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जम्मू में मजबूत हो रहा लश्कर के आतंकियों का स्लीपर सेल

Wed, 22 Jun 2016 11:18 AM IST
अजय मीनिया, अमर उजाला/जम्मू
अजय मीनिया, अमर उजाला/जम्मू Updated Wed, 22 Jun 2016 11:18 AM IST
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lashkar sleeper cell active in jammu
आतंकवादी

मंदिरों के शहर में आतंकी आसानी से पनाह लेने और अपने नेटवर्क को चलाने में सफल हो रहे हैं। आतंकियों का स्लीपर सेल शहर में मजबूत हो रहा है। हालांकि वह जम्मू में किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने में सफल नहीं हुआ है। पिछले दस महीनों में हुई तीन आतंकी वारदातों में दो आतंकी मारे गए और दो जिंदा पकड़े गए। 

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इन वारदातों की जांच करने के बाद यह बात सामने आई कि तीनों ही मामलों के तार जम्मू से जुड़े और आतंकियों ने जम्मू में रहकर अपना नेटवर्क चलाया। आतंकियों के खातों में पैसे, रहने के लिए जगह, हथियारों की उपलब्धता और शहर की जानकारी आसानी से इनके तक पहुंची है। इसमें होटलों, शहर में स्थानीय यातायात, ढाबों का इस्तेमाल किया गया और खुफिया तंत्र को इसकी भनक तक नहीं लगी। 
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पांच अगस्त 2015 को उधमपुर के नरसू नाले के पास हुए आतंकी हमले में एक आतंकी मारा गया और एक पकड़ा गया। पकड़े गए आतंकी नावेद से पूछताछ में यह बात सामने आई कि वह दो दिन तक जम्मू क्षेत्र में रुके। कभी बड़ी ब्राह्मणा तो कभी सिद्ड़ा। 

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शहर में आतंकियों की पनाह मचा सकती है तबाही

lashkar sleeper cell active in jammu

इसके बाद 24 नवंबर 2015 को शहर के बठिंडी इलाके से पुलिस ने लश्कर के आतंकी शब्बीर को दबोचा। वह तीन दिन तक लगातार शहर में रहा और शहर के कोने-कोने से वाकिफ हुआ। अब ताजा मामला कुद में हुए आतंकी हमले का है। इसमें मारा गया आतंकी तनवीर सुल्तान शहर के सुभाष नगर में तीन महीने सरकारी क्वार्टर में रहा, लेकिन किसी को कानों कान खबर तक नहीं हुई। 

सिर्फ नाम की किरायेदारों की जांच
पिछले एक साल में शहर में रहने वाले किरायेदारों और बाहरी राज्यों से आने वालों की जांच करने के लिए तीन बार आदेश जारी हुआ है। अभी हाल ही में 14 जून को आदेश जारी हुआ है। इसके छह महीने पहले भी यह आदेश जारी हुआ था। प्रशासन को एक साल से इनपुट दिए जा रहे हैं कि शहर में आतंकी पनाह ले रहे हैं, लेकिन एक साल में तीन आदेशों में से एक का भी पूरी तरह पालन नहीं हुआ। पुलिस और प्रशासन के पास किरायेदारों और बाहरी लोगों का कोई ब्यौरा नहीं है। 

सुरक्षा एवं खुफिया तंत्र सक्षम
ऐसी गतिविधियों और लोगों पर नजर रखने के लिए खुफिया और सुरक्षा एजेंसियों मिलकर कर काम करती हैं और सब सक्षम हैं। पुलिस कम्युनिटी पुलिसिंग पर जोर दे रही है। लोगों को अधिक विश्वास में लेकर ऐसे लोगों पर नजर रखी जाएगी। रही बात किरायेदारों की जांच की तो उस पर भी काम चल रहा है।- एसएसपी सुनील गुप्ता, जम्मू

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