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एमके भारद्वाज तीसरी बार बने बार एसोसिएशन के अध्यक्ष, कोतवाल से मिली कड़ी टक्कर
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जम्मू। दो बार हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के प्रधान रह चुके एमके भारद्वाज तीसरी बार एसोसिएशन के अध्यक्ष बन गए हैं। इसके साथ ही मोहिंदर पाल सिंह पाली उपाध्यक्ष, सुरजीत अंडोत्रा महासचिव, आदित्य शर्मा संयुक्त सचिव और अमनदीप सिंह कोषाध्यक्ष निर्वाचित घोषित किए गए। मतदान के दूसरे दिन रविवार को मतगणना के बाद देर रात परिणाम की घोषणा की गई। चुनाव में 1591 में से 1413 ने मताधिकार का प्रयोग किया।
चुनाव अधिकारी सुरिंदर सिंह के अनुसार अध्यक्ष पद पर एमके भारद्वाज को 651, के निर्मल कोतवाल को 421, रंजीत सिंह को 217 और अशोक शर्मा को 123 मत मिले। उप प्रधान पद पर मोहिंदर पाल सिंह उर्फ पाली ने बड़े अंतर से जीत दर्ज की। वह 300 से अधिक वोटों से जीते। मोहिंदर को 540, उनके प्रतिद्वंद्वी गुरजीत सिंह को 269, रोहित वर्मा को 269 और पीएस पवार को 323 वोट मिले। वह यंग लायर्स के अध्यक्ष भी रह चुके हैं। महासचिव पद पर चुनाव लड़ रहे तीन में से दो उम्मीदवारों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली। अंत तक सुरजीत सिंह अंडोत्रा और अमित गुप्ता के बीच कांटे का टक्कर रही। सुरजीत सिंह ने अमित को हरा दिया। सुरजीत सिंह को 563, अमित गुप्ता को 536 और हिमांशु शर्मा को 310 वोट हासिल हुए। संयुक्त सचिव के पद पर आमने सामने की कड़ी टक्कर में आदित्य शर्मा को 711 व अतुल शर्मा को 699 मत मिले। कोषाध्यक्ष के पद पर अमनदीप सिंह ने 902 और साहिल शर्मा को 498 वोट हासिल हुए।
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खुशी से झूमे समर्थक-जमकर थिरके, नए अध्यक्ष बोले-वकीलों का हित सर्वोपरि
एमके भारद्वाज की जीत का एलान होते ही उनके समर्थक खुशी से झूम उठे। ढोल नगाड़ों की थाप पर जमकर थिरके। भारद्वाज के बाहर आते ही समर्थकों ने उन्हें कंधे पर उठा लिया। भारद्वाज ने कहा कि जिस उम्मीद से उन्हें जिताया गया है, वह उस पर खतरा उतरेंगे। पहले भी दो बार वह वकीलों के हित के लिए काम कर चुके हैं और आगे भी करेंगे। उन्होंने चुनाव से पहले जो वादे किए थे, उन पर खरा उतरेंगे। बिना किसी मतभेद और राजनीतिक हस्तक्षेप के वकीलों के लिए काम किया जाएगा। वह 1999-2000 और 2012 से 2014 तक अध्यक्ष रह चुके हैं।
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15 उम्मीदवार थे मैदान में
तीन साल बाद हुए चुनाव में 15 उम्मीदवार मैदान में थे। 1400 से अधिक वोटरों ने मतदान किया था।
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मतगणना वाले कमरे में ढोल नहीं बजाने दिया
उम्मीदवारों ने जीत के जश्न में ढोल नगाड़े बजाए। विजेता उम्मीदवारों के कुछ समर्थक ढोल लेकर मतगणना वाले कमरे में चले गए, जिन्हें बाहर कर दिया गया। रिटर्निंग अफसर सुरिंदर सिंह ने कहा कि ढोल बाहर बजाएं, क्योंकि इससे मतगणना प्रक्रिया प्रभावित हो रही है। इसके बाद ढोल नगाड़े बाहर आकर बजाए गए।
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दूसरे दिन मतगणना, फिर भी रात के 10 बज गए
पिछले चुनाव में बार एसोसिएशन के चुनाव के दिन ही मतगणना हुई थी, लेकिन देर रात 2 बजे तक भी परिणाम सही तरीके से घोषित नहीं हो सके थे। अगले दिन मतगणना दोबारा करानी पड़ी। इस बार मतदान के अगले दिन मतगणना शुरू की गई। इसके बावजूद परिणाम आने में रात के 10 बज गए। कुछ वकीलों ने कहा कि दूसरे दिन भी मतगणना में इतना वक्त लगना था तो क्यों नहीं पहले ही दिन करा दी गई। कुछ लोगों ने धीमी मतगणना पर एतराज भी जताया।
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इस बार किसी महिला उम्मीदवार ने नहीं लड़ा चुनाव
