फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   ladakh will have its own state police, jammu kashmir police will report to Lieutenant Governor

लद्दाख की अपनी होगी खाकी, जम्मू-कश्मीर पुलिस भी दिल्ली की तरह उप राज्यपाल को करेगी रिपोर्ट

Tue, 06 Aug 2019 05:23 PM IST
Pranjal Dixit न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू Published by: Pranjal Dixit Updated Tue, 06 Aug 2019 05:23 PM IST
विज्ञापन
ladakh will have its own state police, jammu kashmir police will report to Lieutenant Governor
जम्मू-कश्मीर पुलिस - फोटो : अमर उजाला

जम्मू कश्मीर की लड़ाई में लद्दाख खित्ते के साथ हमेशा ही भेदभाव होने की बात सामने आई है, लेकिन केंद्र शासित प्रदेश का दर्जा मिलने के बाद लद्दाख की अब कायाकल्प होगी। अब तक लद्दाख खित्ते की सुरक्षा व्यवस्था लेह और कारगिल जिलों के एसएसपी के पास रहती है।

विज्ञापन


जिनके ऊपर ओवरआल कमान जम्मू कश्मीर पुलिस की रहती है, लेकिन अब लद्दाख खित्ते की अपनी पुलिस होगी। हालांकि यह देखना होगा कि जम्मू कश्मीर पुलिस से ही लद्दाख पुलिस बनेगी या इसके लिए अलग से गठन होगा। 
विज्ञापन


ये भी पढ़ें: कैसे हैं जम्मू-कश्मीर के हालात, जानने के लिए देखें 12 तस्वीरें, साथ ही पढ़ें घाटी में घमासान की बातें
विज्ञापन
विज्ञापन


जिस तरह से जम्मू कश्मीर कैडर के आईपीएस अफसर होते हैं, उसी तरह से लद्दाख कैडर के आईपीएस अफसर भी होंगे। अब यह उपराज्यपाल तय करेंगे कि लद्दाख पुलिस की कमान किस स्तर के अधिकारी को दी जाती है।

वहीं, जम्मू कश्मीर पुलिस का मुखिया होना अपने आप में गर्व की बात है। अलग संविधान होने के चलते रियासत पुलिस के मुखिया का पद काफी महत्व रखता था, जिसके लिए कई आईपीएस अधिकारी जी तोड़ जुगाड़ लगाते हैं। 


ये भी पढ़ें: 70 साल बाद गुलामी की जंजीरों से आजाद हुए वेस्ट पाकिस्तानी रिफ्यूजी, मिलेगी नागरिकता

जाहिर सी बात है कि इसके लिए जम्मू कश्मीर के सीएम से सेटिंग भी होनी चाहिए, लेकिन अब न तो सेटिंग काम आएगी और न ही किसी डीजीपी को सीएम के आगे हाजिरी देनी पड़ेगी।

अब डीजीपी सीधे उप राज्यपाल को रिपोर्ट करेगा। जम्मू कश्मीर पुलिस केंद्रीय गृह विभाग के अधीन होगी। जिस पर जम्मू कश्मीर के सीएम का आदेश नहीं चलेगा। 

आईपीएस अधिकारियों की कमी होगी पूरी

जम्मू कश्मीर पुलिस में 85 के आसपास आईपीएस अफसर हैं। इनमें से 20 से अधिक डेपुटेशन लेकर अपने गृह क्षेत्रों या फिर मनपसंद स्थान पर नौकरी कर रहे हैं। अब केंद्र के हाथों में कमान होने से आईपीएस अधिकारियों को नेताओं से होने वाली सेटिंग का लाभ नहीं मिलेगा। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed