11 सीटों के लिए हर विधायक डालेगा सात वोट
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विधान परिषद चुनाव में 11 सीटों के लिए हर विधायक सात वोट डाल पाएगा। चुनाव आयोग इसके लिए चार अधिसूचना जारी कर सकता है। दो मार्च को विधानसभा सचिवालय में वोट डाले जाएंगे। नंबर गेम के हिसाब से पीडीपी-भाजपा को सात सीटें मिलना तय है। लेकिन, कांग्रेस-नेकां गठबंधन कड़ी चुनौती पेश करने को चक्रव्यूह रचने में जुटा हुआ है।
राज्यसभा चुनाव में भाजपा-पीडीपी का चक्रव्यूह भेदकर गुलाम नबी आजाद जीतने में सफल रहे। कुछ इस तरह से ही विधान परिषद चुनाव में भी निर्दलीय विधायकों के साथ मिलकर नेकां-कांग्रेस गठबंधन चार सीटों पर चुनौती पेश कर सकता है। उम्मीदवारों के चयन के लिए पार्टियों में कवायद तेज हो गई है।
कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष प्रो. सैफुद्दीन सोज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी से चर्चा के लिए दिल्ली में हैं। इसी तरह भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष जुगल किशोर शर्मा भी पार्टी नेतृत्व से चर्चा के लिए बुधवार को दिल्ली रवाना हो गए। पीडीपी तथा नेकां की ओर से भी प्रत्याशियों के चयन की कवायद तेज कर दी गई है।
चुनाव कार्यक्रम
नामांकन की अंतिम तिथि: 18 फरवरी
नामांकन पत्रों की जांच : 19 फरवरी
नाम वापसी : 21 फरवरी
मतदान : दो मार्च
मतगणना : दो मार्च शाम पांच बजे के बाद
विधान परिषद चुनाव के लिए गर्माई सियासत
रियासत में भाजपा-पीडीपी में सरकार गठन की उलझी परतें चाहें अभी पूरी तरह से खुल न पाई हो, पर राज्यसभा चुनाव की तरह अब विधान परिषद चुनाव की 11 सीटों के लिए सियासत गर्मा गई है। पार्टियों में विधान परिषद चुनाव के लिए उम्मीदवारों के चयन से लेकर अपनी सहयोगी पार्टियों से चर्चाओं का दौर भी शुरू हो चुका है।
पार्टी सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष एवं सांसद जुगल किशोर शर्मा विधान परिषद चुनाव के अलावा सरकार गठन पर केंद्रीय नेतृत्व से चर्चा के लिए बुधवार शाम को दिल्ली रवाना हो गए। वीरवार को उनका पार्टी नेताओं से मिलने का कार्यक्रम है। इसमें विधान परिषद चुनाव के लिए उम्मीदवार के चयन से लेकर पीडीपी से गठबंधन पर भी चर्चा होगी। इसी तरह कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष प्रो. सैफुद्दीन सोज भी दिल्ली में हैं।
वह भी पार्टी नेतृत्व से एमएलसी चुनाव पर चर्चा कर रहे हैं। राज्य स्तरीय पार्टियों में पीडीपी और नेशनल कांफ्रेंस में भी विधान परिषद चुनाव के लिए चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। पीडीपी के मुख्य प्रवक्ता नईम अख्तर का कहना है कि पार्टी विधान परिषद के चुनाव के लिए रणनीति पर चर्चा करेगी।
पार्टी नेताओं के अनुसार वीरवार को विधान परिषद चुनाव की अधिसूचना जारी होने के बाद सियासत और गर्मा जाएगी और पार्टियों के लिए उम्मीदवारों के चयन से लेकर नामांकन के अलावा नंबर गेम की व्यूह रचना का सिलसिला भी तेज हो जाएगा। हालांकि उम्मीद यही है कि राज्यसभा चुनाव की तरह इस चुनाव में भी पीडीपी भाजपा का गठजोड़ रहेगा।
इसी तरह नेकां कांग्रेस का गठजोड़ भी होगा। इसी तरह जो निर्दलीय विधायक राज्यसभा चुनाव में जिस गठबंधन के साथ रहे इसमें भी लगभग ऐसी स्थिति ही रहेगी।