फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   Mehbooba copy her father style for government formation

सरकार गठन के लिए सईद की शैली अपना रहीं महबूबा

Fri, 15 Jan 2016 08:57 PM IST
Updated Fri, 15 Jan 2016 08:57 PM IST
विज्ञापन
Mehbooba copy her father style for  government formation

पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती जम्मू कश्मीर में सरकार गठन के लिए अपने पिता मुफ्ती मोहम्मद सईद की शैली का ही अनुसरण कर रहीं हैं। मुफ्ती ने भी भाजपा से गठबंधन में दो महीने का वक्त लगाया था।

विज्ञापन


इससे पहले कांग्रेस के साथ गठबंधन करते वक्त भी मुफ्ती ने ढाई महीने का वक्त लिया था। अब महबूबा भाजपा को गठबंधन एजेंडे की कसौटी पर कस रहीं हैं। दरअसल, भाजपा से गठबंधन के मुद्दे पर पीडीपी के बड़े नेताओं में मतभेद रहा है।
विज्ञापन


सांसद तारिक कर्रा लगातार भाजपा से नाता तोड़ने की सलाह दे रहे हैं। पूर्व उप मुख्यमंत्री मुजफ्फर हुसैन बेग ने भी नई शुरुआत के लिए अनुकूल माहौल की बात कही है। ऐसे में महबूबा कोई जल्दबाजी नहीं करना चाहती हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

महबूबा ने गठबंधन एजेंडे को आधार बनाकर आगे बढ़ना शुरू किया

Mehbooba copy her father style for  government formation
पीडीपी का सबसे अधिक जनाधार दक्षिणी कश्मीर में रहा है। उस इलाके के लोग भाजपा के साथ गठबंधन के खिलाफ रहे हैं। नतीजतन महबूबा मोलतोल के बाद सरकार गठन के लिए धीमी गति से लक्ष्य की ओर बढ़ रही हैं।

पीडीपी के सूत्रों के मुताबिक महबूबा के लिए भाजपा के साथ गठबंधन तोड़ना भी आसान नहीं है। अगर वे ऐसा करती हैं तो संदेश जाएगा कि उनके पिता मुफ्ती मोहम्मद का निर्णय सही नहीं था। वह इस स्थिति से बचना चाहती हैं।

अगर तपाक से भाजपा की ओर हाथ बढ़ाती हैं तो उन पर सत्ता की भूखी होने का आरोप मढ़ा जा सकता है। लिहाजा उन्होंने गठबंधन एजेंडे को आधार बनाकर आगे बढ़ना शुरू किया है।

पीडीपी के आंतरिक मतभेद पर काबू के लिए अपनाया सख्त रुख

Mehbooba copy her father style for  government formation

एजेंडे पर भाजपा से ठोस आश्वासन के बाद वह अपने वोट बैंक और असंतुष्ट पीडीपी नेताओं को यह समझाने में सफल हो सकेंगी कि जम्मू-कश्मीर के विकास और जनादेश के सम्मान के लिए भाजपा के साथ चलना जरूरी हो गया है।

यह महज संयोग नहीं है कि पार्टी के प्रवक्ता पूर्व सांसद महबूब बेग को खामोश रहने की हिदायत दी गई। महबूब बेग ने 13 जनवरी के बाद कभी भी महबूबा द्वारा शपथ ग्रहण की बात कही थी।

बाद में पार्टी ने उनके बयान से किनारा कर लिया और पूर्व प्रवक्ता नईम अख्तर ने आधिकारिक रूप से पार्टी का पक्ष रखना शुरू किया। पूर्व आईएएस अधिकारी अख्तर मुफ्ती के सबसे अधिक विश्वास पात्र रहे थे। अख्तर इस बार भी पीडीपी की प्रतिबद्धता के मुद्दे को उठाने में लगे हैं।

कई गंभीर मुद्दों पर पीडीपी भाजपा से चाहती है ठोस आश्वासन

Mehbooba copy her father style for  government formation

केंद्र सरकार से एनएचपीसी के दो बिजली प्रोजेक्टों की वापसी, सेना और सुरक्षा बलों द्वारा कई स्थानों पर जमीन और भवन खाली करने जैसे मुद्दे पर पीडीपी अब भाजपा से ठोस आश्वासन चाहती है।

इतना ही नहीं अलगाववादियों से बातचीत भी इस एजेंडे में शुमार है। पीडीपी बाढ़ पीड़ितों के लिए पर्याप्त पैकेज की राशि जारी करने की बात भी करने लगी है।

इस बीच दिल्ली से वित्त मंत्रालय के व्यय सचिव रतन पी वाटल ने महबूबा से मुलाकात की है। समझा जाता है कि वाटल ने केंद्र सरकार की ओर से कश्मीर पैकेज पर महबूबा को आश्वस्त किया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed