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लोकसभा चुनाव: लद्दाख में ताशी ग्यालसन भाजपा के उम्मीदवार घोषित, सांसद नामग्याल का टिकट कटा, जानें इतिहास

Tue, 23 Apr 2024 05:43 PM IST
kumar गुलशन कुमार अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू/लेह
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू/लेह Published by: kumar गुलशन कुमार Updated Tue, 23 Apr 2024 05:43 PM IST
सार

ताशी ग्यालसन को भाजपा ने लद्दाख लोकसभा सीट पर प्रत्याशी घोषित किया है। वर्तमान लद्दाख सांसद जामयांग सेरिंग नामग्याल को इस बार टिकट नहीं मिल पाया है। आईए जानते हैं इस खबर में लद्दाख लोकसभा चुनाव के बारे में विस्तार से....

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ladakh Lok Sabha Election: Tashi Gyalson announce as BJP candidate for Ladakh seat
ताशी ग्यालसन और जामयांग सेरिंग नामग्याल - फोटो : संवाद

भाजपा ने लद्दाख के सांसद जामयांग शेरिंग नामग्याल का टिकट काट दिया है। पार्टी ने मंगलवार को लद्दाख इकाई के पूर्व पार्टी महासचिव और लेह हिल काउंसिल के मौजूदा मुख्य कार्यकारी पार्षद ताशी ग्यालसन को केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख से अपना उम्मीदवार घोषित किया है। नामग्याल का टिकट कटने के बाद उनके समर्थक कुछ नेता पार्टी छोड़ने पर विचार कर रहे हैं। पार्टी में विरोध को देखते हुए वर्तमान सांसद का टिकट काटा गया है।



पेशे से वकील ग्यालसन लिंगशेड निर्वाचन क्षेत्र से पार्षद हैं और 2020 में उन्हें छठी लद्दाख स्वायत्त पहाड़ी विकास परिषद (एलएएचडीसी) लेह के अध्यक्ष और मुख्य कार्यकारी पार्षद के रूप में चुना गया था। पूर्ववर्ती जम्मू-कश्मीर राज्य में वह पीडीपी के सदस्य थे। भाजपा-पीडीपी गठबंधन सरकार गिरने के बाद वह भाजपा में शामिल हो गए। भाजपा में शामिल होने के कुछ समय बाद ही उन्हें पार्टी का महासचिव बना दिया गया।

कार्यकर्ताओं के एक वर्ग में नाराजगी

सूत्रों का कहना है कि नामग्याल का टिकट कटने और ताशी को टिकट मिलने से भाजपा कार्यकर्ताओं के एक वर्ग में नाराजगी भी है। इनका मानना है कि ताशी हाल ही में भाजपा में शामिल हुए और उन्हें इतनी तवज्जो दी जा रही है। ऐसे लोग नामग्याल के समर्थक हैं जो उन्हें निर्दलीय चुनाव लड़ने की वकालत कर रहे हैं। लेह इकाई के एक पदाधिकारी ने कहा कि पार्टी को कारगिल में पहले से ही जमीन पर नाराजगी का सामना करना पड़ रहा है और उम्मीदवार बदलने से भाजपा को सीट बरकरार रखने में दिक्कत आ सकती है। कारगिल और लेह दोनों में पार्टी के खिलाफ भावना है।
 

ladakh Lok Sabha Election: Tashi Gyalson announce as BJP candidate for Ladakh seat
Nimmu-Padam-Darcha Road - फोटो : X/@drajaffer

नामग्याल सीट न मिलने से मुखर

मौजूदा सांसद जामयांग शेरिंग नामग्याल ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट पर पार्टी के इस निर्णय के खिलाफ खासी नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने कहा कि पार्टी की तरफ से उन्हें विश्वास में नहीं लिया गया।

छठी अनुसूची को लेकर भाजपा को झेलना पड़ रहा विरोध

2014 और 2019 में लद्दाख लोकसभा सीट जीतने वाली भाजपा छठी अनुसूची के कार्यान्वयन की मांग को लेकर व्यापक विरोध के बाद यूटी में मुश्किल स्थिति में है। निवासियों और राजनीतिक संगठनों का एक वर्ग पारिस्थितिक और रणनीतिक रूप से संवेदनशील क्षेत्र में भूमि, भाषा और नौकरियों की रक्षा के लिए कानून की मांग कर रहा है। 

