{"_id":"584057544f1c1bb61fde7849","slug":"market-open-in-srinagar-on-thursday","type":"story","status":"publish","title_hn":"अलगाववादियों के बंद के आह्वान का कम होता दिख रहा असर ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अलगाववादियों के बंद के आह्वान का कम होता दिख रहा असर
ब्यूरो, अमर उजाला/श्रीनगर
Updated Thu, 01 Dec 2016 10:31 PM IST
विज्ञापन
घाटी में बाजार खुले
- फोटो : File Photo
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कश्मीर घाटी में पिछले करीब 4 महीने से अधिक समय से चल रहे बंद और बीच में रहे कर्फ्यू के बाद अब हालात कुछ हद तक सामान्य होते दिखाई दे रहे हैं।
लगातार अलगाववादियों द्वारा दिए जाने वाले बंद के कैलेंडर का असर अब कम होता दिखाई दे रहा है। जो संकेत मिल रहे हैं उनसे ऐसा लग रहा है कि जल्द हालात पूरी तरह सामान्य हो सकते हैं।
अलगाववादियों ने बुधवार को अपने बंद का कैलेंडर हमेशा की तरह जारी किया। इसे अब 8 दिसंबर तक बढ़ा दिया गया है और शनिवार और रविवार को ढील दी गई है, जबकि बाकी दिन बंद की कॉल है, लेकिन उसके बावजूद वीरवार को श्रीनगर में जनजीवन सामान्य दिखा।
सड़कों पर सुबह से ही प्राइवेट और पब्लिक ट्रांसपोर्ट दौड़ता दिखा। सिविल लाइंस एरिया में दुकानें खुली दिखीं, जबकि संवेदनशील इलाकों में भी कुछ दुकानें खुलीं। सड़कों पर रेहड़ी और फड़ी वाले दिखाई दिए।
विज्ञापन
गौरतलब है कि श्रीनगर के अलावा अन्य जिलों से भी ऐसी खबरें मिलीं। इस सबको देख लग रहा है कि लोग अब बंद से तंग आ चुके हैं और सामान्य जीवन जीना चाह रहे हैं।
विज्ञापन
लगातार अलगाववादियों द्वारा दिए जाने वाले बंद के कैलेंडर का असर अब कम होता दिखाई दे रहा है। जो संकेत मिल रहे हैं उनसे ऐसा लग रहा है कि जल्द हालात पूरी तरह सामान्य हो सकते हैं।
अलगाववादियों ने बुधवार को अपने बंद का कैलेंडर हमेशा की तरह जारी किया। इसे अब 8 दिसंबर तक बढ़ा दिया गया है और शनिवार और रविवार को ढील दी गई है, जबकि बाकी दिन बंद की कॉल है, लेकिन उसके बावजूद वीरवार को श्रीनगर में जनजीवन सामान्य दिखा।
विज्ञापन
सड़कों पर सुबह से ही प्राइवेट और पब्लिक ट्रांसपोर्ट दौड़ता दिखा। सिविल लाइंस एरिया में दुकानें खुली दिखीं, जबकि संवेदनशील इलाकों में भी कुछ दुकानें खुलीं। सड़कों पर रेहड़ी और फड़ी वाले दिखाई दिए।
विज्ञापन
गौरतलब है कि श्रीनगर के अलावा अन्य जिलों से भी ऐसी खबरें मिलीं। इस सबको देख लग रहा है कि लोग अब बंद से तंग आ चुके हैं और सामान्य जीवन जीना चाह रहे हैं।