पीडीपी सत्ता में आई तो इनकी बाइज्जत वापसी होगी
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रूफ टाप सुरक्षा घेरा। बैंक्वेट हाल में कश्मीरी
विस्थापित कश्मीरी पंडितों के जख्म पर मरहम लगाते हुए कहा कि पार्टी संस्थापक मुफ्ती मोहम्मद सईद ने भी कश्मीरी पंडितों का ख्याल रखा था। इसके बाद रियासत में किसी ने उनके विषय में नहीं सोचा। पुराने रिश्तों की याद दिलाते हुए कहा यदि उनकी पार्टी सत्ता में आई तो कश्मीरी पंडितों की बाइज्जत वापसी होगी।
साथ ही उन्हें बराबरी का दर्जा दिया जाएगा। जग्गी दरबार में आल कश्मीरी पंडित माइग्रेंट विंग के सम्मेलन में उन्होंने कहा कि जम्मू के लोगों का दिल काफी बड़ा होता है। अभी जब रियासत में बाढ़ आई तो यहां के लोगों ने कश्मीर में भरपूर सहायता की। जम्मू और कश्मीर का आपस में गहरा रिश्ता है। कोई भी एक दूसरे के बिना अधूरा है।
'कश्मीर में भाजपा का कोई जनाधार नहीं है'
कश्मीरी पंडित विद्वान हैं। उन्हें इस मुश्किल की घड़ी में सोच समझकर वोट देना होगा। चुनाव में कई दल वोट मांगने आएंगे। वोट की खातिर कई प्रकार के प्रलोभन भी दिए जाएंगे। इन सबसे सतर्क रहने की जरूरत है। उन्हें यह अच्छी तरह समझना होगा कि राज्य में कौन बेहतर शासन कर सकता है। भाजपा का नाम लेते हुए कहा कि उनका कश्मीर में कोई जनाधार नहीं है।
आखिर वे कैसे सरकार बना लेंगे। इसलिए राजनीतिक दलों के छलावे में न आकर सोच विचार कर वोट डालना होगा ताकि रियासत में भरपूर विकास हो सके। उन्होंने एक बार कश्मीरी पंडितों को आश्वस्त किया कि उनके सुख दुख की घड़ी में पीडीपी साथ खड़ी रहेगी। उनकी समस्याओं के समाधान के लिए इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
अंत में कहा कि कश्मीरी पंडितों को यह कोशिश करनी चाहिए कि आ अब लौट चलें। इस दौरान दिलावर मीर, शांति देवी, दमन भसीन, यशपाल शर्मा, रंगील सिंह, त्रिलोक सिंह बाधवा उपस्थित रहे।
चुनाव में नेकां का होगा सफाया: महबूबा
पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने रविवार को जम्मू संभांग का दौरा कर विस्थापित कश्मीरी पंडितों के कैंप में उनका कुशलक्षेम जाना। इस दौरान उन्होंने दावा किया कि विधानसभा चुनाव में नेशनल कांफ्रेंस (नेकां) का सफाया हो जाएगा।
पीडीपी सरकार बनाएगी और भाजपा मुख्य विपक्षी दल के रूप में विधानसभा में बैठेगी। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला बोलते हुए कहा कि केंद्र को वाजपेयी सरकार से सीख लेनी चाहिए। उनके कार्यकाल में सीमापार से गोलाबारी थमी रही।
रियासत को गोलाबारी नहीं बल्कि अमन चैन चाहिए। बिजली, पानी तथा रोजगार चाहिए। कहा कि मुफ्ती मोहम्मद सईद के बाद रियासत में विकास की गति ठप पड़ गई है। इसे दोबारा पटरी पर लाने की जरूरत है।
घर वापसी के लिए कुछ नहीं कर पाई
दोमाना प्रतिनिधि के अनुसार पुरखू कैंप में रह रहे विस्थापित पंडितों की ओर से महबूबा मुफ्ती को मांग पत्र सौंपा जिसमें उन्होंने अपनी व्यथा को बताया है। इस मौके पर दिलीप कुमार रैणा ने बताया कि गत 25 वर्षों के विस्थापन के बाद भी राज्य में आई सरकारें उनकी घर वापसी के लिए कुछ नहीं कर पाई हैं।
उन्होंने कहा पंडित कश्मीर को छोड़ अपनी मर्जी से नहीं आए। वहां पर सांप्रदायिकता और खराब हालत ने उन्हें घरों को छोड़ने पर मजबूर किया। इस मौके पर पीडीपी महासचिव विधान परिषद सदस्य यशपाल शर्मा, पूर्व विधायक शांति देवी, जिला ग्रामीण के महासचिव केके शर्मा के अलावा अन्य लोग भी उपस्थित थे। वे जगती कैंप में भी गईं।