अलगाववादियों की ना-पाक फंडिंग के मामले में हो सकते हैं कई बड़े खुलासे, हाथ लगे पुख्ता सबूत
आतंकी गतिविधियों के लिए आर्थिक मदद के मामले में एनआईए की ओर से अलगाववादियों तथा कारोबारियों के ठिकानों से बरामद दस्तावेजों में कई अहम राज छिपे हुए हैं। इनकी जांच में पता चले तथ्यों को सूचीबद्ध किया जा रहा है, ताकि इन्हें घेरा जा सके।
उम्मीद है कि इस सिलसिले में अगले कुछ दिनों में एनआईए अलगाववादियों तथा कारोबारियों से पूछताछ कर सकती है। इससे आतंकी गतिविधियों के लिए आर्थिक मदद मामले में अलगाववादियों और कारोबारियों के गठजोड़ का पर्दाफाश हो सकता है।
एनआईए सूत्रों का कहना है कि छापे के दौरान बरामद लैपटाप, मोबाइल तथा अन्य दस्तावेजों की जांच में अब तक कई अहम सुराग हाथ लगे हैं। फोन कॉल के डिटेल खंगाले जा रहे हैं। लैपटॉप तथा मोबाइल के डाटा की भी पड़ताल की गई है। इसमें कई लोगों से बार-बार बात करने की बात सामने आई है। बैंक खातों की जांच में कुछ संदिग्ध लेन-देन का पता चला है।
विदेशी करेंसी और बेनामी संपत्ति के कनेक्शन की भी जांच
सूत्रों का कहना है कि पीओके से कारोबार से जुडे़ कच्चे बाउचर में भी गड़बड़ी की बात सामने आई है। एक कारोबारी के यहां से विदेशी करेंसी बरामद होने के मुद्दे पर एनआईए गंभीर है। इस कारोबारी से पूछताछ की गई है। जांच में कुछ बेनामी संपत्तियों के विषय में भी जानकारी हासिल हुई है, जिसके बारे में पूछताछ हो सकती है।
सूत्रों का कहना है कि आय से अधिक संपत्ति मामले में भी कुछ लोगों पर शिकंजा कस सकता है। हालांकि, एनआईए फिलहाल किसी भी ब्योरे को सार्वजनिक करने से बच रही है। ज्ञात हो कि शनिवार तथा रविवार को एनआईए ने श्रीनगर, दिल्ली, हरियाणा तथा जम्मू में अलगाववादियों तथा पीओके से कारोबार से जुड़े 34 ठिकानों पर छापेमारी कर अहम दस्तावेज जब्त किए थे।
अब भी डेरा डाले हुए है एनआईए टीम