शौर्यगाथाः सर्जिकल स्ट्राइक करने वाले कंमाडो आंतकियों से हुए थे गुत्थमगुत्था, कुपवाड़ा में पांच को ऐसे किया ढेर
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पीओके में सर्जिकल स्ट्राइक करने वाले स्पेशल फोर्स के कंमाडो ने बर्फ से लकदक दुर्गम पहाड़ों पर एक बार फिर बहादुरी की मिसाल पेश की है। आतंकियों की तलाश में हेलीकॉप्टर से 12 हजार फीट की ऊंचाई पर भारी बर्फ के बीच उतरे पांच पैरा कमांडो ने विपरीत परिस्थितियों में ऑपरेशन को अंजाम दिया।
आमने-सामने की लड़ाई में ये जवान गोलियां लगने के बाद भी आतंकियों से भिड़ते रहे। शहादत का जाम पीने से पहले कंमाडो ने पांचों आतंकियों को ढेर कर दिया। सेना के अनुसार फायरिंग के बीच भारत माता के सुपूत आंतकियों से गुत्थमगुत्था भी हुए।
सेना को सूचना मिली कि जैश ए मोहम्मद के आतंकियों का एक ग्रुप पीओके में बने लांचिंग पैड से 30 मार्च को रवाना हुआ है। आतंकियों के घुसपैठ करने की सूचना पर सेना ने सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया। एक अप्रैल को दोपहर के समय सेना की आठ जाट रेजीमेंट के जवानों का इन आतंकियों के साथ जुमगुंड इलाके में सामना हुआ। कुछ देर चली मुठभेड़ के बाद आतंकी भाग निकले।
कमांडो ने आतंकियों से हैंड टू हैंड फाइट भी की- लेफ्टिनेंट जनरल बीएस राजू
बारिश, घने कोहरे और बर्फ के चलते ऑपरेशन बीच में स्थगित भी करना पड़ा। इसके बाद ऑपरेशन में सेना की सबसे पेशेवर यूनिटों में से एक 4 पैरा स्पेशल फोर्स के कंमाडो को भी शामिल किया गया। आतंकी कुपवाड़ा जिले के केरन में 12 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित दावर नाले में छिपे हुए थे। सूबेदार संजीव कुमार के नेतृत्व में पैराट्रूपर का एक दस्ता भारी बर्फ के बीच एलओसी से सटे इलाके में उतारे गए।
यह दस्ता आतंकियों के पैरों के निशान ट्रेस करते हुए ऊपर की पहाड़ी पर जा पहुंचा। जैसे ही टीम पहाड़ी पर पहुंची वहां बर्फ खिसकने से टीम सीधे नाले में जा पहुंची। जहां उनका सामना आतंकियों से हुआ। नीचे गिरे कमांडो पर आतंकियों ने ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। लेकिन गोलियां लगने के बाद भी इन बहादुर जवानों ने ग्रुप में शामिल पांचों आतंकियों का सफाया कर दिया।
श्रीनगर में स्थित 15 कोर के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल बीएस राजू का कहना है कि फायरिंग के बीच कमांडों ने आतंकियों से हैंड टू हैंड फाइट भी की है। सेना ने अपने पांच सर्वश्रेष्ठ सैनिकों को खो दिया है। इनमें से तीन मौके पर ही शहीद हो गए थे जबकि दो ने पास के सैन्य अस्पताल तक एयरलिफ्ट किए जाने के दौरान दम तोड़ दिया। सेना के इस विशेष स्क्वाड में सूबेदार संजीव कुमार, हवलदार दवेंद्र सिंह, पैराट्रूपर बालकृष्ण, पैराट्रूपर अमित कुमार और पैराट्रूपर छत्रपाल सिंह शामिल थे।
ऑपरेशन में शामिल एक जवान की जुबानी
ऑपरेशन में शामिल एक जवान ने बताया कि नेतृत्व कर रहे सूबेदार संजीव ने गोली लगने के बाद भी एक आतंकी को पकड़ रखा था। सुबह उनका शव जब देखा गया तो वह आतंकी को पकड़े हुए पाए गए। इस ऑपरेशन के दौरान सेना को मारे गए आतंकियों से दो आधार कार्ड, पांच एके 47 राइफल, छह हैंड ग्रेनेड, जीपीएस-1, आईकाम सेट-1, अल्ट्रा सेट-4, यूबीजीएल ग्रेनेड-6, मोबाइल फोन-2, घड़ी-1, ब्लूटूथ हेडसेट-1, चार्जर-1 मिले हैं। आतंकियों के पास से पाकिस्तान निर्मित खाद्य पदार्थों के पैकेट और पाकिस्तानी सेना की वर्दी व उपकरण भी बरामद हुए हैं।
पाकिस्तान में घुसकर की थी सर्जिकल स्ट्राइक
आतंकियों से मुठभेड़ में शामिल जवान स्पेशल फोर्स (एसएफ) यूनिट के थे। इस यूनिट ने वर्ष 2016 में पाकिस्तान में घुसकर सर्जिकल स्ट्राइक की थी और सात आतंकी लांचिंग पैड तबाह कर 38 आतंकियों को मार गिराया था। ऑपरेशन में सेना की 41 आरआर, 57 आरआर, 160 टीए और एसओजी कुपवाड़ा भी शामिल थी।