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अखनूर को जिला बनाना प्राथमिकता: मोहन लाल
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विधायक ने कहा- पलवां स्थित स्पोर्ट्स स्टेडियम की बदहाल स्थिति को विधानसभा में गंभीरता से उठाया
संवाद न्यूज एजेंसी
अखनूर। विधानसभा सत्र संपन्न होने के बाद शुक्रवार को विधायक मोहन लाल भगत ने विधानसभा में उठाए जनहित से जुड़े मुद्दों, क्षेत्रीय विकास के लिए की गई कोशिशों और अपने संकल्पों को विस्तारपूर्वक साझा किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह सत्र अखनूर की आवाज बनकर विधानसभा में गूंजा है। अखनूर को जिला का दर्जा देने की मांग पर चर्चा करते हुए कहा कि वे इस विषय पर आवाज उठाते रहे हैं। इसे जिला बनाना प्राथमिकता है। इसी मुद्दे पर मार्शल आउट भी किया गया।।
प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने बताया कि पलवां स्थित स्पोर्ट्स स्टेडियम की बदहाल स्थिति को विधानसभा में गंभीरता से उठाया गया, जहां करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। इसकी उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। इस पर खेल मंत्री ने स्थल निरीक्षण का आश्वासन दिया। इसके साथ ही, उन्होंने सरकारी डिग्री कॉलेज अखनूर के खेल मैदान की मरम्मत का भी मामला सदन में जोरशोर से रखा।
चिनाब नदी के किनारे बसे सितर्याला, चक सिकंदर, मैरा और इंद्री में हो रहे कटाव और बाढ़ से हो रहे नुकसान को देखते हुए इन क्षेत्रों में पक्के तटबंधों और बाढ़ सुरक्षा परियोजनाओं की आवश्यकता को रेखांकित किया। इसके अलावा, गंडारवां, सुमाह और पंजग्राईं जैसे इलाकों में चेक डैम निर्माण के प्रस्ताव रखे।
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विधायक ने बताया कि रक्षा भूमि मुआवजे का मुद्दा भी उठाया। सरकार ने माना है कि 9.21 करोड़ की लंबित राशि केवल सत्यापन प्रक्रिया के कारण रुकी है। स्वास्थ्य सुविधाओं के क्षेत्र में उन्होंने डॉक्टरों के रिक्त पदों की पूर्ति का मुद्दा जोर शोर से उठाया। पुराने अस्पताल के भवन का उपयोग जिसमें ईएनटी, नेत्र एवं दंत विभागों को पुराने अस्पताल में स्थानांतरित करने का सुझाव दिया। वहीं रोगी कल्याण समिति की पहली बैठक में ही ऐसा करने के निर्देश जारी किए। उन्होंने जानकारी दी कि अखनूर अस्पताल में डायलिसिस यूनिट के लिए टेंडर जारी हो चुका है और जल्द ही एमआरआई, सिटी स्कैन और ब्लड बैंक जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं अखनूर अस्पताल में उपलब्ध होंगी। उन्होंने बताया कि ज्यौड़ियां अस्पताल को इसी माह नई इमारत में स्थानांतरित किया जाएगा।
जल जीवन मिशन के तहत चल रही 43 पेयजल परियोजनाओं को प्राथमिकता से पूर्ण करने की आवश्यकता पर भी उन्होंने जोर दिया। शिक्षा के क्षेत्र में भी कई अहम मुद्दे उठाए गए।महाराजा गुलाब सिंह लाइब्रेरी के लिए डीपीआर तैयार करवाकर बजट की मांग की है। वहीं, प्रशासनिक मजबूती हेतु मिनी सचिवालय के लिए पहले जारी पांच करोड़ की राशि की सरकार ने पुष्टि की है और शेष कार्य के लिए नई डीपीआर भी मांगी गई है, उन्होंने आश्वासन दिया कि इसकी प्रक्रिया जल्द पूरी होगी।
बेरोजगारी की समस्या पर उन्होंने जोर दिया कि जेकेएसएसबी और पीएससी में 32,474 पदों को भरने की मांग की गई है, जिससे युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार के बेहतर अवसर मिल सकें। उन्होंने कहा कि अखनूर जब तक जिला नहीं बनता तब तक कम से कम एडीसी का पद स्वीकृत किया जाए। कई अन्य मांगें भी उठाईं।
