उम्मीद की सड़क पर हौसले की चाल, राजस्थान से जम्मू का सफर युवक ने साइकिल से तय किया
राजस्थान में काम करने गया जम्मू संभाग के उधमपुर का युवक सैकड़ों किलोमीटर का सफर साइकिल से तय कर 21 मई को अपने घर पहुंचा। जब वह राजस्थान से चला था तो उसके पास उम्मीद के अलावा और कुछ नहीं था। उसी उम्मीद की सड़क पर चलकर वह घर तक पहुंच गया।
हालांकि, उधमपुर पहुंचने पर उसे प्रशासन ने क्वारंटीन किया। सैंपल भेजकर कोरोना टेस्ट भी कराया। रिपोर्ट निगेटिव आने पर उसे घर भेज दिया गया। घर पहुंचकर वह काफी खुश है। परिवार की खुशी का भी ठिकाना नहीं हैं।
चैन सिंह ने बताया कि लॉकडाउन में उसका काम छिन गया। कई दिनों तक खाली बैठे रहने से जमापूंजी खत्म होने लगी थी। खाने पीने व रहने की परेशानियों से तंग आकर 9 मई को उसने हिम्मत करके अपनी साइकिल उठाई और उस पर सामान लादकर घर के लिए निकल पड़ा। रास्ते में उसे कई प्रकार की परेशानियां झेलनी पड़ीं। कहीं ढलान तो कहीं खड़ी चढ़ाई पर साइकिल चला-चलाकर पैरों में सूजन आ गई थी।
लगातार दिन रात चलने के बाद वह कई बार हिम्मत भी हार गया था
लगातार दिन रात चलने के बाद वह कई बार हिम्मत भी हार गया था। लेकिन रास्ते में ऐसे सैकड़ों श्रमिक भी नजर आए जो अपने छोटे-छोटे बच्चों के साथ कंधों पर सामान लादे पैदल ही मीलों के सफर पर निकले हुए थे। इसी से उसकी हिम्मत और बढ़ गई। लगातार 8 दिनों तक साइकिल पर सफर करने के बाद आखिरकार 16 मई को वह उधमपुर जिले की सीमा पर पंहुच गया।
जहां उसे क्वारंटीन केंद्र भेज दिया गया। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने उसका सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा। 21 मई को उसकी रिपोर्ट निगेटिव आने बाद वह साइकिल से अपने घर पंहुचा। इसे वह अपने परिवार की दुआओं व आशीष का फल मानता है। जो लगातार कई दिनों तक साइकिल पर सफर करने के बाद वह सुरक्षित अपने परिवार के पास पंहुच पाया है।