Dost Police Campaign: बेखौफ होकर बोलीं छात्राएं, अब नहीं है डरने की जरूरत, दर्ज कराएंगे शिकायत
दोस्त पुलिस अभियान के तहत महिला थाना गांधी नगर में छात्राओं ने कानून और पुलिस की कार्यप्रणाली की जानकारी लेकर बेखौफ होकर शिकायत दर्ज कराने का संकल्प लिया।
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पुलिस से बिल्कुल डरने की जरूरत नहीं है। यह आपके और आपके अधिकारों की सुरक्षा के लिए है। जब भी ऐसा लगे कि पुलिस की सहायता की जरूरत है, तो बिना डर व झिझक के पुलिस को अपना दोस्त मानकर अपनी बात कह सकती हैं। तत्काल आपको सहायता दी जाएगी। यह अपील इंस्पेक्टर आरती ठाकुर ने अमर उजाला फाउंडेशन की तरफ से शनिवार को गांधी नगर स्थित महिला थाने में दोस्त पुलिस अभियान के तहत हुए कार्यक्रम में की।
इस दौरान पुलिस अधिकारी ने परिसर में पहुंचीं गवर्नमेंट गर्ल्स हाई स्कूल गांधी नगर व गवर्नमेंट हायर सेकेंडरी स्कूल शास्त्री नगर की 50 छात्राओं की जिज्ञासाओं को शांत किया। एसआई किरन ने महिला हिंसा से संबंधित अपराधों की जानकारी दी।थाना प्रभारी आरती ठाकुर ने बताया कि मौजूदा समय में पुलिस की तरफ से टोल फ्री नंबर 1091 और 100 जारी किया गया है, जिस पर छात्राएं किसी भी आपातकालीन समस्या के संबंध में फोन कर सकती हैं। उनके फोन के बाद कंट्रोलरूम से मिली सूचना पर तत्काल पुलिस आपकी सहायता के लिए मौके पर पहुंचेगी।
इसमें किसी तरह के डर और दवाब में आने की जरूरत नहीं है। बेखौफ होकर अपनी बात पुलिस से बता सकती हैं और एफआईआर दर्ज करवा सकती हैं। इस अवसर पर गवर्नमेंट गर्ल्स हाईस्कूल की शिक्षिका समीना, रुपिंदर कौर, गवर्नमेंट गर्ल्स हायर सेकेंडरी स्कूल शास्त्री नगर की शिक्षिका सोनिया शर्मा, सुदेश कुमारी मौजूद रहीं।
24 घंटे शिकायत सेल सक्रिय, शिकायत दर्ज कराने के लिए तीन काउंटर
महिला थाना में शिकायत निवारण प्रकोष्ठ की प्रभारी ज्योति देवी ने बताया कि वह यहां सीधे आकर काउंटर पर शिकायत दर्ज करवाने के लिए स्वतंत्र हैं। इसके दर्ज होते ही जांच शुरू होने के साथ ही मामला दर्ज किया जाता है। इसके लिए उन्हें अपने साथ किसी को लाने की भी जरूरत नहीं है। अपने अधिकारों को जानने की जरूरत है।
छात्राओं ने जानी शिकायत दर्ज करवाने की प्रक्रिया
कार्यक्रम में दोनों स्कूलों की छात्राओं ने एक स्वर में अमर उजाला की इस पहल का स्वागत किया है। साथ ही कहा कि थाना प्रभारी इंस्पेक्टर आरती ठाकुर की ओर से काफी महत्वपूर्ण जानकारियां मिली हैं। रिपोर्टिंग रूम में जाकर शिकायत कैसे दर्ज कराएं, किस तरह आगे की कार्रवाई की जाएगी इसकी जानकारी दी। यह हम सभी के लिए अनूठा अनुभव रहा। कानूनों की जानकारी मौजूदा समय में बेहद जरूरी है।
थाने में आकर खत्म हुआ अंदर का डर
महिला थाने में आकर पुलिस के प्रति जो मन में डर था वह खत्म हो गया है। हम फिल्मों या समाज में इसकी छवि के बारे में सुनते और देखते हैं। इससे विपरीत पुलिस का चेहरा दिखाई दिया। सभी ने बहुत ही सहज तरीके से कानूनों व अधिकारों की जानकारी दी।-मन्नत, छात्रा, गवर्नमेंट गर्ल्स हायर सेकेंड्री स्कूल शास्त्री नगर (जम्मू)
पुलिस हमारी मित्र है, सहायता के लिए है तत्पर
महिलाओं की सुरक्षा व अपराधों के प्रति कानूनी कार्रवाई के लिए महिला पुलिस की भूमिका सराहनीय है। हम सभी के मन में जो शंकाएं थीं, उनका निदान हो गया। भविष्य में बेखौफ होकर किसी समस्या पर थाने में आकर सहायता लेंगे। यह पहल सभी के लिए प्रेरणादायी है।-तनिका, छात्रा, गवर्नमेंट गर्ल्स हायर सेकेंडरी स्कूल, शास्त्री नगर (जम्मू)
लड़कियों को कानूनों की जानकारी होना जरूरी
महिलाओं व बेटियों के प्रति बढ़ते अपराध की रोकथाम के लिए बनाए कानूनो की जानकारी होना जरूरी है। पुलिस की भूमिका बेहद सकारात्मक है। पुलिस तभी सहायता दे सकती है, जब हम भी जागरूक होंगे। कानून की मदद करेंगे तो न्याय मिल सकेगा।-मोनिका शर्मा, छात्रा, गवर्नमेंट गर्ल्स हाई स्कूल गांधी नगर
अपनी सुरक्षा के प्रति सजग रहने की जरूरत
अपनी सुरक्षा के प्रति हर लड़की को सजग रहने की जरूरत है। किसी प्रकार की हिंसा के खिलाफ आवाज उठाने की शुरुआत खुद से करनी होगी। बिना डरे पुलिस थाने में आकर शिकायत दर्ज कराने की जरूरत है। इसके लिए खुद के साथ ही घर पर भी महिलाएं जागरूक हों तो पुलिस को कार्रवाई करने में आसानी होगी। दोस्त पुलिस अभियान निश्चित तौर पर महिलाओं व लड़कियों को जागरूक करने का काम करेगा।-पूजा, छात्रा, गवर्नमेंट गर्ल्स हाई स्कूल गांधी नगर