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दूसरों का इलाज करने वाला खुद बीमार!

Wed, 06 Aug 2014 05:29 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, कठुआ
ब्यूरो/अमर उजाला, कठुआ Updated Wed, 06 Aug 2014 05:29 PM IST
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Lack of facilities in phc jogwan

बीएमओ पलांवाला के अधीन चल रही पीएचसी जोगवां में सुविधाओं का टोटा है। मंगलवार को वहां मरीजों को दी जाने वाली दवा भी एक्सपायरी डेट की मिली।

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इसका पता तब चला, जब केंद्र की जांच पड़ताल की गई। इससे साफ है कि पीएचसी में पहुंचने वाले मरीजों के प्रति कितनी गंभीरता बरती जाती है।

खौड़ की पहाड़ी और कंडी क्षेत्र की तीन पंचायतें बट्टल, बल्डो और पंचायत नाथल के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए बनाई गई पीएचसी खुद बीमार चल रही है।
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पीएचसी में लोगों को बेहतर इलाज नहीं मिल पा रहा है। यहां तैनात दो डाक्टरों सहित कुल नौ स्टाफ था। जो एनएचआरएम के तहत लगाए गए हैं, वह अलग से हैं।

एमओ मात्र तीन घंटे ही रहता है अस्पताल में

Lack of facilities in phc jogwan

स्थानीय लोगों के मुताबिक उन्हें पीएचसी में कुल दो लोग ही मिलते हैं। लोगों के अनुसार डाक्टर जो एमओ हैं, मात्र तीन घंटे ही बैठते हैं। वह सुबह साढे़ नौ बजे आते हैं और साढ़े बारह बजे वापस चले जाते हैं।

मंगलवार को जब पीएचसी की पड़ताल की गई, तो उस समय लगभग साढ़े बारह बजे होंगे। तब पीएचसी में दो ही लोग थे। कुछ मरीज भी थे।

स्टाल से मरीजों को दी जाने वाली दवाओं को चेक किया, तो उसमें एक दवा जो बच्चों के दस्त आदि की शिकायत पर दी जाती है, वह पिछले तीन माह से एक्सपायर निकली। इस बाबत पीएचसी में मौजूद मुलाजिम से पूछा गया, तो वह कोई जवाब नहीं दे पाया।

वहीं पंच सुषमा देवी, निमो देवी, कस्तूरी लाल आदि ने बताया कि इस पीएचसी से कोई लाभ नहीं मिल रहा है। क्षेत्र में लोग दूरदराज स्थानों पर रहते हैं। मरीज यहां काफी मुश्किल से पहुंचते हैं, लेकिन डॉक्टर के नहीं पहुंचने से उन्हें निराशा होती है।

एक्सपायरी डेट की दवा मिली

Lack of facilities in phc jogwan

इसके बाद लोगों को पलांवाला का रुख करना पड़ता है, जो 20 किलोमीटर दूर है। एंबुलेंस का ड्राईवर तक मौके पर नहीं मिलता। उसे फोन पर बुलाना पड़ता है। अगर फोन लग गया तो ठीक, नहीं तो मरीज को चारपाई पर ले जाना पड़ता है।

स्टाल से एक्सपायरी डेट की दवा मिलने के संबंध में बीएमओ पलांवाला आरएस मन्हास से पूछा गया, तो उन्होंने बताया कि यह दवा आयुर्वेदिक है। वहीं बीएमओ के आफिस में डा. मोहम्मद लतीफ भी थे।

बीएमओ ने बताया कि डा. लतीफ अभी-अभी पीएचसी जोगवां से यहां पर पहुंचे हैं, जबकि डाक्टर लतीफ ने बताया था कि मैं तीन दिन पहले पीएचसी जोगवां में गया था।

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