फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   Laddakh, GST Relaxation, Economic Condition Will Strong

Jammu News: जीएसटी सुधार लद्दाख की अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देगी, छोटे उद्यमियों को मिलेगी राहत

विज्ञापन
Laddakh, GST Relaxation, Economic Condition Will Strong
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

लेह। विभिन्न प्रकार के उत्पादों और सेवाओं पर हाल ही में की गई जीएसटी कटौती लद्दाख की समृद्ध अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देगी जिससे कारीगरों, किसानों और छोटे उद्यमों को राहत मिलेगी। ये सुधार मिलकर आजीविका सृजन, सांस्कृतिक संरक्षण और लद्दाख की अर्थव्यवस्था के सतत विकास में सहायक होंगे।
लद्दाख की अर्थव्यवस्था अपने अनूठे भूगोल, संस्कृति और शिल्प कौशल में गहराई से निहित है। हाल ही में किए गए जीएसटी सुधार लद्दाख की अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए पूरी तरह तैयार हैं जिसमें क्षेत्र के उच्च मूल्य वाले उत्पाद शामिल हैं जहां पारंपरिक आजीविकाएं उभरते पर्यावरण-अनुकूल उद्योगों के साथ घुल-मिल जाती हैं। उच्च गुणवत्ता वाले पश्मीना ऊन और खुबानी के बागों से लेकर जटिल थांगका चित्रों और सतत पर्यटन तक प्रत्येक क्षेत्र इस क्षेत्र के कौशल और विरासत को दर्शाता है।
विज्ञापन


जीएसटी में 12 प्रतिशत से पांच फीसदी की कटौती से आयातित या मशीन-निर्मित विकल्पों के मुकाबले प्रामाणिक लद्दाखी पश्मीना की प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ने की उम्मीद है। इससे स्थानीय चरवाहों और कारीगरों की आय स्थिरता में सुधार होगा और निर्यात वृद्धि की संभावना बढ़ेगी। लेह और कारगिल के हाथ से बुने ऊनी कपड़े और नमदा कालीन, लद्दाख की ऊनी शिल्पकला की समृद्ध परंपरा का प्रतिनिधित्व करते हैं जिसमें याक और भेड़ के ऊन का उपयोग रंगे और विशिष्ट वस्त्र बनाने के लिए किया जाता है। जीएसटी में कटौती से पारंपरिक हस्तशिल्प प्रथाओं के पुनरुद्धार को प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है। ऊन प्रसंस्करण और गलीचा निर्माण में लगे स्थानीय कारीगरों और सहकारी समितियों को महत्वपूर्ण लाभ मिलने की उम्मीद है।
विज्ञापन
विज्ञापन


लद्दाखी थंगका पेंटिंग जो अक्सर लेह, अलची और हेमिस के मठों में बनाई जाती हैं, पारंपरिक बौद्ध स्क्रॉल कलाकृतियां हैं जिनका उपयोग ध्यान और सजावट के लिए किया जाता है। जीएसटी में कटौती इन जटिल चित्रों को अधिक सुलभ और आर्थिक रूप से व्यवहार्य बनाती है जिससे लद्दाख की सांस्कृतिक विरासत के एक महत्वपूर्ण हिस्से को संरक्षित करने में मदद मिलती है।
इको-टूरिज्म और स्थानीय होमस्टे अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा

लेह, नुब्रा, पैंगोंग और कारगिल में स्थानीय पर्यटन और होमस्टे लद्दाख की सेवा अर्थव्यवस्था का समर्थन करते हैं, जिससे 25,000 से अधिक लोगों को सीधे रोजगार मिलता है। 7,500 प्रति रात्रि तक के होटल किराये पर जीएसटी की दर 12% से घटाकर 5% करने से यात्रा और आवास, विशेष रूप से व्यस्त पर्यटन सीजन के दौरान अधिक किफायती हो गए हैं। इससे इको-टूरिज्म और स्थानीय होमस्टे अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा।
खुबानी उत्पादन में लगे उद्यमों के विकास को प्रोत्साहन मिलेगा

लद्दाख भारत का सबसे बड़ा खुबानी उत्पादक है। कारगिल, लेह और नुब्रा घाटी इसके मुख्य उत्पादन केंद्र हैं। जीएसटी की दर घटने से खुबानी की खेती और प्रसंस्करण में लगे 6,000 से अधिक किसान परिवारों को लाभ होगा। इससे स्थानीय स्तर पर उत्पादित खुबानी और उनके मूल्यवर्धित उत्पादों, जैसे सूखी खुबानी, जैम और तेल, की प्रतिस्पर्धात्मकता में सुधार होने की उम्मीद है जिससे वे बाजार में अधिक व्यवहार्य बनेंगे। इससे बेहतर आय के अवसर उपलब्ध होंगे और खुबानी उत्पादन में लगे उद्यमों के विकास को प्रोत्साहन मिलेगा।

समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करेंगे

हाल ही में किए गए जीएसटी सुधार लद्दाख के पारंपरिक कारीगरों और किसानों को सशक्त बनाकर लद्दाख की अर्थव्यवस्था के लिए एक परिवर्तनकारी कदम हैं। पश्मीना बुनकरों और खुबानी उत्पादकों से लेकर सी बकथॉर्न प्रसंस्करणकर्ताओं और होमस्टे मालिकों तक हर क्षेत्र को कम लागत, बेहतर प्रतिस्पर्धात्मकता और अधिक आय के माध्यम से लाभ होगा। ये सुधार मिलकर लद्दाख की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed