{"_id":"6674c91f950cbc2cf30ff1f4","slug":"legal-help-gave-to-govt-employee-if-fake-complaint-against-him-jammu-news-c-10-jam1006-384649-2024-06-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jammu News: झूठी शिकायत होने पर सरकारी कर्मचारियों को मिलेगी कानूनी मदद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jammu News: झूठी शिकायत होने पर सरकारी कर्मचारियों को मिलेगी कानूनी मदद
विज्ञापन
-ऐसे मामलों से निपटने के लिए प्रभावित कर्मी को कानूनी मदद मिलेगी
-गलत शिकायतों पर भारतीय दंड संहिता की धारा 182 के तहत मुकदमा चलाने का प्रावधान
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों (लोक सेवक) के खिलाफ झूठी शिकायतों के मामलों में वृद्धि को देखते हुए उन्हें अनुचित उत्पीड़न से बचाने की पहल की गई है। ऐसे मामलों में लोक सेवकों को कानूनी सहायता मुहैया करवाने का प्रावधान किया गया है। ऐसी शिकायतों से निपटने के लिए प्रशासनिक विभागों, विभागाध्यक्षों और संवर्ग नियंत्रण अधिकारियों को निम्नलिखित दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
सामान्य प्रशासन विभाग के आयुक्त सचिव संजीव गुप्ता की ओर से जारी एक आदेश में झूठी शिकायतों के मामलों में भारतीय दंड संहिता की धारा 182 के तहत मुकदमा चलाने का प्रावधान किया गया है। संबंधित लोक सेवक या किसी अन्य वरिष्ठ लोक सेवक द्वारा न्यायालय में दायर की गई शिकायत के आधार पर दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 की धारा 195 के अंतर्गत अभियोजन प्रारंभ किया जा सकेगा। झूठी शिकायत से प्रभावित सरकारी कर्मचारियों को संस्थागत सहायता प्रदान की जाएगी। किसी लोक सेवक से रिपोर्ट या अनुरोध प्राप्त होने पर आपराधिक कार्यवाही आरंभ करने के लिए प्रभावित कर्मचारी को अपराध शाखा से संपर्क करने में सहायता दी जाएगी। झूठी शिकायतों के परिणामस्वरूप नुकसान झेलने वाले लोक सेवकों को जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ क्षतिपूर्ति की मांग करते हुए मुकदमा दायर करने में सुविधा प्रदान की जाएगी। जांच मामलों में अगर किसी प्रकाशक को दोषी पाया जाता है तो उसकी मान्यता करने और सरकारी विज्ञापन रोकने के लिए प्रेस कौंसिल आफ इंडिया से सिफारिश की जाएगी।
विज्ञापन
-गलत शिकायतों पर भारतीय दंड संहिता की धारा 182 के तहत मुकदमा चलाने का प्रावधान
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों (लोक सेवक) के खिलाफ झूठी शिकायतों के मामलों में वृद्धि को देखते हुए उन्हें अनुचित उत्पीड़न से बचाने की पहल की गई है। ऐसे मामलों में लोक सेवकों को कानूनी सहायता मुहैया करवाने का प्रावधान किया गया है। ऐसी शिकायतों से निपटने के लिए प्रशासनिक विभागों, विभागाध्यक्षों और संवर्ग नियंत्रण अधिकारियों को निम्नलिखित दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
सामान्य प्रशासन विभाग के आयुक्त सचिव संजीव गुप्ता की ओर से जारी एक आदेश में झूठी शिकायतों के मामलों में भारतीय दंड संहिता की धारा 182 के तहत मुकदमा चलाने का प्रावधान किया गया है। संबंधित लोक सेवक या किसी अन्य वरिष्ठ लोक सेवक द्वारा न्यायालय में दायर की गई शिकायत के आधार पर दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 की धारा 195 के अंतर्गत अभियोजन प्रारंभ किया जा सकेगा। झूठी शिकायत से प्रभावित सरकारी कर्मचारियों को संस्थागत सहायता प्रदान की जाएगी। किसी लोक सेवक से रिपोर्ट या अनुरोध प्राप्त होने पर आपराधिक कार्यवाही आरंभ करने के लिए प्रभावित कर्मचारी को अपराध शाखा से संपर्क करने में सहायता दी जाएगी। झूठी शिकायतों के परिणामस्वरूप नुकसान झेलने वाले लोक सेवकों को जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ क्षतिपूर्ति की मांग करते हुए मुकदमा दायर करने में सुविधा प्रदान की जाएगी। जांच मामलों में अगर किसी प्रकाशक को दोषी पाया जाता है तो उसकी मान्यता करने और सरकारी विज्ञापन रोकने के लिए प्रेस कौंसिल आफ इंडिया से सिफारिश की जाएगी।
विज्ञापन