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पार्षदों ने नाले-नालियों, रास्तों और भव निर्माण के प्रस्ताव दिए
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जम्मू। नगर निगम ने 28 नवंबर को होने जा रहे जनरल हाउस में मंजूरी के लिए पार्षदों ने अपने-अपने वार्डों में विकास कार्यों के प्रस्ताव जमा करवा दिया है। इनमें अधिकतर प्रस्ताव वार्डों में नाले, नालियों, रास्तों, भवन निर्माण और अन्य कार्यों से संबंधित हैं। कुछ पार्षदों ने सामाजिक मसलों से संबंधित प्रस्ताव भी डाले हैं। हालांकि इस पर पार्षदों ने स्थिति साफ नहीं की है।
बुधवार सुबह 10 बजे के बाद से ही प्रस्ताव जमा करवाने का क्रम शुरू हुआ। अब आयुक्त की मंजूरी के बाद प्रस्तावों को मेयर के पास भेजा जाएगा। 28 नवंबर को होने वाली हाउस की बैठक में इन पर चर्चा की जाएगी। पार्षदों की राय के बाद इन प्रस्तावों पर अंतिम मुहर लगेगी और इस पर काम शुरू होगा। इस बार आठ माह बाद नगर निगम की बैठक होने जा रही है। प्रस्ताव पारित न होने से कई काम रुके पड़े हैं। काम न होने पर बार-बार हाउस की बैठक बुलाने को दबाव बनाया जा रहा था। डिप्टी मेयर पूर्णिमा शर्मा ने कहा कि प्रस्ताव जमा किए गए हैं। हाउस में मंथन कर प्रस्तावों को पास किया जाएगा।
एक बैंच पर बिठाए जाएंगे दो
पार्षद, एक गज की रहेगी दूरी
पार्षदों को जनरल हाउस की बैठक में बैठने के लिए प्लान तैयार कर लिया गया है। एक बैंच पर दो पार्षद बैठ सकेंगे। इनमें दूरी भी एक गज के करीब है। स्थिति के हिसाब से बदलाव लाया जा सकता है। इसके अलावा मीडिया गैलरी और विजिटर स्थान पर भी पार्षदों को बिठाने की तैयारी है। मौजूदा समय में बैठने के लिए जगह कम है। कोरोना संक्रमण के चलते सभी पार्षदों को बैंचों पर बिठाया जाना मुश्किल है।
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तेल घोटाला और अवैध निर्माण का मुद्दा फिर उछलेगा
जम्मू। जनरल हाउस की बैठक में तेल घोटाला और अवैध निर्माण का मसला फिर गरमाने की संभावना है। हर बार विपक्ष इस पर तीखा प्रहार करता आया है। इस बार भी तैयारी है। शहर में अवैध निर्माण के कारण नियम टूट रहे हैं। फरवरी में हुई बैठक में मसला उठने के बाद इंफोर्समेंट विंग से अधिकारियों को इधर-उधर भी किया गया है। काउंसलरों ने पैसे लेने और काम करवाने जैसे आरोप हाउस में लगाए थे। इतना ही नहीं अधिकारियों को हाउस बैठक में बुलाकर उन्हें सस्पेंड करने की मांग की गई। शहर में अवैध निर्माण कार्यों को अंजाम दिया जा रहा है। कुछ दुकानों और घरों के नक्शे पास न होने पर भी काम पूरा हो चुका है। कार्रवाई न होने पर विपक्ष सदन को घेर सकता है।
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बुधवार सुबह 10 बजे के बाद से ही प्रस्ताव जमा करवाने का क्रम शुरू हुआ। अब आयुक्त की मंजूरी के बाद प्रस्तावों को मेयर के पास भेजा जाएगा। 28 नवंबर को होने वाली हाउस की बैठक में इन पर चर्चा की जाएगी। पार्षदों की राय के बाद इन प्रस्तावों पर अंतिम मुहर लगेगी और इस पर काम शुरू होगा। इस बार आठ माह बाद नगर निगम की बैठक होने जा रही है। प्रस्ताव पारित न होने से कई काम रुके पड़े हैं। काम न होने पर बार-बार हाउस की बैठक बुलाने को दबाव बनाया जा रहा था। डिप्टी मेयर पूर्णिमा शर्मा ने कहा कि प्रस्ताव जमा किए गए हैं। हाउस में मंथन कर प्रस्तावों को पास किया जाएगा।
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एक बैंच पर बिठाए जाएंगे दो
पार्षद, एक गज की रहेगी दूरी
पार्षदों को जनरल हाउस की बैठक में बैठने के लिए प्लान तैयार कर लिया गया है। एक बैंच पर दो पार्षद बैठ सकेंगे। इनमें दूरी भी एक गज के करीब है। स्थिति के हिसाब से बदलाव लाया जा सकता है। इसके अलावा मीडिया गैलरी और विजिटर स्थान पर भी पार्षदों को बिठाने की तैयारी है। मौजूदा समय में बैठने के लिए जगह कम है। कोरोना संक्रमण के चलते सभी पार्षदों को बैंचों पर बिठाया जाना मुश्किल है।
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तेल घोटाला और अवैध निर्माण का मुद्दा फिर उछलेगा
जम्मू। जनरल हाउस की बैठक में तेल घोटाला और अवैध निर्माण का मसला फिर गरमाने की संभावना है। हर बार विपक्ष इस पर तीखा प्रहार करता आया है। इस बार भी तैयारी है। शहर में अवैध निर्माण के कारण नियम टूट रहे हैं। फरवरी में हुई बैठक में मसला उठने के बाद इंफोर्समेंट विंग से अधिकारियों को इधर-उधर भी किया गया है। काउंसलरों ने पैसे लेने और काम करवाने जैसे आरोप हाउस में लगाए थे। इतना ही नहीं अधिकारियों को हाउस बैठक में बुलाकर उन्हें सस्पेंड करने की मांग की गई। शहर में अवैध निर्माण कार्यों को अंजाम दिया जा रहा है। कुछ दुकानों और घरों के नक्शे पास न होने पर भी काम पूरा हो चुका है। कार्रवाई न होने पर विपक्ष सदन को घेर सकता है।