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जल्द ही साकार होगा जम्मू और श्रीनगर के लोगों का मेट्रो रेल का सपना, डीपीआर तैयार
Sun, 09 Aug 2020 05:06 PM IST
प्रशांत कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: प्रशांत कुमार
Updated Sun, 09 Aug 2020 05:06 PM IST
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : PTI
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जम्मू और श्रीनगर के लोगों के लिए अब मेट्रो रेल का सपना जल्दी ही साकार होने वाला है। ग्रीष्मकालीन राजधानी श्रीनगर और शीतकालीन राजधानी जम्मू के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार हो गई है। मेट्रो रेल परियोजना 2024 के अंत तक पूरा होने की उम्मीद है और इसकी अनुमानित लागत 10,599 करोड़ आंकी गई है।
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पीएमओ में राज्यमंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने पिछले एक साल के दौरान सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए बताया कि रेलवे कंसल्टेंसी फर्म राइट्स लिमिटेड ने दोनों शहरों के लिए अंतिम डीपीआर दे दी है। उन्होंने कहा कि परियोजना के महत्व को इस तथ्य से महसूस किया जा सकता है कि जम्मू और कश्मीर तक पहुंचने वाली पहली रेल स्वतंत्रता के दो दशक से अधिक समय बाद आई थी और पहला रेलवे स्टेशन 1970 के दशक में जम्मू में बना था लेकिन मोदी सरकार के नेतृत्व में हमने लागत प्रभावी और टिकाऊ सार्वजनिक परिवहन के लिए एक मेट्रो रेल परियोजना शुरू करने में कामयाबी हासिल की है।
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डॉ. सिंह ने कहा कि लाइट मेट्रो ट्रांजिट सिस्टम, जम्मू में पूरे वर्ष में 17 घंटे प्रतिदिन चलने का प्रस्ताव है, जबकि श्रीनगर में गर्मियों में यह 17 घंटे प्रतिदिन और सर्दियों में रोजाना 14 घंटे चलाने का प्रस्ताव है। मेट्रो रेल लाइन में केवल ऊंचे गलियारे होंगे क्योंकि जम्मू और कश्मीर में भूमिगत सुरंगों को इसके लिए उपयुक्त नहीं पाया गया है।
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जम्मू में लाइट मेट्रो ट्रांजिट सिस्टम का पहला कॉरिडोर बनतलाब से बाड़ी ब्राह्मणा तक और श्रीनगर में इसका पहला कॉरिडोर इंदिरा नगर से एचएमटी स्टेशन तक होगा। मेट्रो प्रणाली न केवल लोगों को सुविधा प्रदान करेगी बल्कि अर्थव्यवस्था और जीवन की गुणवत्ता पर सकारात्मक प्रभाव डालेगी। डीपीआर के तहत मेट्रो के कोच आधुनिक हल्के होंगे और वातानुकूलित सिस्टम के साथ स्टेनलेस स्टील और एल्युम्यूनियम बॉडी से बनाए जाएंगे।
रियासी पुल अगले साल पूरा होगा, पीएम से कराएंगे उद्घाटन
डॉ. सिंह ने कहा कि विश्व का सबसे ऊंचा और प्रतिष्ठित रेलवे पुल रियासी में चिनाब नदी पर बन रहा है, जिसके अगले साल तक पूरा होने की संभावना है। अंतरराष्ट्रीय मानकों की इस प्रतिष्ठित परियोजना के औपचारिक उद्घाटन के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से संपर्क किया जाएगा। कश्मीर घाटी से जोड़ने वाली इस रेलवे लाइन पर काम जोरों पर है। उम्मीद है कि 2022 तक श्रीनगर और घाटी के अन्य हिस्सों को रेल द्वारा भारत के बाकी हिस्सों से सीधे जोड़ा जाएगा। ।