{"_id":"69ef4306bbfa710e900075b4","slug":"lg-saxena-approves-creation-of-5-new-districts-in-ladakh-ut-to-have-7-districts-now-2026-04-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ladakh: एलजी वी.के सक्सेना ने लद्दाख में पांच नए जिले बनाने को दी मंजूरी, नए जिलों से खुलेगा विकास का रास्ता","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ladakh: एलजी वी.के सक्सेना ने लद्दाख में पांच नए जिले बनाने को दी मंजूरी, नए जिलों से खुलेगा विकास का रास्ता
Mon, 27 Apr 2026 04:37 PM IST
Nikita Gupta
अमर उजाला, नेटवर्क लेह
अमर उजाला, नेटवर्क लेह
Published by: Nikita Gupta
Updated Mon, 27 Apr 2026 04:37 PM IST
सार
लद्दाख के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने पांच नए जिलों के गठन को मंजूरी दे दी है। अब कुल जिलों की संख्या दो से बढ़कर सात हो गई है।
विज्ञापन
लद्दाख के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
विनय कुमार सक्सेना ने सोमवार को लद्दाख में पांच नए जिलों के गठन को मंजूरी दे दी है। इस फैसले के साथ ही केंद्र शासित प्रदेश में अब कुल जिलों की संख्या बढ़कर सात हो गई है। इसे क्षेत्र के लोगों की लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा करने वाला ऐतिहासिक कदम बताया जा रहा है।
विज्ञापन
उपराज्यपाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर इसकी जानकारी देते हुए कहा कि यह निर्णय लद्दाख के लोगों की आकांक्षाओं को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। नए बनाए गए जिलों में नुब्रा, शम, चांगथांग, जांस्कर और द्रास शामिल हैं। इससे पहले लद्दाख में केवल दो ही जिले लेह और कारगिल थे।
विज्ञापन
उपराज्यपाल ने कहा कि यह कदम नरेंद्र मोदी के विकसित और समृद्ध लद्दाख के विजन के अनुरूप है। उन्होंने बताया कि इस प्रस्ताव को अगस्त 2024 में गृह मंत्रालय द्वारा मंजूरी दी जा चुकी थी, जो अमित शाह के नेतृत्व में लिया गया निर्णय था।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि नए जिलों के गठन से प्रशासन को विकेंद्रीकृत करने में मदद मिलेगी और दूर-दराज के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों तक सरकारी सेवाएं तेजी से पहुंच सकेंगी। इसके साथ ही रोजगार, विकास और उद्यमिता के नए अवसर भी पैदा होंगे।
5 अगस्त 2019 को अनुच्छेद 370 का निरसन के बाद जम्मू-कश्मीर का पुनर्गठन किया गया था जिसके तहत इसे दो केंद्र शासित प्रदेशों जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में विभाजित कर दिया गया था। तब से लद्दाख सीधे केंद्र सरकार के अधीन प्रशासनिक नियंत्रण में है।