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Jammu News: 25 साल से एक ही वेतनमान, 7 हजार प्रवक्ता परेशान
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अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। प्रदेश के 726 सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में कार्यरत 7 हजार के करीब प्रवक्ता 20 से 25 साल से एक ही वेतनमान पर सेवाएं दे रहे हैं। प्रवक्ताओं के लिए एसीपी (सुनिश्चित कैरियर प्रगति) का कोई प्रावधान नहीं है, जबकि प्रवक्ता के ही ग्रेड में शामिल प्रोफेसर और डॉक्टर को एसीपी का लाभ मिल रहा है। रविवार को प्लस टू लेक्चरर फोरम ने अपना वार्षिक दिवस मनाया। इसमें नई शिक्षा नीति के कार्यान्वयन के साथ प्रवक्ताओं से जुड़े विषयों पर चर्चा हुई।
प्लस टू लेक्चरर फोरम ने रविवार को केएल सहगल हाल में वार्षिक दिवस मनाया। इसमें जम्मू और कश्मीर संभाग से पहुंचे प्रवक्ताओं ने कई मुद्दों पर चर्चा की। एसोसिएशन के सदस्य गुलाम नबी ने कहा कि अधिकांश सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में प्रवक्ताओं की कमी कमी है। विषय वार प्रवक्ताओं के पद खाली हैं। संभागीय उपाध्यक्ष कश्मीर फयाज अहमद ने कहा कि प्रवक्ताओं के लिए एसीपी नहीं होने से 20 से 25 साल तक वह एक ही वेतनमान पर काम करने को मजबूर हैं। सरकार शैक्षणिक उत्कृष्टता की बात करती है, लेकिन शिक्षकों को उनके हक नहीं देती है। उन्होंने कहा कि स्कूल स्तर पर पत्रकारिता सहित अन्य विषयों की पढ़ाई होनी चाहिए। एसोसिएशन के चेयरमैन आरएस सलाथिया और अध्यक्ष प्रदीप रकवाल ने एनुअल ट्रांसफर ड्राइव में जोन की बजाय स्कूल चुनने की अनुमति देने की मांग की। प्रवक्ताओं को नियमित करने का भी बात उठी। कार्यक्रम में पूर्व मंत्री सुशली शर्मा मुख्य अतिथि थे। उन्होंने कहा कि प्रवक्ताओं की मांगों से विभाग के उच्च अधिकारियों के साथ एलजी को अवगत करवाया है।
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जम्मू। प्रदेश के 726 सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में कार्यरत 7 हजार के करीब प्रवक्ता 20 से 25 साल से एक ही वेतनमान पर सेवाएं दे रहे हैं। प्रवक्ताओं के लिए एसीपी (सुनिश्चित कैरियर प्रगति) का कोई प्रावधान नहीं है, जबकि प्रवक्ता के ही ग्रेड में शामिल प्रोफेसर और डॉक्टर को एसीपी का लाभ मिल रहा है। रविवार को प्लस टू लेक्चरर फोरम ने अपना वार्षिक दिवस मनाया। इसमें नई शिक्षा नीति के कार्यान्वयन के साथ प्रवक्ताओं से जुड़े विषयों पर चर्चा हुई।
प्लस टू लेक्चरर फोरम ने रविवार को केएल सहगल हाल में वार्षिक दिवस मनाया। इसमें जम्मू और कश्मीर संभाग से पहुंचे प्रवक्ताओं ने कई मुद्दों पर चर्चा की। एसोसिएशन के सदस्य गुलाम नबी ने कहा कि अधिकांश सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में प्रवक्ताओं की कमी कमी है। विषय वार प्रवक्ताओं के पद खाली हैं। संभागीय उपाध्यक्ष कश्मीर फयाज अहमद ने कहा कि प्रवक्ताओं के लिए एसीपी नहीं होने से 20 से 25 साल तक वह एक ही वेतनमान पर काम करने को मजबूर हैं। सरकार शैक्षणिक उत्कृष्टता की बात करती है, लेकिन शिक्षकों को उनके हक नहीं देती है। उन्होंने कहा कि स्कूल स्तर पर पत्रकारिता सहित अन्य विषयों की पढ़ाई होनी चाहिए। एसोसिएशन के चेयरमैन आरएस सलाथिया और अध्यक्ष प्रदीप रकवाल ने एनुअल ट्रांसफर ड्राइव में जोन की बजाय स्कूल चुनने की अनुमति देने की मांग की। प्रवक्ताओं को नियमित करने का भी बात उठी। कार्यक्रम में पूर्व मंत्री सुशली शर्मा मुख्य अतिथि थे। उन्होंने कहा कि प्रवक्ताओं की मांगों से विभाग के उच्च अधिकारियों के साथ एलजी को अवगत करवाया है।
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