{"_id":"59f747364f1c1b6e548b9c07","slug":"mata-chandi-temple-in-anhor-forest-annual-trip-from-daula-and-duggan","type":"story","status":"publish","title_hn":"जम्मू-कश्मीरः अनहोर के जंगलों में गूंजेंगे मां चंडी के जयकारे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जम्मू-कश्मीरः अनहोर के जंगलों में गूंजेंगे मां चंडी के जयकारे
एस खजूरिया, अमर उजाला/ कठुआ
Updated Mon, 30 Oct 2017 09:10 PM IST
विज्ञापन
- फोटो : AMAR UJALA
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
डुग्गन के दूर दराज इलाके में आबादी से कोसों दूर बर्फ से लदी पहाड़ों की चोटियों पर इस बार भी मां चंडी के जयकारे गूंजने लगे हैं। वार्षिक नुकनाली यात्रा के लिए भक्तों की आस्था देखते ही बनती थी। सोमवार सुबह दौले माता मंदिर से नुकनाली के लिए वार्षिक यात्रा रवाना हुई तो आसपास के पहाड़ भी जयकारों से गूंज उठे।
विज्ञापन
बनी, डुग्गन, गाडू, दौले और बाड़ी दुलान, छपाडू सहित आधा दर्जन अन्य इलाकों से चलकर चंडी मां के भक्त नुकनाली मंदिर में मंगलवार को पहुंचेंगे। डुग्गन से भद्रवाह की ओर रिहाइश से दूर बर्फ से लदकद पहाड़ों की इस दुर्गम यात्रा को कई सदियों से चलाया जाता है।
विज्ञापन
ऐसा माना जाता है कि बनी और डुग्गन में बने चंडी मां के मंदिर नुकनाली से ही होकर जाते हैं। परंपरा के अनुसार नुकनाली में श्रद्धालुओं की भारी आस्था और इंतजामों के अभाव में भक्तों के लिए विभिन्न स्थानों पर चंडी माता के मंदिरों का निर्माण करवाया गया।
विज्ञापन
पिछले कुछ सालों में श्रद्धालुओं का आंकड़ा भी बढ़ा है। औसतन दस से पंद्रह हजार श्रद्धालु इस वार्षिक यात्रा में सम्मिलित होते हैं। सोमवार को रवाना हुई यात्रा में लगभग पंद्रह से बीस हजार श्रद्धालु शामिल रहे।