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पहाड़ दरकने से 30 मकान जमींदोज, मलबे में सामान दबा
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रियासी। जिले के ब्लॉक थुरु के गांव बासां में पूरा पहाड़ खिसक जाने से उसकी चपेट में आकर लगभग 30 कच्चे व पक्के मकान पूरी तरह जमींदोज हो गए हैं। समय रहते घरों से लोग बाहर निकल गए, लेकिन घरों में रखा उनका सामान मलबे में दब गया। पहाड़ में इतने बड़े पैमाने पर भूस्खलन से दहशत का माहौल बन गया है।
घटना रविवार दोपहर की है। बताया जाता है कि बासा के ग्रामीणों ने रविवार को पहाड़ दरकता देखा। इसके बाद इसके निचले हिस्से में रहने वाले लोगों को सूचना दी गई। आनन-फानन सभी घरों में रहने वाले लोग थोड़ा बहुत जरूरी सामान लेकर बाहर निकल गए। शाम को पहाड़ी से गिरे मलबे ने मकानों को अपनी चपेट में ले लिया। देर रात तक पहाड़ी से मलबा आता रहा, जिससे घर पूरी तरह दब गए। कई मकानों में दरार आई है जो गिरने की कगार पर हैं।
सोमवार सुबह प्रशासन और पुलिस पहुंची। उन्होंने मौके पर हुए नुकसान का जायजा लिया। पीड़ित लोग अन्य लोगों के घरों में शरण लिए हुए हैं। लोगों ने उनको जरूरी सुविधाएं उपलब्ध करवाने की मांग की है। लोगों के पास टेंट, आदि की सुविधा भी नहीं है। सभी में दहशत का माहौल बना हुआ है। प्रशासन ने लोगों को भूस्खलन वाले स्थानों से दूर रहने को कहा है। साथ ही नुकसान की सूची भी बनाई जा रही है। अधिकारी पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। नायब तहसीलदार वरुण शर्मा ने बताया कि करीब तीस घर तबाह हो गए हैं। समय पर गांव खाली कराने से जानी नुकसान नहीं हुआ है। प्रशासन नजर बनाए हुए है। लोगों से गांव में न जाने की अपील की गई है।
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घटना रविवार दोपहर की है। बताया जाता है कि बासा के ग्रामीणों ने रविवार को पहाड़ दरकता देखा। इसके बाद इसके निचले हिस्से में रहने वाले लोगों को सूचना दी गई। आनन-फानन सभी घरों में रहने वाले लोग थोड़ा बहुत जरूरी सामान लेकर बाहर निकल गए। शाम को पहाड़ी से गिरे मलबे ने मकानों को अपनी चपेट में ले लिया। देर रात तक पहाड़ी से मलबा आता रहा, जिससे घर पूरी तरह दब गए। कई मकानों में दरार आई है जो गिरने की कगार पर हैं।
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सोमवार सुबह प्रशासन और पुलिस पहुंची। उन्होंने मौके पर हुए नुकसान का जायजा लिया। पीड़ित लोग अन्य लोगों के घरों में शरण लिए हुए हैं। लोगों ने उनको जरूरी सुविधाएं उपलब्ध करवाने की मांग की है। लोगों के पास टेंट, आदि की सुविधा भी नहीं है। सभी में दहशत का माहौल बना हुआ है। प्रशासन ने लोगों को भूस्खलन वाले स्थानों से दूर रहने को कहा है। साथ ही नुकसान की सूची भी बनाई जा रही है। अधिकारी पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। नायब तहसीलदार वरुण शर्मा ने बताया कि करीब तीस घर तबाह हो गए हैं। समय पर गांव खाली कराने से जानी नुकसान नहीं हुआ है। प्रशासन नजर बनाए हुए है। लोगों से गांव में न जाने की अपील की गई है।

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