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Umran Malik: उमरान मलिक को सुविधाओं के साथ नौकरी भी देगी जम्मू कश्मीर सरकार
Wed, 25 May 2022 01:00 PM IST
kumar गुलशन कुमार
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
Published by: kumar गुलशन कुमार
Updated Wed, 25 May 2022 01:00 PM IST
सार
जम्मू के गुज्जर नगर स्थित उमरान के घर उप राज्यपाल मनोज सिन्हा भी पूरे परिवार को बधाई देने पहुंचे। उन्होंने कहा कि उमरान के खेल प्रशिक्षण और अन्य सुविधाओं का जम्मू-कश्मीर सरकार ध्यान रखेगी।
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LG Manoj Sinha Met Umran Malik
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
आईपीएल में तेज गेंदबाजी से सनसनी मचाने और टीम इंडिया में चयन के बाद जम्मू एक्सप्रेस उमरान मलिक पहली बार मंगलवार को जम्मू लौटे। आईपीएल में सनराइजर्स हैदराबाद का सफर खत्म होने पर उमरान तीन माह बाद घर पहुंचे तो उनसे मिलकर सेल्फी लेने वालों का तांता लग गया। जम्मू के गुज्जर नगर स्थित उमरान के घर उप राज्यपाल मनोज सिन्हा भी पूरे परिवार को बधाई देने पहुंचे।
उन्होंने कहा कि उमरान के खेल प्रशिक्षण और अन्य सुविधाओं का जम्मू-कश्मीर सरकार ध्यान रखेगी। खेल नीति के तहत अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश का प्रतिनिधित्व करने वाले खिलाड़ी को राजपत्रित पद पर नौकरी का प्रावधान है। उमरान यदि चाहें तो उन्हें खेल नीति के तहत नौकरी दी जाएगी। उमरान ने उप राज्यपाल को खुद मिठाई खिलाई। आत्मीयता भरे माहौल में एलजी ने परिवार के सभी सदस्यों से बातचीत कर कहा - यह बड़ी उपलब्धि है, जिसे लेकर पूरे प्रदेश को उमरान पर गर्व है। उल्लेखनीय है कि उमरान ने आईपीएल में 13 मैच खेलकर 21 विकेट हासिल किए। 157 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से फेंकी गई गेंद इस सीजन में सबसे तेज रही।
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उन्होंने कहा कि उमरान के खेल प्रशिक्षण और अन्य सुविधाओं का जम्मू-कश्मीर सरकार ध्यान रखेगी। खेल नीति के तहत अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश का प्रतिनिधित्व करने वाले खिलाड़ी को राजपत्रित पद पर नौकरी का प्रावधान है। उमरान यदि चाहें तो उन्हें खेल नीति के तहत नौकरी दी जाएगी। उमरान ने उप राज्यपाल को खुद मिठाई खिलाई। आत्मीयता भरे माहौल में एलजी ने परिवार के सभी सदस्यों से बातचीत कर कहा - यह बड़ी उपलब्धि है, जिसे लेकर पूरे प्रदेश को उमरान पर गर्व है। उल्लेखनीय है कि उमरान ने आईपीएल में 13 मैच खेलकर 21 विकेट हासिल किए। 157 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से फेंकी गई गेंद इस सीजन में सबसे तेज रही।
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मां ने पसंद की खीर बनाई
तीन माह बाद घर लौटे उमरान को खीर पसंद है। मां ने कहा, उमरान को खीर बहुत पसंद है इसलिए उसकी पसंद की खीर बनाई है। मुझे पूरी उम्मीद है कि बेटा इसी तरह से अपने प्रदर्शन से देश और परिवार को गर्व महसूस करवाता रहेगा।
पिता बोले - बचपन में देख लिया था सपना
उमरान के पिता अब्दुल राशिद मलिक ने कहा कि उमरान ने बचपन से ही देश के लिए खेलने का सपना देखा था। सपना साकार होने की बेहद खुशी है। उन्होंने कहा कि जिस तरह से जम्मू-कश्मीर समेत पूरे देश से उमरान को इतना प्यार और तारीफ मिली है, वे उम्मीद करते हैं कि उमरान तेज गेंदबाजी में सारे रिकॉर्ड तोड़ेगा। सबसे महत्वपूर्ण देश के लिए सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना है, जिसे लेकर वह पूरी उम्मीद रखते हैं। उन्होंने कहा कि उमरान को बीसीसीआई की ओर से फिलहाल कोई इंटरव्यू न देने को कहा गया है, इसलिए वह मीडिया से बात नहीं कर सकता, लेकिन वे सभी का तहेदिल से शुक्रिया अदा करना चाहते हैं।
