जम्मू कश्मीर: बेहतर परिवहन प्रबंधन पर एसओपी करें तैयार, उप राज्यपाल बोले- अब क्रैश बैरियर का भी होगा ऑडिट
नागरिक सचिवालय में शुक्रवार को उप राज्यपाल ने सड़क सुरक्षा से संबंधित मुद्दों पर अधिकारियों से चर्चा करते हुए कहा कि एनएचएआई पूर्व निर्धारित समय सीमा के भीतर यूटी में सभी एनएच पर सीसीटीवी स्थापित करे। प्रदेश की सभी प्रमुख और आंतरिक सड़कों का जल्द सुरक्षा ऑडिट किया जाए।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने जम्मू कश्मीर में बढ़ते सड़क हादसों पर संज्ञान लेते हुए वाहनों की फिटनेस जांच करने, ड्राइविंग लाइसेंस जारी करने, नियमों को कड़ाई से लागू करने और उल्लंघन करने वालों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई करने के लिए मजबूत एसओपी (मानव संचालन प्रक्रिया) तैयार करने को कहा है।
उन्होंने कहा, परिवहन व यातायात विभाग अन्य विभागों के प्रभावी समन्वय के साथ सड़क सुरक्षा के सभी पहलुओं की प्राथमिकता के आधार पर निगरानी करने पर जोर दें। सभी क्रैश बैरियर का ऑडिट किया जाए। ट्रैफिक पुलिस के अधिकारियों और परिवहन विभाग के इंजीनियरों के लिए कैलेंडर बनाया जाए, जिसमें अनधिकृत सड़कों के कट और अवैध रूप से किए गए डायवर्जन की जांच की जा सके।
नागरिक सचिवालय में शुक्रवार को उप राज्यपाल ने सड़क सुरक्षा से संबंधित मुद्दों पर अधिकारियों से चर्चा करते हुए कहा कि एनएचएआई पूर्व निर्धारित समय सीमा के भीतर यूटी में सभी एनएच पर सीसीटीवी स्थापित करे। प्रदेश की सभी प्रमुख और आंतरिक सड़कों का जल्द सुरक्षा ऑडिट किया जाए।
उन्होंने सड़क सुरक्षा उपायों के लिए महत्वपूर्ण दिशा निर्देश जारी करने के साथ सड़क दुर्घटनाओं को कम करने और प्रतिक्रिया प्रणाली में सुधार लाने के लिए विभिन्न तंत्रों को अपनाने का सुझाव दिया। वाहनों की फिटनेस और ड्राइविंग लाइसेंस जारी करने की जांच के लिए मजबूत प्रणाली अपनाई जाए।
सड़क दुर्घटनाएं लोगों के लिए एक बड़ा खतरा है और हमें ध्यान उन उपायों पर करना चाहिए जो घातक घटनाओं को रोकने में प्रभावी हों। यातायात उल्लंघनों के प्रवर्तन में सर्वोत्तम अभ्यास को अपनाया जाना चाहिए। नियमित आधार पर प्रवर्तन का मूल्यांकन करें।
सुरक्षा कानूनों के प्रवर्तन को सुनिश्चित करने और चालकों, ट्रांसपोर्टरों और युवाओं सहित सभी हितधारकों के बीच जागरूकता को बढ़ाया जाए। सड़क सुरक्षा के संदेश को फैलाने के लिए स्कूली शिक्षा और उच्च शिक्षा विभागों को शामिल किया जाए।
उन्होंने ब्लैक स्पॉट की पहचान और आगामी उपायों व जिलों में स्थापित सुरक्षा समितियों के उचित कामकाज और मोटर वाहन विभाग के कर्मचारियों के युक्तिकरण पर चर्चा की। इस दौरान प्रशासनिक सचिव परिवहन विभाग जी प्रसन्ना रामास्वामी, विक्रमजीत सिंह आईजीपी ट्रैफिक, सलाहकार राजीव राय भटनागर आदि मौजूद रहे।
अवैध होर्डिंग और सड़कों से अतिक्रमण हटाएं
उप राज्यपाल ने संभागीय आयुक्तों को सुरक्षित ड्राइविंग के लिए बाधा उत्पन्न करने वाले होर्डिग सहित सड़कों से सभी अतिक्रमण हटाने के लिए सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। यातायात पुलिस ओवर स्पीडिंग पर नकेल कसने और नियमित राजमार्ग गश्त सुनिश्चित करे। रोड साइनेज और स्पीड लिमिट बोर्ड लगाने पर विशेष ध्यान दिया जाए।
स्वास्थ्य विभाग ट्रामा सेंटर सुविधा की संभावना तलाशे
उप राज्यपाल ने सड़क दुर्घटनाओं में बेहतर रोगी चिकित्सा देखभाल के लिए जरूरत के मुताबिक ट्रामा सेंटर सुविधा विकसित करने की संभावना तलाशने को कहा है। डिजिटल और स्वचालित प्रणालियों को अपनाकर राजमार्गों व सड़कों पर स्थापित मौजूदा उपकरणों और डिजिटल प्रौद्योगिकी का इष्टतम उपयोग सुनिश्चित किया जाए। दुर्घटनाओं के आडिट की मजबूत प्रणाली विकसित करने के लिए देश के सर्वश्रेष्ठ मॉडल को अपनाया जाए।