फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   masarat alam again detention under PSA quashed

मसर्रत आलम पर 16वीं बार पीएसए लगा

Thu, 10 Sep 2015 10:45 AM IST
Updated Thu, 10 Sep 2015 10:45 AM IST
विज्ञापन
masarat alam again detention under PSA quashed

कश्मीर घाटी में राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में शामिल अलगाववादी नेता मसर्रत आलम पर सरकार ने 16वीं बार पब्लिक सेफ्टी एक्ट (पीएसए) लगाया है। 31 अगस्त को पिछली बार उसे कोट भलवाल जेल से रिहा करने के चंद सेकेंड बाद फिर जेआईसी थाने की पुलिस ने उठा लिया था।

विज्ञापन


मसर्रत के खिलाफ जेआईसी पुलिस स्टेशन में 2012 से केस दर्ज था। बाद में उसे मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत में पेश कर एक सप्ताह की रिमांड पर लिया गया था। लेकिन, प्रशासन ने रिमांड अवधि समाप्त होने के पहले ही उस पर पीएसए लगाकर उसे वापस कोट भलवाल जेल भेज दिया गया।
विज्ञापन


वर्ष 2007 में श्रीनगर की ओल्ड सिटी में अलगाववादी नेता गिलानी के लिए बड़ी रैली आयोजित करने के बाद मसर्रत आलम चर्चा में आया था। राष्ट्र विरोधी गतिविधियों के आरोप में उसके बाद से उसने अपने जीवन का ज्यादातर समय जेल में ही बिताया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

कश्मीर घाटी से कोट भलवाल जेल में कैद

masarat alam again detention under PSA quashed

पाकिस्तानी झंडे लहराने और राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के कारण 17 अप्रैल को उसे गिरफ्तार किया गया था और उस पर पीएसए लगाया गया था।

इसके बाद उसे कश्मीर घाटी से कोट भलवाल जेल भेज दिया गया था। हाईकोर्ट ने उसे पीएसए के तहत न्यायिक हिरासत में रखने को अवैध करार दिया था और सरकार को उसे रिहा करने के आदेश दिए थे।

इसके बाद एक सितंबर को उसे रिहा किया गया था। नौ मार्च को रियासत में नई गठबंधन सरकार के गठन के बाद मुख्यमंत्री मुफ्ती ने मसर्रत की रिहाई के आदेश दिए थे। इसके बाद काफी विवाद हुआ था

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed