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J&K: आतंकियों को माशूकाओं की वफाई पर हो रहा शक, मिलने से कर रहे हैं तौबा

Tue, 24 Oct 2017 12:15 PM IST
amarujala.com- Presented by: चंद्रा पाण्डेय
amarujala.com- Presented by: चंद्रा पाण्डेय Updated Tue, 24 Oct 2017 12:15 PM IST
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Militants suspect getting on their girlfriend's , after burhan and abu case in srinagar
प्रेमिकाओं से संपर्क करने में हिचकिचा रहे हैं आतंकी - फोटो : demo photo

माशूकाओं की बेवफाई पर जान देने और लेने के कई किस्से हैं। इससे खूंखार आतंकी भी नहीं बच पाए हैं। कश्मीर में तीन बड़े आतंकी माशूकाओं की बेवफाई की वजह से ही मारे गए। शायद यही कारण है कि आतंकियों ने अपनी प्रेमिकाओं से संपर्क करना या तो छोड़ दिया है या फिर कम कर दिया है। आतंकियों को शक होने लगा है कि कहीं उनकी माशूका ही उनकी मौत का कारण न बन जाए। 

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दरअसल, पिछले कुछ समय में कश्मीर में टाप के आतंकी अपनी प्रेमिकाओं की वजह से मारे गए हैं। इसमें घाटी का पोस्टर बॉय आतंकी बुरहान वानी, इसके बाद सब्जार भट्ट और अब हाल ही में मारा गया आतंकी अबू दुजाना शामिल हैं। सूत्रों का कहना है कि दुजाना पुलवामा में रहने वाली प्रेमिका से मिलने के लिए लगातार आता था। इसके बाद सुरक्षा एजेंसियों ने उसकी प्रेमिका से संपर्क किया और विश्वास में लेकर दुजाना का पता लगाया।
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अभी एक दिन पहले ही आतंकियों ने पुलवामा में ही दो युवतियों पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दीं। इसमें एक युवती की मौत हो गई। बताया जाता है कि इनमें से एक युवती किसी आतंकी की प्रेमिका थी। सूत्रों का यह भी कहना है कि इससे पहले सब्जार भट्ट और बुरहान वानी भी माशूकाओं की सूचना पर ही मारे गए थे। यही एक कारण है कि आतंकियों ने प्रेमिकाओं से संबंध खत्म करने की कोशिश में हैं। वह या तो प्रेमिकाओं को मारने लगे हैं। या फिर उनके साथ किसी भी तरह का संपर्क तोड़ रहे हैं। 

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1990 में भी अपनाया गया था ट्रेंड

नब्बे के दशक में भी घाटी में यह ट्रेंड सामने आया था। तब सुरक्षा एजेंसियों ने आतंकियों की माशूकाओं से संपर्क कर आतंकियों का पता लगाया और उन्हें चुन-चुन कर मारा था। अब फिर से सुरक्षा एजेंसियों ने यह तकनीक अपनाई है। जो काफी असरदार भी रही है। 
 

जब हाथ में मेहंदी लगाकर नाचा था आतंकी

आतंकियों की प्रेम कहानियां काफी पुरानी हैं। वर्ष 1998 के वक्त राजोरी और पुंछ जिले में भी आतंकवाद पनपा था। तब पाकिस्तान से एक आतंकी राजोरी जिले के कालाकोट में पहुंचा। यहां उसने एक शादी में हिस्सा लिया और वहां मौजूद अपनी माशूका से अपने हाथों पर मेहंदी लगवाई और हाथ पर माशूका का नाम भी लिखवाया। उसके साथ नाचा भी था। हालांकि बाद में वह माशूका की जानकारी पर ही मारा गया। यह घटना खूब चर्चा में रही थी।
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