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स्कूल और शेड में टिकाने के बाद कोई नहीं ले रहा विस्थापित परिवारों की सुध

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सामान को बाहर रख कर रहने को मजबूर तलवाड़ा विस्थापित। - फोटो : REASI
रियासी। पहाड़ी से आए मलबे तथा पत्थरों के नीचे दबने से अपने आवास गवां चुके तलवाड़ा के विस्थापित अब सरकारी सहायता मिलने की आस लगाए बैठे हैं। सोमवार को चौथे दिन भी पीड़ित लोग सहायता के इंतजार में रहे, लेकिन कोई उनसे बात करने के लिए भी नहीं पहुंचा।
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कॉलोनी में बने एक सरकारी स्कूल, क्लब और शेड में पीड़ित परिवार दिन व रात गुजार रहे हैं। इस दौरान कोई भी चैन की नींद नहीं सो पा रहा है। सभी को अपने उजड़े आवासों का ध्यान है। साथ ही उन्हें अपने भविष्य की चिंता सता रही है। विस्थापित प्रीतम सिंह, ध्यान सिंह, काकू राम, नावेद सिंह ने कहा कि उनके परिवार अभी सुरक्षित स्थानों पर रह रहे हैं, लेकिन यहां उन्हें कब तक रखा जाएगा, कुछ नहीं पता। क्लब व स्कूल के एक कमरे और टीन के बड़े शेड के नीचे बच्चों साथ दिन गुजारे जा रहे हैं। यहां भेजकर किसी ने उनकी सुध नहीं ली।
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माइग्रेंट एक्शन कमेटी के प्रधान जगदेव सिंह के अनुसार विस्थापितों ने पहले भी अपने हक को सड़कों पर उतरकर प्राप्त किया है। अगर अब पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजा और स्थान नहीं दिया गया तो उन्हें दोबारा सड़कों पर उतरना पड़ेगा। तहसीलदार मुंशी राम के अनुसार तलवाड़ा के विस्थापितों को पहले से ही राशन व अन्य सुविधाओं के रूप में सहायता मिलती है। शुक्रवार को आई प्राकृतिक आपदा में उनकी क्या सहायता की जाए, इसके लिए बैठक होगी। इसमें जो फैसला होगा, उसे पूरा किया जाएगा।

तलवाड़ा में बने एक शेड़ की नीचे रह रहा विस्थापित परिवार।

तलवाड़ा में बने एक शेड़ की नीचे रह रहा विस्थापित परिवार।- फोटो : REASI

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