दर्जनों गांवों में बंदरों के डर से कई किसानों ने फसलें लगाना छोड़ दी हैं। एडीसी कार्यालय, मुंसिफ कोर्ट, तहसीलदार ब्लॉक कार्यालय, मुख्य बाजार और नगर कमेटी के अधिकतर वार्डों में इन दिनों सैकड़ों बंदर मौजूद हैं, जिसके चलते लोगों को काफी दिक्कतें उठानी पड़ती हैं। लोगों ने बताया कि जब कई बंदर इकट्ठे होकर निकलते हैं तो इन पर काबू पाना मुश्किल हो जाता है।
किसान रोशन लाल ने बताया कि ज्यादातर किसानों ने बंदरों के कारण मक्की की फसल लगाना छोड़ दी है। किसान मनोहर लाल ने कहा कि 50 प्रतिशत से अधिक फसल बंदरों के चलते तबाह हो जाती है, जिससे किसानों की मेहनत बेकार हो जाती है। लोगों ने सरकार से मांग की है कि जल्द से जल्द इलाके में बढ़ रही बंदरों की संख्या पर अंकुश लगाने के लिए कोई योजना बनाई जाए। जिससे लोगों को बंदरों के आतंक से मुक्ति मिले।
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बिलावर के साथ दर्जनों गांवों में बंदरों के डर से कई किसानों ने फसलें लगाना छोड़ दी हैं। एडीसी कार्यालय, मुंसिफ कोर्ट, तहसीलदार ब्लॉक कार्यालय, मुख्य बाजार और नगर कमेटी के अधिकतर वार्डों में इन दिनों सैकड़ों बंदर मौजूद हैं, जिसके चलते लोगों को काफी दिक्कतें उठानी पड़ती हैं। लोगों ने बताया कि जब कई बंदर इकट्ठे होकर निकलते हैं तो इन पर काबू पाना मुश्किल हो जाता है।
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किसान रोशन लाल ने बताया कि ज्यादातर किसानों ने बंदरों के कारण मक्की की फसल लगाना छोड़ दी है। किसान मनोहर लाल ने कहा कि 50 प्रतिशत से अधिक फसल बंदरों के चलते तबाह हो जाती है, जिससे किसानों की मेहनत बेकार हो जाती है। लोगों ने सरकार से मांग की है कि जल्द से जल्द इलाके में बढ़ रही बंदरों की संख्या पर अंकुश लगाने के लिए कोई योजना बनाई जाए। जिससे लोगों को बंदरों के आतंक से मुक्ति मिले।
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