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उपराज्यपाल: जम्मू-कश्मीर में जनजातीय समानता का नया युग हुआ शुरू, युवाओं को मिलेगा रोजगार

Sun, 19 Sep 2021 12:49 AM IST
करिश्मा चिब न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू Published by: करिश्मा चिब Updated Sun, 19 Sep 2021 12:49 AM IST
सार

सरकार ने जनजातीय समुदाय के युवाओं को स्थायी रोजगार के अवसर प्रदान करने के साथ सर्वोत्तम शिक्षा और चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार करने के लिए कई योजनाएं शुरू की हैं।

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Lieutenant Governor: A new era of tribal equality has begun in Jammu and Kashmir, youth will get employment
उप-राज्यपाल मनोज सिन्हा (फाइल फोटो)। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि केंद्र शासित प्रदेश जम्मू कश्मीर में जनजातीय समुदाय के लिए सामाजिक समानता के एन नए युग की शुरुआत हुई है। पीआरआई और वन विभाग के परामर्श से जमीनी स्तर पर वन अधिकारों सुनिश्चित करने के लिए मजबूत तंत्र तैयार किया है। उपराज्यपाल ने शनिवार को कन्वेंशन सेंटर जम्मू में जनजातीय समुदाय के सदस्यों को व्यक्तिगत और सामुदायिक वन अधिकार प्रमाण पत्र वितरित किए। इस दौरान उपायुक्त राजोरी, जम्मू, पुंछ और किश्तवाड़ को उनके संबंधित जिलों में वन अधिकार अधिनियम के कार्यान्वयन में उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित किया गया।

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उपराज्यपाल ने वन अधिकार अधिनियम-2006 के पूर्ण कार्यान्वयन में उनकी भागीदारी को महत्वपूर्ण बताया। इस अधिनियम के तहत समुदायों के हितों की रक्षा की जाती है, जिनका अस्तित्व वनों के बिना अधूरा है। सरकार ने जनजातीय समुदाय के युवाओं को स्थायी रोजगार के अवसर प्रदान करने के साथ सर्वोत्तम शिक्षा और चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार करने के लिए कई योजनाएं शुरू की हैं। प्रवासी आबादी के लिए पारगमन आवास बनाने और आदिवासी गांवों को आदर्श गांवों के रुप में विकसित करने की योजना को अंतिम रूप दिया जा रहा है। वन अधिकार प्रमाण पत्र अधिनियम जनजातीय आबादी को विकास की मुख्य धारा से जोड़ेगा।
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जम्मू संभाग से दस हजार दावे विचाराधीन
एलजी ने कहा कि जम्मू संभाग के दस जिलों से 10389 दावे प्राप्त हुए, जिनमें से 8000 से अधिक दावों की ग्राम सभा और वन अधिकार समितियों के स्तर पर जांच की गई है। अब उपमंडल स्तर की समितियां जांच कर रही हैं। राजोरी, पुंछ, उधमपुर और रामबन में पारगमन आवास में आदिवासी लोगों के लिए चिकित्सा सुविधाएं और उनके मवेशियों के लिए पशु औषधालय होगा। इस वर्ष क्लस्टर जनजातीय माडल गांव के लिए केंद्र सरकार और यूटी कैपेक्स बजट के साथ 73 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। इस दौरान मुख्य सचिव डॉ. अरुण कुमार मेहता आदि मौजूद रहे।
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ट्रांजिट आवास पर काम जल्द शुरू होगा
कंडी के आदिवासी क्षेत्रों, राजोरी के थन्नामंडी, पुंछ में बेहराम गाला और राष्ट्रीय राजमार्ग के साथ उधमपुर व रामबन में ट्रांजिट आवास पर काम जल्द शुरू होगा। इसी तरह की योजना शोपियां में दुबजान, पुलवामा आदि के लिए है।

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