{"_id":"59802abb4f1c1b5b1a8b46b0","slug":"lashkar-commander-abu-dujana-wanted-to-visit-baba-gulam-shah-dargah","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"आतंकी अबु दुजाना की पहली ख्वाहिश, जो उसकी मौत से अधूरी रह गई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आतंकी अबु दुजाना की पहली ख्वाहिश, जो उसकी मौत से अधूरी रह गई
amarujala.com- Presented by: विकास जांगड़ा
Updated Wed, 02 Aug 2017 09:54 AM IST
विज्ञापन
अबु दुजाना, बाबा गुलाम शाह बड़शाह दरगाह
- फोटो : Amar Ujala
लश्कर के खूंखार आतंकी अबू कासिम के मारे जाने के बाद कश्मीर में लश्कर की कमान संभालने वाले अबू दुजाना की ख्वाहिश अधूरी रह गई। सेना की लिस्ट में मोटरवांटेड अबू दुजाना लश्कर की जिम्मेदारी की शुरुआत बाबा गुलाम शाह बडशा की दरगाह में माथा टेक कर करना चाहता था।
यूं कहें कि दुजाना दरगाह में माथा टेक कर आतंक फैलाना चाहता था।
यह दरगाह राजोरी जिले के थन्नामंडी में स्थित शहादरा शरीफ की है। वह पूरी कोशिश में था कि दरगाह तक पहुंचे, लेकिन अबू के आने की सूचना भारतीय खुफिया एजेंसियों के पास पहुंच गई थी, इसलिए वह वहां जा न पाया।
विज्ञापन
यूं कहें कि दुजाना दरगाह में माथा टेक कर आतंक फैलाना चाहता था।
यह दरगाह राजोरी जिले के थन्नामंडी में स्थित शहादरा शरीफ की है। वह पूरी कोशिश में था कि दरगाह तक पहुंचे, लेकिन अबू के आने की सूचना भारतीय खुफिया एजेंसियों के पास पहुंच गई थी, इसलिए वह वहां जा न पाया।
विज्ञापन
Trending Videos
कासिम के बाद दुजाना था लश्कर का बड़ा हथियार
कासिम के बाद दुजाना कश्मीर में लश्कर का सबसे बड़ा हथियार था। बताते चलें कि अबु दुजाना कश्मीर में अबू कासिम के बाद दूसरे नंबर पर था। अबू कासिम को कुछ दिन पहले भारतीय सुरक्षा बलों ने मारा गिराया था।
अबु कासिम कई हमलों में शामिल था। पीओके से घुसपैठ करके आने वाले आतंकियों को हमले करने के लिए मंजिल तक पहुंचाने में अबू कासिम ही मदद करता था।
अबु कासिम के मरने के बाद लश्कर ने अबू दुजाना को इसकी कमान सौंप दी। कुछ दिन पहले वह सेना के घेरे में फंस चुका था, लेकिन चकमा देकर फरार हो गया।
सूत्रों का कहना है कि अबु दुजाना इस समय सबसे ज्यादा शोपियां जिले में सक्रिय है। इस क्षेत्र में इस समय बर्फबारी हो चुकी है। शोपियां, पुंछ और राजोरी जिले एक साथ लगते हैं।
इसलिए इन तीनों क्षेत्रों में इसका आना-जाना है। सूत्रों का कहना है कि अबु कासिम का भी इन क्षेत्रों में आना-जाना था। वह भी शहादरा शरीफ में कई बार माथा टेक चुका था।
अबु कासिम कई हमलों में शामिल था। पीओके से घुसपैठ करके आने वाले आतंकियों को हमले करने के लिए मंजिल तक पहुंचाने में अबू कासिम ही मदद करता था।
अबु कासिम के मरने के बाद लश्कर ने अबू दुजाना को इसकी कमान सौंप दी। कुछ दिन पहले वह सेना के घेरे में फंस चुका था, लेकिन चकमा देकर फरार हो गया।
सूत्रों का कहना है कि अबु दुजाना इस समय सबसे ज्यादा शोपियां जिले में सक्रिय है। इस क्षेत्र में इस समय बर्फबारी हो चुकी है। शोपियां, पुंछ और राजोरी जिले एक साथ लगते हैं।
इसलिए इन तीनों क्षेत्रों में इसका आना-जाना है। सूत्रों का कहना है कि अबु कासिम का भी इन क्षेत्रों में आना-जाना था। वह भी शहादरा शरीफ में कई बार माथा टेक चुका था।