Lockdown Jammu Kashmir: अभी तक नहीं हो पाया प्रवासी मजदूरों का सर्वे, कब मिलेगा राशन
कोरोना वायरस से बचाव के लिए प्रधानमंत्री मोदी ने 24 मार्च को पूरे देश में लॉकडाउन घोषित किया था। ऐसे में प्रवासी मजदूरों की दिक्कत दूर करने के लिए प्रशासन ने राशन बांटने की योजना बनाई। लेकिन अब तक यह योजना धरातल पर नहीं उतर सकी। हालात यह हैं कि दस दिन पहले जारी आदेश के बाद अब तक प्रदेश में रह रहे मजदूरों का सर्वे भी पूरा नहीं हो पाया है। अब सवाल यह है कि कब तक इनको राशन मिलेगा।
10 दिन पहले जारी आदेश में प्रशासन ने कहा था प्रवासी मजदूरों को कोई परेशानी नहीं होने दी जाएगी। उन्हें भरपूर राशन मुहैया कराया जाएगा। तहसीलदारों को प्रवासी मजदूरों की सूची बनाने और प्रशासन को भेजने के भी आदेश दिए गए थे। लेकिन दस दिन होने के बाद भी अब तक राशन नहीं वितरित हो सका।
अब जिला प्रशासन ने शहरी और ग्रामीण इलाकों में अलग-अलग विभाग को प्रवासी मजदूरों का सर्वे करने की जिम्मेदारी दी है। नगर निगम, नगर परिषद और नगर पंचायत की ओर से सर्वे करवाया जा रहा है और प्रवासी लोगों की सूची तैयार की जा रही है।
प्रदेश में 50 हजार से ज्यादा प्रवासी मजदूर
जानकारी के अनुसार प्रदेश में 50 हजार से ज्यादा प्रवासी मजदूर रहते हैं। मजदूरों ने बताया कि लॉकडाउन के कारण हालत सबसे ज्यादा खराब है। दो वक्त की रोटी भी मुश्किल से मिल पा रही है। कुछ प्रवासी लोगों का काम मार्च माह से ही नहीं चल रहा है। इससे पैसों की किल्लत है।
इन राज्यों के रह रहे लोग
प्रदेश में उत्तर प्रदेश, बिहार, उत्तराखंड, पंजाब, झारखंड, गुजरात, राजस्थान से सबसे ज्यादा लोग मजदूरी का काम करने के लिए आते हैं।
कितना मिलना है राशन
प्रशासन की ओर से प्रवासी लोगों के लिए राशन की एक किट बनाई गई है। इसमें दस किलो आटा, चावल, दाल, नमक, मिर्च, सरसों का तेल है।
शहरों में प्रवासी लोगों को राशन नगर निगम के माध्यम से वितरित किया जाएगा। इसके लिए सर्वे करवाया जा रहा है। लोगों को जरूरत के हिसाब से राशन मुहैया करवाया जाएगा। -अवनी लवासा, आयुक्त, नगर निगम