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Jammu News: बलिदान दिवस पर आज प. टपलू की शहादत को याद करेंगे कश्मीरी पंडित
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भद्रकाली माता मंदिर स्थित वीर ज्योति के साथ पनुन कश्मीर के अध्यक्ष टीटू गंजू। स्रोत : संवाद।
- 1989 में इसी दिन आतंकियों ने भाजपा नेता टीका लाल टपलू की हत्या की थी
- प्लौड़ा के मन्हास ग्राउंड और थलवाल में कार्यक्रम, करीब 1500 लोग होंगे शामिल
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। 14 सितंबर... कश्मीरी पंडित समुदाय के लिए यह तारीख सिर्फ कैलेंडर का एक दिन नहीं, बल्कि आतंकवाद के दौर की शहादत, पीड़ा और विस्थापन की याद दिलाने वाला दिन है। सोमवार को समुदाय बलिदान दिवस पर उन कश्मीरी पंडितों और सुरक्षा बलों के शहीदों को श्रद्धांजलि देगा, जिन्होंने आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में जान गंवाई।
पनुन कश्मीर की ओर से प्लौड़ा स्थित मन्हास महासभा मैदान में सुबह 11 बजे मुख्य कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। पनुन कश्मीर के अध्यक्ष टीटू गंजू के अनुसार बलिदान दिवस कार्यक्रम में करीब 1500 लोगों के शामिल होने की उम्मीद है।
14 सितंबर 1989 को आतंकवादियों ने भाजपा नेता पं. टीका लाल टपलू की हत्या कर दी थी। इसके बाद कश्मीरी पंडित समुदाय ने इस दिन को बलिदान दिवस के रूप में मनाना शुरू किया। टपलू की हत्या को समुदाय कश्मीर में आतंकवाद के शुरुआती दौर की बड़ी घटनाओं में गिनता है। बलिदान दिवस पर उनकी शहादत के साथ उन तमाम लोगों को भी याद किया जाता है, जिन्होंने हिंसा के दौर में अपनी जान गंवाई।
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श्रद्धांजलि के बाद वीर ज्योति का सफर
मुख्य समारोह में शहीदों को श्रद्धांजलि देने के बाद वीर ज्योति को जुलूस के रूप में प्लौड़ा से थलवाल स्थित भ्रदकाली मंदिर ले जाया जाएगा जिसे रविवार को समुदाय के लोगों ने मंदिर से बाहर निकाला था। आयोजकों के अनुसार वीर ज्योति करीब दोपहर दो बजे मंदिर पहुंचेगी। कार्यक्रम का उद्देश्य आतंकवाद में जान गंवाने वालों के बलिदान को याद करने के साथ उनकी स्मृति और विरासत को संरक्षित रखने का संकल्प दोहराना है।
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भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष थे पं. टीका लाल टपलू
पं. टीका लाल टपलू की 13 सितंबर 1989 को श्रीनगर स्थित आवास पर आतंकवादियों ने गोली मार दी थी। इलाज के दौरान 14 सितंबर को उनकी मौत हो गई। उनकी हत्या ने कश्मीरी पंडित समुदाय को झकझोर दिया। सभी दहशत में आ गए थे। उनके अंतिम संस्कार में वरिष्ठ भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी, केदारनाथ साहनी समेत भाजपा के कई दिग्गज नेता पहुंचे थे। टपलू जम्मू-कश्मीर उच्च न्यायालय में वकील होने के साथ सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्र में भी सक्रिय थे। वे भाजपा की जम्मू-कश्मीर इकाई के उपाध्यक्ष और आरएसएस के सक्रिय सदस्य भी थे।
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- प्लौड़ा के मन्हास ग्राउंड और थलवाल में कार्यक्रम, करीब 1500 लोग होंगे शामिल
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। 14 सितंबर... कश्मीरी पंडित समुदाय के लिए यह तारीख सिर्फ कैलेंडर का एक दिन नहीं, बल्कि आतंकवाद के दौर की शहादत, पीड़ा और विस्थापन की याद दिलाने वाला दिन है। सोमवार को समुदाय बलिदान दिवस पर उन कश्मीरी पंडितों और सुरक्षा बलों के शहीदों को श्रद्धांजलि देगा, जिन्होंने आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में जान गंवाई।
पनुन कश्मीर की ओर से प्लौड़ा स्थित मन्हास महासभा मैदान में सुबह 11 बजे मुख्य कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। पनुन कश्मीर के अध्यक्ष टीटू गंजू के अनुसार बलिदान दिवस कार्यक्रम में करीब 1500 लोगों के शामिल होने की उम्मीद है।
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14 सितंबर 1989 को आतंकवादियों ने भाजपा नेता पं. टीका लाल टपलू की हत्या कर दी थी। इसके बाद कश्मीरी पंडित समुदाय ने इस दिन को बलिदान दिवस के रूप में मनाना शुरू किया। टपलू की हत्या को समुदाय कश्मीर में आतंकवाद के शुरुआती दौर की बड़ी घटनाओं में गिनता है। बलिदान दिवस पर उनकी शहादत के साथ उन तमाम लोगों को भी याद किया जाता है, जिन्होंने हिंसा के दौर में अपनी जान गंवाई।
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श्रद्धांजलि के बाद वीर ज्योति का सफर
मुख्य समारोह में शहीदों को श्रद्धांजलि देने के बाद वीर ज्योति को जुलूस के रूप में प्लौड़ा से थलवाल स्थित भ्रदकाली मंदिर ले जाया जाएगा जिसे रविवार को समुदाय के लोगों ने मंदिर से बाहर निकाला था। आयोजकों के अनुसार वीर ज्योति करीब दोपहर दो बजे मंदिर पहुंचेगी। कार्यक्रम का उद्देश्य आतंकवाद में जान गंवाने वालों के बलिदान को याद करने के साथ उनकी स्मृति और विरासत को संरक्षित रखने का संकल्प दोहराना है।
भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष थे पं. टीका लाल टपलू
पं. टीका लाल टपलू की 13 सितंबर 1989 को श्रीनगर स्थित आवास पर आतंकवादियों ने गोली मार दी थी। इलाज के दौरान 14 सितंबर को उनकी मौत हो गई। उनकी हत्या ने कश्मीरी पंडित समुदाय को झकझोर दिया। सभी दहशत में आ गए थे। उनके अंतिम संस्कार में वरिष्ठ भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी, केदारनाथ साहनी समेत भाजपा के कई दिग्गज नेता पहुंचे थे। टपलू जम्मू-कश्मीर उच्च न्यायालय में वकील होने के साथ सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्र में भी सक्रिय थे। वे भाजपा की जम्मू-कश्मीर इकाई के उपाध्यक्ष और आरएसएस के सक्रिय सदस्य भी थे।