फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   Ladakh: Sonam Wangchuk take out Pashmina March on April 7 for full statehood sixth schedule

लद्दाख: पूर्ण राज्य का दर्जा, छठी अनुसूची के लिए सोनम वांगचुक ने सात अप्रैल को निकालेंगे पश्मीना मार्च

Thu, 04 Apr 2024 12:15 PM IST
kumar गुलशन कुमार अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू/लेह
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू/लेह Published by: kumar गुलशन कुमार Updated Thu, 04 Apr 2024 12:15 PM IST
सार

सोनम वांगचुक ने कहा कि पशमीना मार्च का उद्देश्य छठी अनुसूची के तहत सुरक्षा के अभाव के कारण चरवाहों और स्थानीय किसानों के सामने आने वाली चुनौतियों को सरकार के समक्ष लाना है।

विज्ञापन
Ladakh: Sonam Wangchuk take out Pashmina March on April 7 for full statehood sixth schedule
सोनम वांगचुक (फाइल) - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक ने सात अप्रैल को लद्दाख के चांगथांग क्षेत्र में पश्मीना मार्च निकालने की घोषणा की है। वांगचुक ने इस पहल को अपने यू-ट्यूब चैनल पर एक वीडियो के माध्यम से साझा किया। उनकी 21 दिनों की भूख हड़ताल 27 मार्च को समाप्त हुई थी। इसके बाद सोनम वांगचुक ने महिलाओं के एक समूह के साथ 10 दिनों की भूख हड़ताल शुरू की। 

विज्ञापन


वांगचुक खुद एक दिन के लिए इस विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए फिर शाम घाटी में अपने पैतृक गांव लौट आए और महात्मा गांधी के दांडी मार्च से प्रेरणा लेते हुए पश्मीना मार्च की शुरुआत की, जिसे सीमा मार्च का भी नाम दिया गया है। 
विज्ञापन


वांगचुक ने कहा, इस मार्च का उद्देश्य छठी अनुसूची के तहत सुरक्षा के अभाव के कारण चरवाहों और स्थानीय किसानों के सामने आने वाली चुनौतियों को सरकार के समक्ष लाना है। सौर ऊर्जा परियोजनाओं के लिए हजारों एकड़ भूमि का अतिक्रमण स्थानीय चरवाहों के लिए खतरा पैदा करता है जो उस भूमि को अपने बढ़िया पश्मीना के लिए जाने जाने वाले पशुओं के लिए चारागाह के रूप में उपयोग करते हैं। 
विज्ञापन
विज्ञापन


प्रतिष्ठित मैग्सेसे पुरस्कार से सम्मानित सोनम वांगचुक ने कहा कि इसके अलावा चीन द्वारा लद्दाख की हजारों एकड़ जमीन पर कब्जा करना चरवाहों के लिए एक गंभीर चिंता का विषय बना हुआ है। 

ऐसी परिस्थितियों में वांगचुक स्थानीय आजीविका की स्थिरता पर सवाल उठाते हैं - क्या उन्हें अपने पशुधन और जमीन बेचने के लिए मजबूर किया जाएगा, इस प्रक्रिया में वे मजदूर बन जाएंगे। वांगचुक ने पूरे भारत में लद्दाख के समर्थकों से विकास की आड़ में हो रहे विनाश की घटनाओं को उजागर करने की अपील की। 


वह उनके साथ एकजुटता व्यक्त करने के लिए उत्तर के शंकराचार्य का भी आभार व्यक्त करते हैं जो केंद्र सरकार से अपनी विशिष्ट पहचान और पर्यावरण को संरक्षित करते हुए लद्दाख में लोकतंत्र बहाल करने का आग्रह करते हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed