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अवाम के गुस्से को सत्र में मुखर करें विधायक : फारूक
ब्यूरो, अमर उजाला/जम्मू
Updated Tue, 24 May 2016 08:46 PM IST
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रियासत के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. फारूक अब्दुल्ला
- फोटो : FILE PHOTO
पूर्व केंद्रीय मंत्री और नेशनल कांफ्रेंस के अध्यक्ष डा. फारूक अब्दुल्ला ने पार्टी विधायकों से दो टूक कहा है वह विधानसभा सत्र में अवाम के गुस्से का प्रतिनिधित्व करें। श्रीनगर स्थित अपने निवास पर मंगलवार की सुबह पार्टी विधायकों से मुखातिब फारूक ने कहा भाजपा और पीडीपी गठबंधन की अवाम के प्रति जवाबदेही होनी चाहिए।
एजेंडा आफ अलायंस को भुलाने के साथ-साथ सरकार ने जिस तरह से राज्य के राजनीतिक अधिकारों और विशेष दर्जे को सुरक्षित रखने में नाकामी पाई है यह गंभीर मामले हैं।
नेकां अध्यक्ष ने कहा कि नेशनल फूड सिक्योरिटी एक्ट, नीट को जम्मू कश्मीर में लागू करने से लेकर सैनिक कालोनी और एक विशेष समुदाय के लिए अलग टाउनशिप के मुद्दों पर सरकार ने असमंजस की स्थिति बना रखी है। विधानसभा और विधान परिषद में विधायकों को इन तमाम मुद्दों पर सरकार से स्थिति स्पष्ट करवानी चाहिए।
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राज्य की स्वायतत्ता पर प्रहार करते हुए जिस तरह से विशेष दर्जे के साथ समझौता किया जा रहा है उसे किसी भी रूप में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है। राज्य में कायदा कानून और न्याय व्यवस्था से जुड़े मामलों पर सरकार ने दूरदर्शिता नहीं दिखाई। यही वजह है कि युवा आतंकी तंजीमों में शामिल हो रहे हैं।
श्रीनगर में हालिया हमला, हंदवाड़ा और कुपवाड़ा मामलों में सरकार की लापरवाही कई सवाल खड़े करती है। इन तमाम सवालों पर पार्टी विधायक सरकार से जवाब हासिल करें।
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एजेंडा आफ अलायंस को भुलाने के साथ-साथ सरकार ने जिस तरह से राज्य के राजनीतिक अधिकारों और विशेष दर्जे को सुरक्षित रखने में नाकामी पाई है यह गंभीर मामले हैं।
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नेकां अध्यक्ष ने कहा कि नेशनल फूड सिक्योरिटी एक्ट, नीट को जम्मू कश्मीर में लागू करने से लेकर सैनिक कालोनी और एक विशेष समुदाय के लिए अलग टाउनशिप के मुद्दों पर सरकार ने असमंजस की स्थिति बना रखी है। विधानसभा और विधान परिषद में विधायकों को इन तमाम मुद्दों पर सरकार से स्थिति स्पष्ट करवानी चाहिए।
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राज्य की स्वायतत्ता पर प्रहार करते हुए जिस तरह से विशेष दर्जे के साथ समझौता किया जा रहा है उसे किसी भी रूप में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है। राज्य में कायदा कानून और न्याय व्यवस्था से जुड़े मामलों पर सरकार ने दूरदर्शिता नहीं दिखाई। यही वजह है कि युवा आतंकी तंजीमों में शामिल हो रहे हैं।
श्रीनगर में हालिया हमला, हंदवाड़ा और कुपवाड़ा मामलों में सरकार की लापरवाही कई सवाल खड़े करती है। इन तमाम सवालों पर पार्टी विधायक सरकार से जवाब हासिल करें।