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किश्तवाड़ में तीन घंटे तक रोकी मचैल यात्रा
ब्यूरो/अमर उजाला, किश्तवाड़
Updated Sun, 17 Aug 2014 08:05 PM IST
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मचैल यात्रा में जाने वाले श्रद्धालुओं को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। जन्माष्टमी की झांकी के कारण मचैल यात्रा आसपास के इलाकों में कई बार रोका गया। इस बीच जाम में फंसे लोगों में कई तरह की आफवाहें भी उड़ी।
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करीब तीन घंटे बाद जाकर यात्रा को शुरू कराया गया। वहीं, चैल माता के दरबार के लिए रविवार को छड़ी मुबारक रवाना की गई। पुराने शहर के पक्का डंगा स्थित श्री महालक्ष्मी मंदिर से निकली छड़ी मुबारक में संभाग भर से श्रद्धालुओं ने शिरकत कर आस्था जताई।
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छड़ी मुबारक 18 अगस्त को भद्रवाह चिनौत मंदिर से मां के दरबार के लिए आगे प्रस्थान करेगी। 19 अगस्त को किश्तवाड़ से चलकर छड़ी मुबारक गुलाबगढ़ अठोली में रात को रुकेगी। इसके अगले दिन 20 अगस्त को करीब दस किलोमीटर का सफर तय करके छड़ी मुबारक मसू क्षेत्र में रात को रुकेगी।
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इसके अगले दिन चशोती से 12 किलोमीटर का सफर तय करके छड़ी मुबारक 22 अगस्त को माता रानी के दरबार में दोपहर को पहुंचेगी। इसके अगले दिन भी छड़ी मुबारक मचैल माता के मंदिर में रुकेगी और 24 को वापसी करेगी।
इस दौरान मंदिर परिसर में भजन कीर्तन के अलावा हवन यज्ञ का आयोजन किया जाएगा, जिसमें सुख समृद्धि के लिए हजारों श्रद्धालु आहुतियां डालेंगे। किश्तवाड़ के गुलाबगढ़ क्षेत्र से मां का दरबार करीब तीस किलोमीटर दूरी पर स्थित है।