प्रधानमंत्री विकास पैकेज का कार्यान्वयन बना उपराज्यपाल का मुख्य एजेंडा, निर्देशों से साफ हुए इरादे
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
केंद्र शासित जम्मू कश्मीर में प्रधानमंत्री विकास पैकेज का तेज गति से कार्यान्वयन उपराज्यपाल गिरीश चंद्र मुर्मू के मुख्य एजेंडे में शामिल है। खासतौर से विकास परियोजनाओं, मानवीय राहत और सामाजिक ढांचे की परियोजनाओं को गति देने के निर्देश अधिकारियों को दे दिए हैं। मुर्मू स्वयं पैकेज से संबंधित घटकों पर नजर रख रहे हैं और अधिकारियों के साथ बैठकें कर दिशा निर्देश जारी कर रहे हैं।
पैकेज के तहत उपराज्यपाल ने कश्मीरी विस्थापितों के लिए रोजगार पैकेज के सभी पदों को जल्द भरने के निर्देश जारी करते हुए कश्मीर घाटी में 6000 ट्रांजिट आवासों का निर्माण करने के लिए भी कहा है। प्रधानमंत्री पैकेज के तहत कश्मीरी विस्थापितों को रोजगार के लिए 1080 करोड़ और ट्रांजिट आवास के लिए 920 करोड़ की राशि का प्रावधान रखा गया है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, 80068 करोड़ के पैकेज में मानवीय राहत पर 6313 करोड़, आपदा प्रबंधन पर 5858 करोड़, सामाजिक ढांचे पर 8057 करोड़ और आर्थिक ढांचे पर 54319 करोड़ की राशि खर्च होनी है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सात नवंबर 2015 को जम्मू कश्मीर पुनर्निर्माण योजना के तहत प्रधानमंत्री विकास पैकेज की घोषणा की थी लेकिन पूर्व में कार्यान्वयन की रफ्तार काफी सुस्त रही। पैकेज के तहत आईआर की पांच बटालियनों का गठन करना और पीओजेके और छंब विस्थापितों के 36384 परिवारों को वन टाइम सेटलमेंट के तहत 2000 करोड़ की राशि का प्रावधान रखा हुआ है। सामाजिक ढांचे में जम्मू व कश्मीर में 4000 करोड़ की राशि से दो एम्स, आईआईटी जम्मू व आईआईएम कश्मीर के लिए 2000 करोड़ का प्रावधान है।
बिजली, सड़क परियोजनाओं के लिए 54319 करोड़
प्रधानमंत्री विकास पैकेज में विकास परियोजनाओं के लिए 5521 करोड़ की राशि का प्रावधान है। इसके तहत पर्यटन विकास के लिए 2000 करोड़, स्मार्ट सिटी मिशन के लिए 500 करोड़, अमरूत योजना के लिए 744 करोड़ की राशि उपलब्ध करवाई गई है।
पैकेज में सबसे ज्यादा प्रमुखता बिजली और सड़क परियोजनाओं के निर्माण को दी गई है। इसमें जम्मू अखनूर पुंछ में फोर लेन सड़क के लिए 5100 करोड़, जोजिला टनल के लिए 9090 करोड़, भारत माला के तहत परियोजनाओं के लिए 2700 करोड़, बिजली की डीडीयूजीजेवाई और आईपीडीएस परियोजनाओं के लिए 3790 करोड़, लेह और कारगिल में सौर ऊर्जा के लिए 250 करोड़, जम्मू में सेमी रिंग रोड के लिए 1400 करोड़ और श्रीनगर में सेमी रिंग रोड के लिए 1860 करोड़ की राशि का प्रावधान है।