जम्मू कश्मीर: कक्षाओं को परंपरा और तकनीकी सहयोग से जीवंत बनाएं- उपराज्यपाल
जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने दीवानिनी वी. बद्रीनाथ एजुकेशनल ट्रस्ट द्वारा संचालित तीन स्कूलों के संयुक्त वार्षिक समारोह में भाग लिया।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
नई शिक्षा नीति के तहत स्कूलों और कक्षाओं को परंपरा और तकनीकी सहयोग से जीवंत बनाने का प्रयास किया जा रहा है। स्कूलों को हैप्पी स्कूल में बदलने की दिशा में काम हो रहा है। ये तभी संभव हो पाएगा जब शिक्षा व्यवस्था, शिक्षक, विद्यार्थी तीनों एक साथ सिलेबस के बने बनाए सांचे से मुक्त होकर विश्व की जरूरतों और जिज्ञासा वाली व्यवस्थाओं का निर्माण करेंगे। यह बात उप-राज्यपाल मनोज सिन्हा ने शुक्रवार को जम्मू में श्रीमती देवाननी वी.बद्रीनाथ एजुकेशनल ट्रस्ट द्वारा संचालित तीन विद्यालयों के वार्षिक समारोह में कही।
इस दौरान उन्होंने कहा कि आज के बच्चे बड़े सौभाग्यशाली हैं कि उन्हें नई शिक्षा नीति के रूप में एक अमूल्य तोहफा मिला है। उन्होंने कहा कि शिक्षक पढ़ाने से ज्यादा बच्चों को सुनने और समझने की कोशिश करें, जबकि विद्यार्थी ज्यादा से ज्यादा प्रश्न पूछें। विद्यार्थियों की जिज्ञासा जागृत हो ऐेसा माहौल कक्षाओं में बनाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि अमेरिका के प्रोफेसर ने शोध कर निष्कर्ष निकाला कि पांच साल का बच्चा हर रोज 300 प्रश्न पूछता है, लेकिन 10 साल के अंतराल में उसने प्रश्न पूछने कम कर दिए। इसका कारण बच्चों का सिलेबस और पाठ्यक्रम में उलझे रहना है।
कक्षाओं में सिर्फ बच्चे नहीं बल्कि भविष्य के वैज्ञानिक, डॉक्टर, इंजीनियर और संगीतकार हैं, जिन्हें सिर्फ ज्ञान नहीं बल्कि भविष्य के पथ पर चलने के लिए तैयार करना होगा। उन्होंने कहा कि तकनीक और परंपरा के मेलजोल द्वारा ट्रस्ट के तीनों स्कूलों ने पारंपरिक मूल्य, संस्कृति, मातृभाषा, कौशल और स्वतंत्र विचारों को तरजीह दी है। विद्यार्थियों को अपने चुने हुए कॅरिअर में सफल होने के लिए कौशल, जिज्ञासा, महत्वपूर्ण सोच, अनुकूलन क्षमता, प्रभावी संचार, टीमवर्क और सहयोग की आवश्यकता होगी। कार्यक्रम में डीबीएन ट्रस्ट के सचिव गौरी नायर ने कहा, ट्रस्ट की ओर से डीबीएन विद्या मंदिर मुबारक मंडी, डीबीएन विद्या मंदिर अमर बेला और एसएनएस विद्या मंदिर स्कूलों का संचालन किया जा रहा है। इस अवसर पर ट्रस्ट के अध्यक्ष वीरेंद्रजीत सिंह, ट्रस्टी प्रधानाध्यापक, शिक्षक, संकाय सदस्य, छात्र और अभिभावक उपस्थित थे।