इस बार के चुनाव में कुल 15 उम्मीदवार मैदान में थे, जबकि 1400 में से करीब 400 महिलाओं ने भी वोट किया। किसी भी पद पर किसी महिला उम्मीदवार ने चुनाव नहीं लड़ा। ऐसा पहली बार हुआ है, जब किसी महिला उम्मीवार ने चुनाव में हिस्सा नहीं लिया। पिछली बार महिला एडवोकेट सनिग्धा शेखर ने चुनाव लड़ा था, हालांकि वह भी हार गई थीं। इस बार कोई महिला उम्मीदवार मैदान में ही नहीं उतरीं।
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चुनाव अधिकारी सुरिंदर सिंह के अनुसार अध्यक्ष पद पर एमके भारद्वाज को 651, के निर्मल कोतवाल को 421, रंजीत सिंह को 217 और अशोक शर्मा को 123 मत मिले। उप प्रधान पद पर मोहिंदर पाल सिंह उर्फ पाली ने बड़े अंतर से जीत दर्ज की। वह 300 से अधिक वोटों से जीते। मोहिंदर को 540, उनके प्रतिद्वंद्वी गुरजीत सिंह को 269, रोहित वर्मा को 269 और पीएस पवार को 323 वोट मिले। वह यंग लायर्स के अध्यक्ष भी रह चुके हैं। महासचिव पद पर चुनाव लड़ रहे तीन में से दो उम्मीदवारों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली। अंत तक सुरजीत सिंह अंडोत्रा और अमित गुप्ता के बीच कांटे का टक्कर रही। सुरजीत सिंह ने अमित को हरा दिया। सुरजीत सिंह को 563, अमित गुप्ता को 536 और हिमांशु शर्मा को 310 वोट हासिल हुए। संयुक्त सचिव के पद पर आमने सामने की कड़ी टक्कर में आदित्य शर्मा को 711 व अतुल शर्मा को 699 मत मिले। कोषाध्यक्ष के पद पर अमनदीप सिंह ने 902 और साहिल शर्मा को 498 वोट हासिल हुए।
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खुशी से झूमे समर्थक-जमकर थिरके, नए अध्यक्ष बोले-वकीलों का हित सर्वोपरि
एमके भारद्वाज की जीत का एलान होते ही उनके समर्थक खुशी से झूम उठे। ढोल नगाड़ों की थाप पर जमकर थिरके। भारद्वाज के बाहर आते ही समर्थकों ने उन्हें कंधे पर उठा लिया। भारद्वाज ने कहा कि जिस उम्मीद से उन्हें जिताया गया है, वह उस पर खतरा उतरेंगे। पहले भी दो बार वह वकीलों के हित के लिए काम कर चुके हैं और आगे भी करेंगे। उन्होंने चुनाव से पहले जो वादे किए थे, उन पर खरा उतरेंगे। बिना किसी मतभेद और राजनीतिक हस्तक्षेप के वकीलों के लिए काम किया जाएगा। वह 1999-2000 और 2012 से 2014 तक अध्यक्ष रह चुके हैं।
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15 उम्मीदवार थे मैदान में
तीन साल बाद हुए चुनाव में 15 उम्मीदवार मैदान में थे। 1400 से अधिक वोटरों ने मतदान किया था।
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मतगणना वाले कमरे में ढोल नहीं बजाने दिया
उम्मीदवारों ने जीत के जश्न में ढोल नगाड़े बजाए। विजेता उम्मीदवारों के कुछ समर्थक ढोल लेकर मतगणना वाले कमरे में चले गए, जिन्हें बाहर कर दिया गया। रिटर्निंग अफसर सुरिंदर सिंह ने कहा कि ढोल बाहर बजाएं, क्योंकि इससे मतगणना प्रक्रिया प्रभावित हो रही है। इसके बाद ढोल नगाड़े बाहर आकर बजाए गए।
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दूसरे दिन मतगणना, फिर भी रात के 10 बज गए
पिछले चुनाव में बार एसोसिएशन के चुनाव के दिन ही मतगणना हुई थी, लेकिन देर रात 2 बजे तक भी परिणाम सही तरीके से घोषित नहीं हो सके थे। अगले दिन मतगणना दोबारा करानी पड़ी। इस बार मतदान के अगले दिन मतगणना शुरू की गई। इसके बावजूद परिणाम आने में रात के 10 बज गए। कुछ वकीलों ने कहा कि दूसरे दिन भी मतगणना में इतना वक्त लगना था तो क्यों नहीं पहले ही दिन करा दी गई। कुछ लोगों ने धीमी मतगणना पर एतराज भी जताया।
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इस बार किसी महिला उम्मीदवार ने नहीं लड़ा चुनाव
इस बार के चुनाव में कुल 15 उम्मीदवार मैदान में थे, जबकि 1400 में से करीब 400 महिलाओं ने भी वोट किया। किसी भी पद पर किसी महिला उम्मीदवार ने चुनाव नहीं लड़ा। ऐसा पहली बार हुआ है, जब किसी महिला उम्मीवार ने चुनाव में हिस्सा नहीं लिया। पिछली बार महिला एडवोकेट सनिग्धा शेखर ने चुनाव लड़ा था, हालांकि वह भी हार गई थीं। इस बार कोई महिला उम्मीदवार मैदान में ही नहीं उतरीं।