लद्दाख: गृह मंत्रालय के साथ लद्दाखी प्रतिनिधियों की बैठक, विशेष दर्जा, दो लोस सीटों और लोकसेवा आयोग पर चर्चा
बैठक के बाद लेह एपेक्स बॉडी और कारगिल डेमोक्रेटिक अलायंस ने संयुक्त बयान जारी कर उपसमिति के गठन का जानकारी दी। साथ ही उप समिति में शामिल होने वाले प्रतिनिधियों का नाम सार्वजनिक किए।
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लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा, छठी अनुसूची में शामिल करने सहित चार सूत्री मांगों को लेकर आंदोलनरत लेह एपेक्स बॉडी (एलएबी) और कारगिल डेमोक्रेटिक अलायंस (केडीए) का प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को गृह मंत्रालय में उच्च स्तरीय बैठक में शामिल हुआ। बैठक की अध्यक्षता गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय की। बैठक में मांगों पर आगामी चर्चा के लिए उप-समिति का गठन करने का फैसला लिया गया।
बैठक के बाद लेह एपेक्स बॉडी और कारगिल डेमोक्रेटिक अलायंस ने संयुक्त बयान जारी कर उपसमिति के गठन का जानकारी दी। साथ ही उप समिति में शामिल होने वाले प्रतिनिधियों का नाम सार्वजनिक किए।
बयान में कहा गया कि उनकी मुख्य मांगों पर विस्तृत चर्चा करने का निर्णय लिया गया। लद्दाख के लिए राज्य का दर्जा, संविधान की छठी अनुसूची में लद्दाख को शामिल करना और लद्दाख के लिए विशेष लोक सेवा आयोग का गठन करने को लेकर अगली बैठक 24 फरवरी (शनिवार) को होगी।
बैठक में यह निर्णय लिया गया कि मुद्दों के विवरण पर विचार करने की कवायद को आगे बढ़ाने के लिए संयुक्त उप-समिति का गठन किया जाएगा। ऐसे में केडीए और एलएबी ने तीन-तीन सदस्यों के साथ एक उप-समिति का गठन किया।
इसमें लेह एपेक्स बॉडी से थुपस्तान छेवांग, चेरिंग दोरजय लाक्रूक और नवांग रिगजिन जोरा शामिल होंगे। वहीं कारगिल डेमोक्रेटिक अलायंस से कमर अली अखून, असगर अली करबलाई और सज्जाद कारगिली शामिल होंगे। केंद्रीय गृह सचिव अजय कुमार भल्ला को उप-समिति के सदस्यों के नामों की जानकारी दी गई है।
बयान में आगे कहा गया कि उप-समिति के सभी सदस्य दिल्ली में हैं और अगली बैठक में सार्थक चर्चा की उम्मीद की है। उन्होंने यह भी बताया कि महत्वपूर्ण घटनाक्रम को देखते हुए 20 फरवरी से भूख हड़ताल पर जाने की अपनी योजना को फिलहाल स्थगित कर दिया गया है।
A meeting of the leaders of the Apex Body of Leh and the Kargil Democratic Alliance, Kargil, with the high-powered committee ofthe Union Home Ministry was held at the North Block today.
— Sajjad Kargili | سجاد کرگلی (@SajjadKargili_) February 19, 2024
The meeting decided to discuss threadbare our main demands: Statehood for Ladakh, inclusion of… pic.twitter.com/oN6A9CeR9d