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स्कूलों में पदोन्नति से भरे जा रहे सौ फीसदी पदों का विरोध जारी
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जम्मू। जम्मू-कश्मीर के स्कूलों में टीचरों और लेक्चरर के सौ फीसदी पदों को पदोन्नति से भरने का विरोध जारी है। अलग-अलग छात्र संगठन और शिक्षित युवा आए दिन उच्च अधिकारियों से मुलाकात कर रहे हैं। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को मुकेश मन्हास की अध्यक्षता में सलाहकार राजीव राय भटनागर से जम्मू विवि में मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा है। परिषद के कार्यकर्ता मुकेश मन्हास ने कहा कि सलाहकार ने बातचीत के लिए उन्हें कार्यालय में बुलाया है। वहीं इस समस्या के बारे में चर्चा की जाएगी।
एबीवीपी के कार्यकर्ताओं ने कहा कि सरकार ने स्कूलों में अध्यापकों और लेक्चरर के पदों को पदोन्नति से भरने का फैसला लिया है, लेकिन यह फैसला युवा विरोधी है। इस वजह से तमाम छात्र संगठन और अन्य उच्च शिक्षित युवा सड़कों पर उतरने को मजबूर हुए हैं। रवेल परिहार, अनूप, पलक, रमनीक और रमेश ने कहा कि बीते कई वर्षों से अध्यापकों और लेक्चरर की भर्ती का इंतजार किया। लेकिन स्कूल शिक्षा विभाग की ओर से कोई भी अधिसूचना जारी नहीं की गई। सैकड़ों युवा डिग्री लेकर बैठे हैं, लेकिन उन्हें एक बार भी आवेदन करने का मौका नहीं मिल सका है। शिष्टमंडल ने पदोन्नतियों में 20 फीसदी अधिकार अध्यापकों व लेक्चरर को और 80 फीसदी शिक्षित युवाओं देने की मांग उठाई है। उन्होंने चेतावनी दी कि सरकार ने भर्ती पर लगाई रोक को नहीं हटाया तो सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर होंगे।
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एबीवीपी के कार्यकर्ताओं ने कहा कि सरकार ने स्कूलों में अध्यापकों और लेक्चरर के पदों को पदोन्नति से भरने का फैसला लिया है, लेकिन यह फैसला युवा विरोधी है। इस वजह से तमाम छात्र संगठन और अन्य उच्च शिक्षित युवा सड़कों पर उतरने को मजबूर हुए हैं। रवेल परिहार, अनूप, पलक, रमनीक और रमेश ने कहा कि बीते कई वर्षों से अध्यापकों और लेक्चरर की भर्ती का इंतजार किया। लेकिन स्कूल शिक्षा विभाग की ओर से कोई भी अधिसूचना जारी नहीं की गई। सैकड़ों युवा डिग्री लेकर बैठे हैं, लेकिन उन्हें एक बार भी आवेदन करने का मौका नहीं मिल सका है। शिष्टमंडल ने पदोन्नतियों में 20 फीसदी अधिकार अध्यापकों व लेक्चरर को और 80 फीसदी शिक्षित युवाओं देने की मांग उठाई है। उन्होंने चेतावनी दी कि सरकार ने भर्ती पर लगाई रोक को नहीं हटाया तो सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर होंगे।
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