फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   lg manoj sinha handed over individual community rights certificates to the beneficiaries of Gujjar Bakerwal Gaddi Sippi under Forest Rights Act

गुज्जर-बकरवाल और गद्दी-सिप्पी समुदाय को तोहफा: उप-राज्यपाल ने सौंपे अधिकार प्रमाण पत्र, साथ ही की ये अपील

Mon, 13 Sep 2021 04:13 PM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू Published by: प्रशांत कुमार Updated Mon, 13 Sep 2021 04:13 PM IST
सार

उप-राज्यपाल ने कहा कि हम इस नई यात्रा की शुरुआत कर रहे हैं। मैं जम्मू-कश्मीर में अपने आदिवासी भाइयों और बहनों से आग्रह करता हूं कि वे भी वन्यजीवों की रक्षा करने, अपने परिवार के सदस्य की तरह जंगलों की रक्षा करने और जैव विविधता को बनाए रखने की अपनी जिम्मेदारी को पूरा करें।

विज्ञापन
lg manoj sinha handed over individual community rights certificates to the beneficiaries of Gujjar Bakerwal Gaddi Sippi under Forest Rights Act
उप-राज्यपाल मनोज सिन्हा - फोटो : @OfficeOfLGJandK

विस्तार

उप-राज्यपाल मनोज सिन्हा ने रविवार को गुज्जर-बकरवाल और गद्दी-सिप्पी समुदाय के लोगों को तोहफा दिया। इस दिन को उन्होंने ऐतिहासिक करार देते हुए कहा कि वन अधिकार अधिनियम, 2006 के तहत गुर्जर-बकरवाल और गद्दी-सिप्पी समुदायों के लाभार्थियों को व्यक्तिगत और सामुदायिक अधिकार प्रमाण पत्र सौंपे गए। यह केंद्र शासित प्रदेश की वंचित जनजातीय आबादी के लिए सशक्तिकरण और समृद्धि के एक नए युग की शुरुआत करेगा।
विज्ञापन


उप-राज्यपाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताया और कहा कि उनके आदर्शों का ईमानदारी से पालन करते हुए हम जनजातीय समुदाय को उचित अधिकार देने के लिए आगे बढ़ रहे हैं। हमारे आदिवासी भाइयों और बहनों के लिए एक नई न्यायसंगत सामाजिक व्यवस्था बनाने के लिए ऐसे कई और निर्णय लिए जा रहे हैं।
विज्ञापन

यह भी पढ़ें- हाइब्रिड आतंकी: पीठ पर गोलियां दाग हुआ फरार, इसी तरह हुई थी डार की हत्या, कैमरे में कैद हुई कायरता    
विज्ञापन
विज्ञापन


सिन्हा ने कहा कि आश्वस्त करना चाहता हूं कि आदिवासियों के अधिकारों की रक्षा के लिए केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन विभिन्न स्तरों पर लगातार काम कर रहा है। जिन क्षेत्रों में सामुदायिक अधिकार दिए जा रहे हैं, उन क्षेत्रों में आधारभूत संरचना के विकास के लिए तत्काल 10 करोड़ रुपये की राशि प्रदान की जाएगी। वन और आदिवासी पीढ़ियों का अटूट रिश्ता है। वन अधिकार अधिनियम के माध्यम से आदिवासी समुदाय को सशक्त बनाना निश्चित रूप से उनके जीवन की स्थिति को बदल देगा। वे अपने विकास के लिए संसाधनों तक पहुंच के साथ आत्मनिर्भर बनेंगे।
यह भी पढ़ें- रो पड़ी घाटी: शहीद के अंतिम दर्शन करने के लिए उमड़ा जन सैलाब, परिवार की हालत ने सबको झकझोर दिया

उप-राज्यपाल ने कहा कि हम इस नई यात्रा की शुरुआत कर रहे हैं। मैं जम्मू-कश्मीर में अपने आदिवासी भाइयों और बहनों से आग्रह करता हूं कि वे भी वन्यजीवों की रक्षा करने, अपने परिवार के सदस्य की तरह जंगलों की रक्षा करने और जैव विविधता को बनाए रखने की अपनी जिम्मेदारी को पूरा करें।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed