भारतीय सेना में लश्कर के स्लीपर सेल की घुसपैठ?
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पाकिस्तानी आतंकी नावेद से जानकारियां उगलवाने और उनकी पड़ताल करने का सिलसिला लगातार जारी है। पुलिस ने नावेद की रिमांड 14 को दिन और बढ़ा दिया है। आज जम्मू एनआईए के टीम पहुंच रहे है। जो नावेद इस हमले को लेकर पूछताछ कर करेंगे।
नावेद के अब तक के खुलासों से यह साफ हो गया है कि कश्मीर में लश्कर के कई स्लीपर सेल एक्टिव हैं। नावेद की निशानदेही पर गिरफ्तार किए गए दो बढ़ई फयाज अहमद वानी और जावेद अहमद वानी दोनों ही एयर फोर्स स्टेशन में बढ़ई का काम करते थे।
चिंता की बात ये है कि सेना और पुलिस को इस बात की भनक तक नहीं लगी। अब सवाल ये उठता है कि सेना की नजरों से ये लोग कैसे बच गए। ये सारा बाकया राज्य की खुफिया एजेंसी पर प्रश्नचिंह लगा रहा है।
अब तक कई लोग हुए है गिरफ्तार
जम्मू कश्मीर के उप मुख्यमंत्री निर्मल सिंह ने एक समचार चैनल को दिए बयान में इस बात को स्वीकारा है कि कश्मीर घाटी समेत पूरे राज्य में लश्कर की स्लीपर सेल मौजूद है। स्लीपर सेल से सबसे बड़ा खतरा यह है कि वे सीमा पार करने वाले आतंकवादियों को मदद मुहैया करवाते हैं।
लश्कर के स्लीपर सेल के अलावा पाकिस्तानी जासूसों का एक नेटवर्क भी जम्मू-कश्मीर में और पंजाब में सेना के प्रतिष्ठानों के आसपास सक्रिय है। पिछले साल मार्च में फरीदकोट के आर्मी बेस में सेना का एक क्लर्क जासूसी के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।
अगस्त 2014 में, वायु सेना का एक कर्मचारी सेना के अति गोपनीय दस्तावेजों को पाकिस्तानी की एक महिला जासूस को बेचने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। शीर्ष खुफिया सूत्रों की माने तो आतंकवादी एक विशेष समुदाय के साथ-साथ सुरक्षा प्रतिष्ठानों को निशाना बना रहे हैं।