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संवाद न्यूज एजेंसी
अखनूर। विधानसभा सत्र संपन्न होने के बाद शुक्रवार को विधायक मोहन लाल भगत ने विधानसभा में उठाए जनहित से जुड़े मुद्दों, क्षेत्रीय विकास के लिए की गई कोशिशों और अपने संकल्पों को विस्तारपूर्वक साझा किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह सत्र अखनूर की आवाज बनकर विधानसभा में गूंजा है। अखनूर को जिला का दर्जा देने की मांग पर चर्चा करते हुए कहा कि वे इस विषय पर आवाज उठाते रहे हैं। इसे जिला बनाना प्राथमिकता है। इसी मुद्दे पर मार्शल आउट भी किया गया।।
प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने बताया कि पलवां स्थित स्पोर्ट्स स्टेडियम की बदहाल स्थिति को विधानसभा में गंभीरता से उठाया गया, जहां करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। इसकी उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। इस पर खेल मंत्री ने स्थल निरीक्षण का आश्वासन दिया। इसके साथ ही, उन्होंने सरकारी डिग्री कॉलेज अखनूर के खेल मैदान की मरम्मत का भी मामला सदन में जोरशोर से रखा।
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चिनाब नदी के किनारे बसे सितर्याला, चक सिकंदर, मैरा और इंद्री में हो रहे कटाव और बाढ़ से हो रहे नुकसान को देखते हुए इन क्षेत्रों में पक्के तटबंधों और बाढ़ सुरक्षा परियोजनाओं की आवश्यकता को रेखांकित किया। इसके अलावा, गंडारवां, सुमाह और पंजग्राईं जैसे इलाकों में चेक डैम निर्माण के प्रस्ताव रखे।
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विधायक ने बताया कि रक्षा भूमि मुआवजे का मुद्दा भी उठाया। सरकार ने माना है कि 9.21 करोड़ की लंबित राशि केवल सत्यापन प्रक्रिया के कारण रुकी है। स्वास्थ्य सुविधाओं के क्षेत्र में उन्होंने डॉक्टरों के रिक्त पदों की पूर्ति का मुद्दा जोर शोर से उठाया। पुराने अस्पताल के भवन का उपयोग जिसमें ईएनटी, नेत्र एवं दंत विभागों को पुराने अस्पताल में स्थानांतरित करने का सुझाव दिया। वहीं रोगी कल्याण समिति की पहली बैठक में ही ऐसा करने के निर्देश जारी किए। उन्होंने जानकारी दी कि अखनूर अस्पताल में डायलिसिस यूनिट के लिए टेंडर जारी हो चुका है और जल्द ही एमआरआई, सिटी स्कैन और ब्लड बैंक जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं अखनूर अस्पताल में उपलब्ध होंगी। उन्होंने बताया कि ज्यौड़ियां अस्पताल को इसी माह नई इमारत में स्थानांतरित किया जाएगा।
जल जीवन मिशन के तहत चल रही 43 पेयजल परियोजनाओं को प्राथमिकता से पूर्ण करने की आवश्यकता पर भी उन्होंने जोर दिया। शिक्षा के क्षेत्र में भी कई अहम मुद्दे उठाए गए।महाराजा गुलाब सिंह लाइब्रेरी के लिए डीपीआर तैयार करवाकर बजट की मांग की है। वहीं, प्रशासनिक मजबूती हेतु मिनी सचिवालय के लिए पहले जारी पांच करोड़ की राशि की सरकार ने पुष्टि की है और शेष कार्य के लिए नई डीपीआर भी मांगी गई है, उन्होंने आश्वासन दिया कि इसकी प्रक्रिया जल्द पूरी होगी।
बेरोजगारी की समस्या पर उन्होंने जोर दिया कि जेकेएसएसबी और पीएससी में 32,474 पदों को भरने की मांग की गई है, जिससे युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार के बेहतर अवसर मिल सकें। उन्होंने कहा कि अखनूर जब तक जिला नहीं बनता तब तक कम से कम एडीसी का पद स्वीकृत किया जाए। कई अन्य मांगें भी उठाईं।