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कश्मीर: आतंकियों ने मोबाइल टावर पर लगया अपना ट्रांसमीटर

Sat, 09 May 2015 11:09 AM IST
Updated Sat, 09 May 2015 11:09 AM IST
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mobile company employee beaten badly by unknown peoples in sopore

उत्तरी कश्मीर के बारामुला जिले के सोपोर में अज्ञात लोगों द्वारा दो मोबाइल कंपनियों के कर्मचारियों की जमकर पिटाई की और उन्हें धमकाया भी। जानकारी के अनुसार सोपोर में लगाए गए एक मोबाइल टावर से अवैध रूप से इंस्टाल किए गए ट्रांसमीटर उतारने पर मारपीट की वारदात को अंजाम दिया गया।

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सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार जब शाम को एक मोबाइल कंपनी के कर्मचारी इलाके में लगाए गए टावर में डीजल भरने गए, तो टेक्निकल स्टाफ ने टावर पर एक ऐसा उपकरण पाया गया, जो कंपनी का नहीं था। इसके बाद वह टावर पर चढ़े और उस उपकरण को उतार लिया।
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बताया जाता है कि वह उपकरण हाई फ्रीक्वेंसी ट्रांसमीटर था, जिसे आतंकियों ने लगाया था। जानकारी के अनुसार इस घटना के बाद कुछ अज्ञात लोग कंपनी के दफ्तर में देर रात घुसे और कर्मचारियों की जमकर पिटाई की। उन्होंने ट्रांसमीटर लौटने को कहा। साथ ही यह भी धमकी दी कि अगर नहीं लौटाया, तो नतीजा बुरा होगा।

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आतंकियों को चाहिए ऐसे ट्रांसमीटर

mobile company employee beaten badly by unknown peoples in sopore

इस घटना को लेकर उत्तरी कश्मीर के डीआईजी गरीब दास ने अमर उजाला से बात करते हुए कहा कि वह घटना को लेकर गंभीरता से जांच कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि इसको लेकर पुलिस द्वारा कई लोगों से पूछताछ की गई है। तफ्तीश तबतक जारी रहेगी, जब तक वह इसकी जड़ तक नहीं जाते।

दास के अनुसार अगर ट्रांसमीटर वाली बात सही निकली, तो यह काफी चिंताजनक बात है।गौरतलब है कि यह घटना कहीं न कहीं सुरक्षा एजेंसियों के लिए चिंता का विषय जरूर है, क्योंकि घाटी में मोबाइल टावरों की संख्या इतनी ज्यादा है कि अगर आतंकी इन टावरों का उपयोग करने लगे, तो सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ी चुनौती होगी, क्योंकि जानकारी यह भी है कि आतंकी लो-रेंज के ट्रांसमीटर इस्तेमाल करते हैं।

उन्हें लांग-रेंज संचार के लिए हाई-फ्रीक्वेंसी ट्रांसमीटरों की आवश्यकता रहती है। वह तब तक कामयाब नहीं रहती, जबतक सही तरह से उपयोग में न लाई जाए। इतना ही नहीं, खुफिया विभाग के अनुसार टावरों के दुरुपयोग होने से आतंकी एलओसी पार भी संपर्क साध सकते हैं।

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