रिहाई के बाद मसर्रत को लश्कर ने किए 50 फोन
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जम्मू कश्मीर सरकार ने पिछले सप्ताह आलगाववादी नेता मसर्रत आलम को 'जन सुरक्षा अधिनियम'(पीसीए) के तहत दो साल के लिए जेल भेज दिया है। मसर्रत की रिहाई को लेकर मुफ्ती सरकार पर पहले से आरोप लगते रहे हैं।
एक अंग्रेजी समाचार पत्र के मुताबिक केंद्रीय सुरक्षा एंजेसी ने हाल ही गृह मंत्रालय को एक खुफिया रिपोर्ट सौंपी है जिसमें कहा गया है कि 7 मार्च को रिहा हुए अलगाववादी नेता के पास पाकिस्तान से 50 फोन कॉल आए हैं। सुरक्षा एंजेसियों ने ये इनपुट मुफ्ती सरकार के साथ भी शेयर किए हैं।
आपको बताते चलें कि अप्रैल माह में मसर्रत आलम ने श्रीनगर में गिलानी के सम्मान में एक जनसभा की आयोजन किया था जिसमें पाकिस्तान का ना सिर्फ झंडा लहराया गया बल्कि भारत विरोधी नारे भी लगाए गए थे।
हाफिज सईद ने भी की थी कॉल ?
केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक मसर्रत आलम को किए गए ये सभी फोन पाकिस्तान से लश्कर-ए-तैयबा के नेताओं ने किए थे। फोन कॉल करने वाले में मुंबई हमलों का मास्टर माइंड हाफिज सईद भी शामिल है।
इस मामले पर राज्य सुरक्षा एजंसियों के साथ अभी तक कोई ठोस सबूत साझा नहीं किए गए हैं। केन्द्र सरकार से' भारी दबाव 'के तहत जम्मू-कश्मीर सरकार मसर्रत के खिलाफ कार्रवाई की थी।
जम्मू कश्मीर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक फोन कॉल आतंकवादियों ने भी किए थे लेकिन अभी तक लेकिन केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों के पास इस बात के पुख्ता सबूत नहीं कि हाफिज सईद ने भी मसर्रत आलम को कॉल की थी।
कश्मीर में हाल ही हुए बावल में हाफिज का हाथ
हाफिज सईद भारत मोस्ट वांटेड है और 2008 में मुंबई में हमलों की साजिश रचने का आरोपी है। हालांकि हाफिस सईद सार्वजनिक रूप से लश्कर की गतिविधियों से खुद को दूर रखता है।
लेकिन वह आतंकवादी को समर्थन देता है। मसर्रत आलम की गिरफ्तारी के विरोध में कश्मीर में हाल ही हुए बावल में उसका हाथ माना जा रहा है।
सूत्रों का कहना है केंद्रीय खुफिया एजेंसियों ने राज्य सरकार के सामने ये मुद्दा उठाया था कि मसर्रत आलम को पाकिस्तान से कॉल आ रहे हैं। सरकार मसर्रत को फिर से गिरफ्तार करे।