वर्तमान में लद्दाख में दो स्वायत्त जिला परिषदें हैं जिनके पास आर्थिक विकास, स्वास्थ्य देखभाल, शिक्षा, भूमि उपयोग, कराधान और स्थानीय शासन के संबंध में निर्णय लेने का अधिकार है। हालांकि, स्थानीय निवासी अनुच्छेद 244 के तहत छठी अनुसूची पर जोर दे रहे हैं, जो स्वायत्त विकास परिषदों को जनजातीय आबादी की रक्षा और स्वायत्तता प्रदान करने के लिए भूमि, सार्वजनिक स्वास्थ्य और कृषि पर कानून बनाने की अनुमति देता है। विधानसभा के साथ राज्य का दर्जा बहाल करने की भी मांग है।

लद्दाख सीट का इतिहास कैसा रहा है 

1967 से अब तक हुए चुनाव में छह बार कांग्रेस, दो बार नेकां, तीन बार निर्दल तथा दो बार ही भाजपा जीती है। भाजपा यहां 2014 से जीत रही है, जबकि कांग्रेस ने आखिरी बार 1996 में यहां जीत हासिल की थी। 1998 व 1999 में नेकां को जीत मिली थी, लेकिन बाद के दो चुनाव 2004 व 2009 में निर्दलीय संसद तक पहुंचे थे।

ladakh Lok Sabha Election: Tashi Gyalson announce as BJP candidate for Ladakh seat
ladakh election - फोटो : अमर उजाला

नेकां ने इस बार कांग्रेस के लिए छोड़ी सीट

मौजूदा लोकसभा चुनाव में भी नेशनल कॉन्फ्रेंस (नेकां) ने समझौते के तहत कांग्रेस के लिए यह सीट छोड़ दी है। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में कांग्रेस-नेकां मिलकर चुनाव लड़ रहे हैं। जम्मू और लद्दाख में कांग्रेस के खाते में और कश्मीर की तीन सीट नेकां के हिस्से में दी गई है। लद्दाख सीट पर मतदान पांचवे चरण में 20 मई को होना है।

आंदोलन के चलते तीसरा मोर्चा भी ले रहा आकार

राज्य के दर्जे तथा छठी अनुसूची में शामिल करने की मांग को लेकर आंदोलनरत लेह एपेक्स बॉडी (एलएबी) और कारगिल डेमोक्रेटिक अलायंस (केडीए) संयुक्त रूप से मैदान में उतरने की तैयारी में है। सोनम वांगचुक के नेतृत्व में राज्य के दर्जे के लिए अनशन करने वालों तथा एलएबी और केडीए की ओर से चुनाव में संयुक्त प्रत्याशी उतारने पर विचार चल रहा है ताकि वह अपनी बात संसद में मजबूती के साथ रख सकें।

इसके लिए उनके बीच प्रत्याशी को लेकर विचार शुरू हो गया है। सूत्रों का कहना है कि सज्जाद कारगिली, कारगिल हिल कौंसिल के सीईसी डॉ. आखून के नामों पर मंथन किया गया है। हालांकि, इस पर अभी कोई ठोस फैसला नहीं हो सका है।

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ladakh Lok Sabha Election: Tashi Gyalson announce as BJP candidate for Ladakh seat
सोनम वांगचुक (फाइल) - फोटो : एजेंसी

कारगिल और लेह से मिलकर बना है लद्दाख

2019 में जम्मू कश्मीर से अलग कर लद्दाख को केंद्र शासित प्रदेश बनाया गया है। लद्दाख में दो जिले हैं, कारगिल और लेह। दोनों जिलों में एक-एक लद्दाख पहाड़ी स्वायत्त विकास परिषद (एलएएचडीसी) हैं। इनमें से एलएएचडीसी लेह पर भाजपा का दबदबा और एलएएचडीसी कारगिल पर नेशनल कॉन्फ्रेंस (नेकां) का कब्जा है।

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लद्दाख में प्रदर्शन (फाइल) - फोटो : एजेंसी

लद्दाख सीट पर में कुल मतदाता हैं- 1,84,268

  • महिला मतदाता 91826
  • पुरुष मतदाता 92442
  • वरिष्ठ मतदाता 1570
  • युवा मतदाता 7462
  • दिव्यांग मतदाता 1123
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