तीन माह बाद घर लौटे उमरान को खीर पसंद है। मां ने कहा, उमरान को खीर बहुत पसंद है इसलिए उसकी पसंद की खीर बनाई है। मुझे पूरी उम्मीद है कि बेटा इसी तरह से अपने प्रदर्शन से देश और परिवार को गर्व महसूस करवाता रहेगा।
पिता बोले - बचपन में देख लिया था सपना
उमरान के पिता अब्दुल राशिद मलिक ने कहा कि उमरान ने बचपन से ही देश के लिए खेलने का सपना देखा था। सपना साकार होने की बेहद खुशी है। उन्होंने कहा कि जिस तरह से जम्मू-कश्मीर समेत पूरे देश से उमरान को इतना प्यार और तारीफ मिली है, वे उम्मीद करते हैं कि उमरान तेज गेंदबाजी में सारे रिकॉर्ड तोड़ेगा। सबसे महत्वपूर्ण देश के लिए सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना है, जिसे लेकर वह पूरी उम्मीद रखते हैं। उन्होंने कहा कि उमरान को बीसीसीआई की ओर से फिलहाल कोई इंटरव्यू न देने को कहा गया है, इसलिए वह मीडिया से बात नहीं कर सकता, लेकिन वे सभी का तहेदिल से शुक्रिया अदा करना चाहते हैं।
उमरान मलिक
- फोटो : सोशल मीडिया
कभी सिर्फ टेनिस बॉल क्रिकेट खेलते थे उमरान
टेनिस बॉल क्रिकेट मैच में उमरान अपनी रफ्तार से बाजी पलट देते थे। गली क्रिकेट हो या फिर स्थानीय मुकाबले। शोहरत खेल मैदान तक ही सीमित रह जाती। गेंद की रफ्तार से सनसनी मचाने वाले उमरान मंगलवार को जम्मू लौटे तो शोहरत कामयाबी का शोर मचाती हुई घर तक चल कर आई। बाहर युवा और किशोर एक झलक पाने को बेताब थे। उमरान को देख हर कोई सेल्फी लेने की कोशिश में लग गया।
जम्मू-कश्मीर से दूसरे और जम्मू संभाग से पहले अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खिलाड़ी बने उमरान के गुज्जर नगर स्थित घर के बाहर मंगलवार को आम और खास सभी लोग उमड़ पड़े थे। पहले रिश्तेदार और आम लोग आए। कुछ ही देर में उप राज्यपाल का काफिला पहुंच गया। गौरव से भरे इन पलों में परिवार की आंखें फख्र और सुकून तो बयां कर ही रहीं थीं, पूरे मोहल्ले में जम्मू एक्सप्रेस की शोहरत धूम मचा रही थी। बीसीसीआई की हिदायत पर
उमरान ने किसी से खुलकर बात तो नहीं की, लेकिन जो भी मिलने आया उससे आत्मीयता और सादगी से मिलने से गुरेज नहीं किया। फल विक्रेता पिता अब्दुल राशिद मलिक बेटे की कामयाबी के कसीदे पढ़ते फूले नहीं समा रहे थे। वे बताते रहे कि साधारण से परिवार के इस लड़के ने क्रिकेट को खेल से बढ़कर जुनून बनाया, जिसका नतीजा आज सबके सामने है।
टेनिस बॉल क्रिकेट मैच में उमरान अपनी रफ्तार से बाजी पलट देते थे। गली क्रिकेट हो या फिर स्थानीय मुकाबले। शोहरत खेल मैदान तक ही सीमित रह जाती। गेंद की रफ्तार से सनसनी मचाने वाले उमरान मंगलवार को जम्मू लौटे तो शोहरत कामयाबी का शोर मचाती हुई घर तक चल कर आई। बाहर युवा और किशोर एक झलक पाने को बेताब थे। उमरान को देख हर कोई सेल्फी लेने की कोशिश में लग गया।
जम्मू-कश्मीर से दूसरे और जम्मू संभाग से पहले अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खिलाड़ी बने उमरान के गुज्जर नगर स्थित घर के बाहर मंगलवार को आम और खास सभी लोग उमड़ पड़े थे। पहले रिश्तेदार और आम लोग आए। कुछ ही देर में उप राज्यपाल का काफिला पहुंच गया। गौरव से भरे इन पलों में परिवार की आंखें फख्र और सुकून तो बयां कर ही रहीं थीं, पूरे मोहल्ले में जम्मू एक्सप्रेस की शोहरत धूम मचा रही थी। बीसीसीआई की हिदायत पर
उमरान ने किसी से खुलकर बात तो नहीं की, लेकिन जो भी मिलने आया उससे आत्मीयता और सादगी से मिलने से गुरेज नहीं किया। फल विक्रेता पिता अब्दुल राशिद मलिक बेटे की कामयाबी के कसीदे पढ़ते फूले नहीं समा रहे थे। वे बताते रहे कि साधारण से परिवार के इस लड़के ने क्रिकेट को खेल से बढ़कर जुनून बनाया, जिसका नतीजा आज सबके सामने है।