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तस्वीर ने खोली पोलः एक ओर करुणकथा, तो वहीं टूटते लॉकडाउन से बेखबर जिम्मेदारों की कहानी
Mon, 27 Apr 2020 05:03 PM IST
प्रशांत कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: प्रशांत कुमार
Updated Mon, 27 Apr 2020 05:03 PM IST
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कमरे में मौजूद करीब बीस मजदूर
- फोटो : अमर उजाला
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जम्मू शहर में उत्तर प्रदेश के मथुरा से आए बीस मजदूर तीन दिन से भूखे रहे हैं। प्रशासन, नगर निगम या फिर पुलिस विभाग ने उनकी सुध तक नहीं ली। हालांकि इन विभागों की ओर से बड़े बड़े दावे प्रवासी मजदूरों के लिए किए जा रहे हैं। लेकिन धरातल पर कुछ होता नजर नहीं आ रहा है।
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बता दें कि गंगयाल में केबल तार बिछाने के काम के लिए एक कंपनी द्वारा मथुरा से बीस मजदूरों को बुलाया गया। लॉकडाउन शुरू होते ही मजदूरों का काम छिन गया। एक मजदूर ने बताया कि जो थोड़ा-बहुत पैसा कंपनी से मिला था वो भी खर्च हो गया। इस कारण बीते तीन दिनों से पैसे न होने के कारण भूखे हैं।
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उधर, चौंकाने वाली बात यह है कि एक तरफ प्रशासन सामाजिक दूरी बनाए रखने की बात कर रहा है। वहीं, एक कमरे में बीस मजदूर पिछले कई दिनों से रह रहे हैं। जिसकी प्रशासन को भनक तक नहीं।
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जिला प्रशासन के सर्वे करवाने का दावा भी निकाला झूठा
जिला प्रशासन की ओर से प्रवासी मजदूरों के लिए विशेष सर्वे करवाने और राशन बांटने के दावे किए जा रहे हैं। मगर ये दावे हवाहवाई ही साबित हो रहे हैं। मजदूरों का कहना है कि अभी तक कोई भी टीम उनके पास नहीं पहुंच पाई है। विपरीत परस्थितियों में कमरे का किराया अदा करना भी मुश्किल हो गया है। उनके पास खाने के लिए पैसे नहीं है। तीन दिनों से कुछ नहीं खाया। पानी पीकर ही सो रहे हैं। कंपनी के अधिकारी उनका फोन नहीं उठा रहे हैं। कोई सुध नहीं ले रहा है।
मौके पर जाकर देखा तो मजदूर थे तीन दिन से भूखे
उधर, हेल्थ एंड सैनिटेशन कमेटी के अध्यक्ष बलदेव सिंह बलौरिया को इसकी सूचना मिली। उन्होंने मौके पर जाकर देखा। मजदूरों की हालत काफी दयनीय थी। उन्होंने कहा कि फिलहाल हर गरीब मजदूर को 15 किलो आटा और दस किलो चावल के अलावा नमक, मिर्च, मसाले, सरसों का तेल, हल्दी वितरित की गई है। कहा कि अभी तक किसी ने इनकी सुध नहीं ली है। तीन दिनों से मजदूरों ने कुछ नहीं खाया था। उन्हें सूचना मिली थी कि एक कमरे में बीस मजदूर रह रहे हैं।
मौके पर जाकर देखा तो मजदूर थे तीन दिन से भूखे
उधर, हेल्थ एंड सैनिटेशन कमेटी के अध्यक्ष बलदेव सिंह बलौरिया को इसकी सूचना मिली। उन्होंने मौके पर जाकर देखा। मजदूरों की हालत काफी दयनीय थी। उन्होंने कहा कि फिलहाल हर गरीब मजदूर को 15 किलो आटा और दस किलो चावल के अलावा नमक, मिर्च, मसाले, सरसों का तेल, हल्दी वितरित की गई है। कहा कि अभी तक किसी ने इनकी सुध नहीं ली है। तीन दिनों से मजदूरों ने कुछ नहीं खाया था। उन्हें सूचना मिली थी कि एक कमरे में बीस मजदूर रह रहे हैं।